कीटो डाइट क्या है ? - What Is Kito Diet ?

कीटो डाइट क्या है ? – What Is Kito Diet ?

आयुर्वेद

अगर आप थोड़े ज्यादा मोटे है या आपका वजन ज्यादा है, जिसे कम करने के लिए आपने बहुत कोशिशे की होगीं कई सारी डाइट को भी अपनाया होगा | इन कठिन डाइट को प्रयोग करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं मिला है तो परेशान ना हो आजकल एक कीटो डाइट के नाम से एक डाइट बहुत ज्यादा प्रचलित हो रही है | हॉलीवुड से बॉलीवुड तक के कई सितारे जैसे हेले बेरी, कर्टनी कर्दशियाँ, कारण जौहर और हुमा कुरैशी आदि इस कीटो डाइट का प्रयोग करते है |


यह डाइट वजन घटाने के लिए बहुत असरदार है, इसमें में लो कार्बोहाइड्रेट और हाई फैट बाले भोजन का प्रयोग किया जाता है जिससे शरीर को किटोसिस की अवस्था में लाया जा सके | किटोसिस मानव शरीर की एक ऐसी अवस्था होती है जिसमे शरीर में फैट को टुकडो में तोड़कर उसे एनर्जी के रूप में प्रयोग करने के क्षमता आती है | अगर आप भी वजन कम करने के लिए इस डाइट का प्रयोग करना चाहते है तो सबसे जरुरी होता है की आपको ये पता होना चाहिए की कीटो डाइट क्या है, कौन कीटो डाइट का प्रयोग कर सकता है, कौन से भोजन प्रयोग किये जाते, इससे होने बाले फायदे, नुकसान और कीटो डाइट इतनी ज्यादा क्यों लोकप्रिय हो रही है | तो आइये कीटो डाइट के बारे में विस्तार से जानते है –

कीटो डाइट क्या है ?

अगर आप वजन कम करने के लिए कीटो डाइट का प्रयोग करना चाहते है तो इसके लिए आपको अपने भोजन में प्रतिदिन लगभग 20 से 50 ग्राम तक कार्बोहाइड्रेट का प्रयोग करना होता है | वजन घटाने के लिए इस डाइट में लो कार्बोहाइड्रेट और हाई फैट वाले केटोजेनिक भोजन का प्रयोग किया जाता है, जिसके कारण शरीर एनर्जी लेने के लिए ब्लड ग्लूकोस को न तोड़कर फैट को तोड़कर एनर्जी प्राप्त करता है |

इस डाइट में लो कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन का प्रयोग किया जाता है जिससे जिससे शरीर में किटोसिस की अवस्था उत्पन्न हो जाती है जो की एक प्राक्रतिक अवस्था होती है ये शरीर में भोजन की मात्रा कम हो जाने पर भी शरीर को चलाने में मदद करता है | किटोसिस की अवस्था में शरीर कीटोन्स को उत्पन्न करने लगता है जो लीवर में फैट के बर्न होने से उत्पन्न होते हैं | “कीटो डाइट को प्रयोग करने का मुख्य उद्देश्य शरीर में किटोसिस की प्रक्रिया को शुरू करना है ना की शरीर को खाने से दूर रखना” |

कीटो डाइट इतना लोकप्रिय क्यों है ?

कीटो डाइट के लोकप्रिय होने का सबसे प्रमुख कारण यह है की कीटो डाइट को प्रयोग करके बहुत ही तेज़ी से आसानी से वजन को घटाया जा सकता है | वजन कम करने के साथ साथ इस डाइट के और कई स्वस्थ से जुड़े फायदे होते है | आमतौर पर जिन लोगो ने इस डाइट का प्रयोग किया है, उन्होंने सिर्फ तीन महीने में 12 से 14 किलो तक वजन कम किया है | वैसे तो इस डाइट के नुकसान ना के बराबर होते है मगर फिर भी हमेशा उसी डाइट को प्रयोग करना चाहिए जो आपके शरीर के लिए फायदेमंद हों |

कीटो डाइट का प्रयोग कौन कर सकता है ?

हमारी डाइट एक्सपर्ट बताते है की कीटो डाइट का प्रयोग उन लोगो को करना चाहिए जिनका वजन बहुत ज्यादा अधिक होता है | इस डाइट को प्रयोग करने की सलाह सिर्फ उन लोगो को दी जाती है जिन लोगो का वजन 100 किलोग्राम से अधिक होता है या फिर जिन्हें अत्याधिक वजन की वजह से कई स्वास्थ की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है | यह डाइट शरीर से फैट और सुजन को कम करती है | जिन लोगो का वजन 100 किलोग्राम से कम है उन लोगों को अपने विशेषज्ञों की सलाह से ही इस डाइट का प्रयोग करना चाहिए |

कीटो डाइट में कौन से भोजन करें शामिल ?

कीटो डाइट में लो कार्बोहाइड्रेट और हाई फैट वाले भोजनों को ही शामिल किया जाता है | हाई फैट वाले भोजनों में जैसे शुद्ध देशी घी, पनीर, मूंगफली का तेल, नारियल का तेल आदि | इन सबके साथ कम कार्ब बाली सब्जियां, सीफ़ूड, मीट और पोल्ट्री, एवोकाडो, प्लेन ग्रीक योगर्ट, अंडे, बेरीज, नट्स आदि का प्रयोग लाभदायक होता है |

क्या कीटो डाइट में कोई कमी होती है ?

कीटो डाइट शरीर से बहुत ही तेजी से वजन को कम करने में मदद करती है मगर इस डाइट में सबसे बड़ी कमी होती है की यह डाइट बहुत ही उबाऊ होती है जिसकी वजह से कई लोग इसे बीच में ही छोड़ देते है | इस डाइट के उबाउपन से बचने के लिए चक्रीय कीटो डाइट का प्रयोग लाभदायक होता है | चक्रीय कीटो डाइट उबाउपन को दूर करने के साथ साथ यह शरीर को लाभकारी पोषक तत्वों से दूर होने से भी बचाता है | इस डाइट को प्रयोग करते समय हम शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व ग्रहण नहीं कर पाते है जिससे हमारे शरीर को इसकी आदत हो जाती है | जिसकी वजह से हमारा शरीर कर्व्स को ग्रहण नही करता है इसलिये चक्रीय कीटो डाइट ज्यादा लाभदायक मानी जाती है |

कीटो डाइट के प्रयोग में रखे ये सावधानियाँ

अगर आप वजन कम करने के लिए कीटो डाइट का प्रयोग करना चाहते है तो आपको अपनी प्रतिदिन की डाइट में कार्ब्स को 15 से 20%, 30% प्रोटीन और 70% तक वसा का प्रयोग करना चाहिए | इस डाइट में कर्ब्स को सबसे कम, प्रोटीन को मध्यम और वसा को अधिकतम मात्रा में प्रयोग किया जाता है | इस डाइट में दलहन और अनाज के प्रयोग से बचना चाहिए और कोई भी दाल नहीं खानी चाहिए मगर कुछ बींस और लो कर्ब्स बाली सब्जियों को प्रयोग किया जा सकता हैं | कीटो डाइट में उन पदार्थों को प्रयोग करना लाभदायक होता है जिनमे प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है जैसे – कद्दू, बैंगन, पत्तेदार सब्जियां और मटन, चिकन, मछली और अंडे भी प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत होते है इनका प्रयोग लाभकारी होता है |

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