वेरिकोज वेन्स – Varicose Veins Treatment In Hindi

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Varicose Veins Treatment In Hindi

बढ़ी हुई नसों को ही वेरिकोज वेन्स कहते हैं। मनुष्य के शरीर की कोई भी नस वेरिकोज वेन्स हो सकती है लेकिन जो सबसे ज्यादा प्रभावित नस होती हैं वो पैरों या फिर पैरों के पंजों में होती हैं।

दोस्तों, जो पैर की नस में वाल्व मौजूद होते हैं वो खून को पैरों से ऊपर हृदय में ले जाते हैं। परंतु जब ये वॉल्व खराब हो जाते हैं तो खून सही से ऊपर नहीं चढ़ पाता है और वहीं पैरों में ही जमा हो जाता है। इसी की वजह से पैरों की नसें कमज़ोर हो जातीं हैं और फैलने लगतीं हैं या फिर मुड़ जाती हैं। जिसकी वजह से पैरों में दर्द, सूजन, बेचैनी, भारीपन और खुजली होने लगती है। इन्हीं सूजी और मुड़ी हुई नसों को स्पाइडर वेन्स भी कहा जाता है।

ये समस्या कभीकभी सामान्य होती है पर कभीकभी इसकी वजह से लोगों को बेहद दर्द का सामना करना पड़ जाता है। जिसकी वजह से व्यक्तियों को सुविधा भी हो सकती है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर नसों को बंद कर देते हैं या फिर निकाल देते हैं।

जाने वेरिकोज वेन्स के प्रकार के बारे में 

दोस्तों, आप सभी ने ये तो जान ही लिया कि आखिर वेरिकोज वेन्स बीमारी होती क्या है। चलिए अब हम आपको उसके प्रकार के बारे में बताते हैं। वेरिकोज वेन्स के जो प्रकार होते हैं वो होते हैं चार।

1.मध्यम प्रकार

  1. गम्भीर प्रकार
  2. गर्भावस्था से सम्बंधित प्रकार
  3. स्पाइडर वेन्स
  • मध्यम प्रकारअसल में इस प्रकार की वेरिकोज वेन्स में त्वचा के नीचे बड़े और नीले रंग के उभार होते हैं। इस प्रकार की वेन्स में रक्त का प्रवाह नहीं होता है और जो रक्त होता है वो दिल मे जाने की जगह शिराओं में एकत्रित हो जाता है।
  • गम्भीर प्रकारजब मध्यम प्रकार की वेन्स का इलाज नहीं किया जाता है तो वो बढ़कर एक गम्भीर रूप ले लेतीं हैं और उसी को गम्भीर प्रकार कहते हैं।
  • गर्भावस्था से सम्बंधित प्रकारजब महिला गर्भवती होती है तो उसके शरीर में ज्यादा रक्त का उत्पादन होता है और वो रक्त वाहिकाओं पर प्रभाव डालता है जिसकी वजह से वेरिकोज वेन्स की समस्या हो जाती है।
  • स्पाइडर वेन्सये आमतौर पर एक कॉस्मेटिक समस्या होती है जिसका इलाज आसानी से किया जा सकता है।

जाने वेरिकोज वेन्स के कारणके बारे में 

वेरिकोज वेन्स के लिए दो कारण मुख्य हैं

  1. गर्भावस्था
  2. उम्र
  3. आनुवांशिकता
  4. लिंग
  5. मोटापा
  • गर्भावस्थागर्भावस्था के दौरान अधिक रक्त का उत्पादन होता है लेकिन पैरों की श्रोडी की तरफ का जो रक्त प्रवाह होता है वो घटने लगता है।
  • उम्रबढ़ती उम्र भी इसका एक मुख्य कारण है क्योंकि उम्र बढ़ने की वजह से शरीर में लचीलापन आता और उनमें खिंचाव पड़ सकता है।
  • आनुवंशिकताअगर परिवार में पहले किसी को ये बीमारी हुई रहती है तो अन्य व्यक्तियों को भी इसके होने की अधिक संभावना होती है।
  • लिंगपुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ये रोग जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है।
  • मोटापाअधिक मोटापा होने की वजह से व्यक्तियों की नसों पर दबाव पड़ता है जिससे इस बीमारी का खतरा थोड़ा  बढ़ जाता है।

जाने वेरिकोज वेन्स से बचाव के उपाय के बारे में 

वेरिकोज वेन्स को पूरी तरह रोकना तो संभव नहीं है पर इससे बचाव किया जा सकता है जिससे इसको रोकने में थोड़ी सहायता मिल सकती है और वो बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं

  • बैठने और खड़े होने की अवस्था को बदलते रहें।
  • नियमित वयायाम करें।
  • मुलायम जूतों का इस्तेमाल करें, हील आदि को पहनने से बचें।
  • नमक ज्यादा खाएं और फाइबर की मात्रा को भोजन में बढ़ाएं।
  • अपने पैरों को ऊपर उठाना।
  • मोटापा बढ़ने पर नियंत्रण रखें।

कैसे होता है वेरिकोस वेन्स का इलाज

वेरिकोज वेन्स का इलाज वैसे तो जीवनशैली को बदलने से भी किया जाता है पर अगर जीवनशैली के बदलने के बाद भी व्यक्ति को कोई फर्क नज़र नहीं आता है तो डॉक्टर वेरिकोज वेन्स का इलाज करते हैं। उस के इलाज में निम्नलिखित चीज़ें शामिल हैं

  • स्क्लेरोथेरेपीइसमें एक बड़ी नस को इंजेक्शन का उपयोग करके अवरुद्ध किया जाता है।
  • माइक्रोस्क्लेरियोथेरेपीइसमें एक तरल रसायनिक इंजेक्शन का उपयोग करके छोटी नसों को अवरुद्ध किया जाता है।
  • लेज़र सर्जरीइसमें हल्की ऊर्जा का इस्तेमाल कर के एक हल्की नस को अवरुद्ध किया जाता है।
  • एंडोस्कोपिक वेन सर्जरीइसमें एक छोटे से चीरे के माध्यम से डाले गए औजार का इस्तेमाल करके नस को अवरुद्ध किया जाता है।
  • एंडोवीनस एबलेसन थेरेपीइस थेरेपी में रेडियो तरंगों का उपयोग करके नस को अवरुद्ध किया जाता है।
  • कम्प्रेशनएक दबाव वाले मोजों को पहनने से पैरों पर पर्याप्त दबाव बनता है जिसकी वजह से रक्त बहुत आसानी से दिल तक पहुंच जाता है।
  • सर्जरीयदि व्यक्ति की वेरिकोज वेन्स में अधिक दर्द हो रहा है जिसकी वजह से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है तो ऐसे में डॉक्टर इसकी सर्जरी करते हैं। जिससे पीड़ित व्यक्ति की त्वचा से वेरिकोज वेन्स की नस को काट दिया जाता है और चीर के माध्यम से निकाल लिया जाता है।

वेरिकोज वेन्स के लिए घरेलू इलाज

वेरिकोज वेन्स को कुछ घरेलू उपायों का उपयोग करके कम किया जा सकता है और वो घरेलू उपाय निम्न हैं

  • अखरोटरक्त वाहिकाओं को मज़बूत बनाने अखरोट सबसे ज्यादा गुणकारी होता है इसीलिए इसका उपयोग करके वेरिकोज वेन्स के लक्षणों को बहुत ही आसानी से कम किया जा सकता है। बस व्यक्ति को इतना करना है कि वो अखरोट के तेल में किसी साफ कपड़े को डुबोकर प्रभावित स्थान पर लगाए।
  • लहसुनलहसुन को तो वैसे भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इससे सूजन और वेरिकोज वेन्स के जो लक्षण हैं उन्हें बड़ी ही आसानी से कम किया जा सकता है। छः लहसुन की कलियां लें और उसमें तीन संतरे के रस को मिलाएं इसके बाद उसमें जैतून के तेल को भी मिला लें। फिर तैयार किये गए मिश्रण को बारह घण्टे के लिए कहीं रख दें। उसके बाद मिश्रण को प्रभावित जगहों पर सूती कपड़े से लगाएं और उसे रातभर वहीं छोड़ दें। इससे व्यक्ति को बहुत लाभ मिलेगा।
  • लाल शिमला मिर्चवेरिकोज वेन्स के इलाज में लाल शिमला मिर्च एक चमत्कार की तरह होता है। गर्म पानी में एक चम्मच लाल शिमला मिर्च के पाऊडर को मिलाकर उसे प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • जैतून का तेलजैतून के तेल को गर्म कर लें, फिर उस तेल से प्रभावित जगहों पर मालिश करें। इससे व्यक्ति को बहुत ही जल्द आराम मिलेगा।

 

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