वैजिनल ब्लीडिंग या माहवारी – Vaginal Bleeding Treatment In Hindi

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वैजिनल ब्लीडिंग

एक औरत होने की वजह से हर महीने ब्लीडिंग होना कोई नई बात नहीं है। ऐसा इसीलिए क्योंकि महिलाओं में मासिक धर्म हर महीने आता है। मासिक धर्म को माहवारी के नाम से भी जाना जाता है। ये महिलाओं में होना वाला मासिक रक्तस्राव होता है।

अगर मासिक धर्म से अलग हटके के भी महिलाओं को ब्लीडिंग होती है तो वो सामान्य बात नहीं है। असामान्य रक्तस्त्राव जो होता है वो आमतौर पर माहवारी के समय होनेवाले रक्तस्त्राव से काफी अलग होता है। ये मासिक धर्म के बीच में हो सकता है। और अधिक समय के लिए भी हो सकता है। जोकि घातक भी हो सकता है। महिलाओं में योनि एक ऐसा हिस्सा होता है जिसके बारे में बात करने से महिलाएं बहुत झिझकती हैं। पर ऐसा करना ठीक नहीं है क्योंकि अंदर ही अंदर समस्या बढ़ती जाती है और फिर वो महिलाओं के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव डालती है।

दोस्तों, आज हम आपको बताएंगे वैजिनल ब्लीडिंग के बारे में। केवल मासिक धर्म के वक़्त ही नहीं होती इसके और भी कई कारण हो सकते हैं जैसे- संक्रमण, रजोनिवृत्ति, किसी प्रकार की चोट या फिर हार्मोन में परिवर्तन आदि।

वैजिनल ब्लीडिंग होने के कुछ प्रमुख्य कारण

इसके कुछ कारणों को हम आपसे बताने जा रहे हैं जो निम्नलिखित हैं।

मासिक धर्म के समय हार्मोन में परिवर्तन

जब अंडाशय से अंडा निकलता है तब महिलाओं को रक्तस्त्राव जैसा महसूस होता है और ये जो होता है ये मासिक धर्म के बाद 14 दिन पे होता है। यानि कि मासिक धर्म शुरू होने के आधे समय पर। जोकि ये एक आम बात है। इसके अलावा महिलाओं में एस्ट्रोजन के कम स्तर की वजह से हॉर्मोन में परिवर्तन होता है जिसकी वजह से रक्तस्त्राव होता है पर वो हानिकारक नहीं होता है। वैसा खान पान में बदलाव या फिर तनाव की वजह से होता है। ऐसी स्तिथि में महिलाएं डॉक्टर से मिलकर सलाह ले सकतीं हैं।

मसिक धर्म के दौरान गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल

अगर महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं तो हॉर्मोन में परिवर्तन होने की वजह से उनमें रक्तस्राव हो सकता है और गर्भनिरोधक लेने के 6 महीने बाद रक्तस्त्राव सामान्य रूप में आ जाता है। पर इसके बाद भी अगर महिला को रक्तस्राव मासिक चक्र से अलग हटके हो रहा है तो उन्हें डॉक्टर की सलाह की ज़रूरत है।

  • गर्भाशय में रसौली की में वृध्दि होने की वजह से।
  • अंडाशय कैंसर या फिर गर्भाशय कैंसर की वजह से।
  • रजोनिवृत्ति के बाद वैजिनल ब्लीडिंग- रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्त्राव का होना हॉर्मोनल चेंज की वजह से हो जाता है। पर कभी-कभी ये सामान्य नहीं होता है इसीलिए एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

सेक्स के बाद वैजिनल ब्लीडिंग क्यों होती है

सेक्स के बाद वैजिनल ब्लीडिंग के भी कई कारण हो सकते हैं

  • योनि में चोट लगने से।
  • गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में परिवर्तन की वजह से।
  • कुछ संक्रमण की वजह से जैसे क्लैमाइडिया।
  • जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं उनके सर्विक्स में सूजन आ जाती है इसलिए भी सेक्स के बाद उनमे रक्तस्राव हो जाता है।
  • गर्भाशय में रसौली की वजह से।

गर्भावस्था के समय वैजिनल ब्लीडिंग क्यों होती है 

अगर महिला गर्भवती है और उस समय योनि से खून बह रहा है तो ये महिला के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है। ऐसे में तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। हम आपको ये बता दें कि गर्भावस्था के दौरान पहली तिमाही में रक्तस्राव का होना बहुत ही आम बात है पर दूसरे और तीसरे तिमाही में रक्तस्राव का होना आम बात नहीं बल्कि एक खतरा है।

माहवारी के समय अधिक वैजिनल ब्लीडिंग होने की वजह 

मासिक धर्म में ब्लीडिंग होना एक नॉर्मल बात है पर अगर अधिक ब्लीडिंग होती है तो इससे खतरा रहता है। इससे खून की कमी का खतरा रहता है और लंबे समय तक चलने वाले रक्तस्राव को चिकित्सीय भाषा में मेनोरेजिया कहा जाता है। इससे ग्रस्त होने पे महिलाएं अपने रोजाना के काम भी नहीं कर सकती है क्योंकि इसमें रक्तस्राव बहुत अधिक होता है। इसी की वजह से बहुत सारा हीमोग्लोबिन कम हो जाता है जो महिलाओं को कमजोर बना देता है और उनमें दर्द पैदा कर देता है।

संक्रमण के कारण वैजिनल ब्लीडिंग होने के कारण 

अगर महिलाओं को योनि संक्रमण हुआ होता है तो उन्हें माहवारी से अलग भी रक्तस्राव होता है। असामान्य वैजिनल ब्लीडिंग के लक्षण निम्नलिखित हैं

  • असहज और योनि में खुजली करने वाला रक्त।
  • गुलाबी और भूरे रंग का रक्त।
  • हल्के हरे और बदबूदार।
  • गाढ़ा और सफेद प्रदर।

योनि में अल्सर की वजह से भी रक्तस्राव हो सकता है इसीलिए रक्तस्राव होने पर डॉक्टर से मिलकर जांच ज़रूर करवाए।

योनि में चोट के कारण वैजिनल ब्लीडिंग होने लगती है 

अगर योनि में चोट लग जाती है तो भी ब्लीडिंग होती है। इसीलिए अगर योनि में ऐसा कुछ महसूस हो रहा है तो इन उपायों का इस्तेमाल करके उन्हें दूर किया जा सकता है।

  • योनि क्षेत्र की सफाई करने से पूर्व महिलाओं को अपने हाथ अच्छी तरह साबुन से धूल लेना चाहिए।
  • अगर योनि में चोट लगी रहती है तो टाइट कपड़ों को नहीं पहनना चाहिए।
  • योनि में दर्द या फिर सूजन जैसा महसूस होने पर एक साफ कपड़ें में बर्क को रखकर वहां सिकाई करें और ऐसा मात्र 30 मिनट के लिए ही करें।

वैजिनल ब्लीडिंग के जोखिम भरे कारक

कुछ ऐसे कारण हैं जो महिलाओं में वैजिनल ब्लीडिंग को बढ़ावा देतीं हैं और वो निम्न हैं।

  • रजोनिवृत्ति के करीब महिला का होना।
  • गर्भनिरोधक गोलियां लेने वाली महिलाएं।
  • किशोरावस्था।

वैजिनल ब्लीडिंग होने पर अपनाये आसन से घरेलु उपचार को 

वैजिनल ब्लीडिंग के लिए निम्नलिखित उपचार लाभदायक साबित हो सकते हैं।

  • वयायाम- वयायाम करने से स्वस्थ तो इंसान रहता ही है पर महिलाओं को वयायाम की वजह से दर्द में भी राहत मिलती है।
  • ध्यान करना- आराम करने से, मेडीटेशन से तनाव को दूर करने में बहुत सहायता मिलती है।
  • एक्यूपप्रेसर- इसकी मदद से महिलाओं को मासिक धर्म की ऐंठन से बहुत राहत मिलती है।
  • एक्यूपंक्चर- इसकी मदद से भी महिलाओं को मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन से राहत मिलती है।
  • सबसे बड़ी चीज की अक्सर महिलाएं अपनी बड़ी हो रही बेटी से उन परिवर्तनों के बारे में बात करें जो उसके शरीर में अपेक्षा कर सकती हैं।

कुछ सवाल के जवाब

  1. mifegest लेने के बाद कितनी ब्लीडिंग होती है?

-इसको लेने के 3-4 दिन के बाद तेज़ दर्द के साथ ब्लीडिंग शुरू हो जाती है और वो कुछ दिन तक बहुत अधिक मात्रा में होती है।

  1. रक्तस्राव सामान्य पर पेट में बहुत दर्द उम्र 55 वर्ष

55 वर्ष की आयु होने पर रक्तस्राव को बंद हो जाना चाहिए फिर भी अगर रक्तस्राव हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता है।

  1. 15 दिन में ब्लीडिंग क्यों होती है?

ब्लीडिंग 28 से 30 दिन पर होती है। 15 दिन पे अंडे का ओवुलेशन होता है इसीलिए महिलाओं को ऐसा महसूस होता है कि ब्लीडिंग हो रही है।

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