सोआ के फायदे और नुकसान - The Benefits And Loss Of Soya In Hindi

सोआ के फायदे और नुकसान – Soyabean In Hindi

आयुर्वेद

सोआ जिसे अंग्रेजी में डिल कहा जाता है इसका वैज्ञानिक नाम एनाथुम ग्रेवोलेंस है | सोआ का उपयोग सदियों से ही हमारी रसोई में और आयुर्वेद में औषधि के रूप में होता आ रहा है | औषधीय रूप में प्रयोग करने के लिए सोआ के बीज, पत्तियों और जड़ो का इस्तेमाल अलग अलग बिमारी के लिए किया जाता है | सोआ जड़ी की सतह चिकनी होती है इसके फूल अंडाकार आकार में पीले रंग के होते हैं | इस जड़ी के पौधे की लम्बाई लगभग 1 मीटर तक होती है | इस जड़ी के पौधे उत्तरी अफ्रीका, एशिया और अन्य उष्णकटिबंधीय वातावरण बाले देशों के व्यापक क्षेत्रों में पाए जाते है |


सोआबिन  के फायदे

सोआ में विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट, लौह यानि आयरन, मैगनीज जैसे खनिज तत्वों के साथ साथ मोनोटरपेनस जैसे लाइमीन, कार्वोन और एनेथोफुरन और वैसेनीन जैसे फ्लावोनोइड्स बहुत ही अच्छी माता में पाए जाते है | सोआ में इन खनिज और पोषक तत्वों के साथ मानव शरीर के लिए जरुरी कार्बनिक यौगिक और विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते है जिससे इसका सेवन करना सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी होता है | तो आइये जानते ही स्वास्थ से जुड़े सोआ के लाभकारी फायदे –

पाचन में  फायदे

पाचन से जुडी समस्या में सोआ का प्रयोग करने से यह पाचन तंत्र को सुधारकर पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलने में मदद करता है | सोआ पाचन तंत्र को सुधारने के साथ कब्ज, एसिडिटी, हिचकी, दस्त और पेट दर्द की समस्याओ में भी बहुत लाभकारी होता है | बच्चो में यह समस्याए होने पर उन्हें दो चमच्च ताजे सोआ के पत्तों का रस देना फायदेमंद होता है | बड़ो में यह समस्याएं होने पर शहद के साथ सोआ के बीजो के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से फायदा जल्द मिलता है |

मासिक धर्म में फायदे

महिलाओं को मासिक धर्म के कारण होने बाले समस्याएं जैसे ऐंठन और दर्द की समस्या को दूर अकरने में सोआ के बीज बहुत ही लाभकारी होते है | सोआ के बीज इन समस्याओं को दूर करने के साथ मासिक धर्म के नियमित होने में मदद करता है | एनीमिया की बीमारी की वजह से जिन्हें मासिक धर्म के समय परेशानी होती है उन्हें सोआ का बीज का उपयोग करना बहुत ही फायदेमंद होता है |

फोड़े फुंसी में फायदे

सोआ की पत्तियों का उपयोग अल्सर और फोड़े फुंसी की समस्या को रोकने में बहुत ही लाभकारी होता है | फोड़े फुंसी की समस्या होने पर ताजे सोआ की पत्तियों को अच्छे से पीसकर एक पेस्ट बनाकर फोड़े पर लगाने से जल्द ;लाभ मिलता है | हल्दी के साथ इस पेस्ट को बराबर मात्रा में मिलाकर प्रयोग करने से अल्सर की समस्या में आराम मिलता है |

गर्भवती महिलाओं को फायदे

सोआ का उपयोग स्तनपान करवाने बाली महिलाओं के लिए बहुत ही लाभकारी होता है | सोआ का नियम से उपयोग करने से यह महिलाओं के दूध की क्वालिटी और मात्रा को बढाता है जो बच्चे के लिए बहुत ही लाब्कारी होता है |

उच्च रक्तचाप में  फायदे

उच्च रक्तचाप की समस्या में सोआ का प्रयोग फायदेमंद होता है उच्च रक्तचाप होने पर सोआ और मेथी के बीजो को बराबर मात्रा में मिलाकर अच्छे से पीसकर बारीक पाउडर बना ले अब इस पाउडर की दो चमच्च मात्रा को एक गिलास के साथ प्रयोग करने से उच्च रक्तचाप से जल्द आराम मिलता है |

नींद न आने में फायदे

नींद ना आने की समस्या होने पर दो चमच्च सोआ के बीजो को एक कप पानी में डालकर अच्छे से उबाल ले और जब यह काढ़ा बन जाए तब इसे छान ले फिर इस काढ़े को नियमित रूप से दिन में एक बार सेवन करने से अच्छी नींद आना शुरू हो जाती है |

हड्डियों के विकास में  फायदे

सोआ में कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिसकी वजह से सोआ का सेवन करने से यह हड्डी को होने बाले नुक्सान यानी की हड्डी के खनिज घनत्व के नुक्सान से बचाता है | इसके साथ ही इसका सेवन हड्डियों की उचित वृद्धि और विकाश में महत्वपूर्ण योगदान निभाकर आपको हड्डियों में कमजोरी के कारण होने बाली ओस्टियोपोरोसिस जैसी खतरनाक बीमारी से बचाता है |

मधुमेह में मददगार सोआ के फायदे

सोआ एक शुगर यानी की मधुमेह को नियंत्रित करने बाली आयुर्वेदिक जड़ी है जिसका प्रयोग सदियों से रक्त में शर्करा और ग्लुकोज के स्तर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता रहा है | सोआ शरीर में इन्सुलिन के उत्पादन की क्रिया को संतुलित करके शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है | सोआ का उपयोग मधुमेह के रोगियों में होने बाली थाइराइड की समस्या को दूर करने के लिए भी लाभकारी होता है | सोआ के इन गुणों के कारण मधुमेह के टाइप 1 बाले रोगियों के लिए सोआ सर्वोत्तम आहार माना जाता है |

प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए फायदे

सोआ का सदियों से एंटीमाइक्रोबियल औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है यह शरीर में माइक्रोबियल संक्रमण के कारण होने बाली बिमारियों को रोकने में मदद करता है | सोआ प्रतिरोधक क्षमता को बढाकर शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है | सोआ का प्रयोग घाव और जलने की वजह से होने बाले संक्रमण के रोकथाम के लिए भी किया जाता है |

कैंसर में फायदे 

सोआ में फ्लेवोनोइड्स और मोनोटेर्पेनेस जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते है जिनमे कैंसर के मुक्त कणों से लड़ने कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं के संक्रमण को दूर कने बाले गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है | जिससे सोआ कैंसर जैसी बीमारी को समाप्त करने में लाभकारी होता है | सोआ कैंसर के मुक्त कणों को निष्क्रिय करके शरीर में होने बाले ऑक्सीकरण तनाव और डीएनए में होने बाली क्षति को दूर करता है | सोआ को अपने दैनिक डाइट में शामिल करना बहुत ही लाभकारी होता है इससे आप कैंसर जैसी बीमारी से अपना बचाव कर सकते है |

स्वास्थ से जुड़े कुछ और फायदे

  • सोआ के बीजो को श्वसन से जुडी समस्याएं जैसे ब्रोंकाइटिस और इन्फ्लूएंजा होने पर प्रयोग करना लाभकारी होता है | दिन में 3 बार सोआ के अर्क को शहद के साथ मिलाकर सेवन करने से जल्द आराम मिलता है |
  • दस्त की समस्या होने पर सोआ के पत्तो को भुनकर पाउडर बना ले अब इस एक चमच्च पाउडर को एक गिलास छांछ के साथ मिलाकर पीने से दस्त में जल्द राहत मिलती है |
  • शरीर में दर्द होने पर सोआ के बीज के पाउडर को टगारा, मुलेठी, कुश्ता, देशी घी और चन्दन को बराबर मात्रा में मिलाकर एक पेस्ट बनाकर उपयोग करने से यह सरदर्द, कंधे और पीठ के दर्द में आराम मिलता है |
  • साँसों में बदबू आने समस्या होने पर सोआ का प्रयोग करने से बहुत ही जल्द आराम मिलता है साँसों से बदबू आने पर सोआ के बीजो को चबाकर खाने से नहुत जल्दी आराम मिलता है |

इससे होने नुकसान

  • सोआ का अधिक मात्रा में सेवन करने से यह पित्त रोगों को बढ़ाने के का कारण बन जाता है जिससे जलन और गैस्ट्राइटिस के ख़राब होने की समस्या बढ़ जाती है |
  • सोआ के पत्तो का स्वाद कडबा और तीखा होता है जिससे इनका सीधा सेवन करने से उल्टी आ सकती है | इसलिए सोआ के पत्तो का प्रयोग हरे पत्तेदार सब्जियों के साथ ही करना चाहिए |

 

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