कपूर के फायदे और नुकसान - The Benefites And Loss Of Camphor In Hindi

कपूर के फायदे और नुकसान -Camphor In Hindi

स्वास्थ्य सुझाव

कपूर के फायदे जानना बहुत जरुरी है क्योंकि कपूर का नाम सुनते ही धार्मिक कार्यक्रम याद आने लगते हैं सदियों से ही कपूर का उपयोग धार्मिक कार्यक्रमों में किया जाता रहा है | धार्मिक कार्यक्रमों में कपूर का प्रयोग करने के पीछे भी साइंस का ही पक्ष होता है क्योंकि कपूर के धुएं को सूंघने से भी बहुत से स्वास्थ लाभ होते है | आयुर्वेद में भी इस बात का जिक्र किया गया है की कपूर को जलाने से यह मानव के मन और स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी होता है | सदियों से चाइना और भारत में कपूर का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है |


कपूर के फायदे

कपूर सिनामोमस कैफ़ोरा नाम के पेड़ से प्राप्त होने बाला लोरेसी परिवार का सदस्य होता है | कपूर के पेड़ को सबसे पहले जापान और चाइना में उगाया गया था | भारत में कपूर के पेड़ देहरादून, सहारनपुर, नीलगिरी के जंगल और मैसूर के कुछ इलाकों में उगाये जाते हैं | भारत में उगाये जाने बाले कपूर के पेड़ का आकर छोटा होता है इनमे लगने बाली पत्तियों का आकार 2 से 3 इंच तक होता है | कपूर में पाए जाने बाले गुणों के कारण यह स्वास्थ से जुडी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है | तो आइये जानते है कपूर से जुड़े कुछ स्वास्थवर्धक फायदे –

इची स्किन में

कपूर के तेल को प्रयोग करने से यह त्वचा में होने बाली जलन और खुजली की समस्या से आराम पहुँचाने में मदद करता है | कपूर मानव शरीर में रोम के छिद्रों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है, जिससे यह शरीर के अंदर पहुंचकर शरीर में ठंडक पहुंचाता है और खुजली और जलन को दूर कर देता है |

खुजली व् जलन की शिकायत होने पर कपूर के एक चमच्च पाउडर को एक कप नारियल के तेल में मिलाकर खुजली व् जलन से प्रभावित हिस्से पर दिन में दो बार लगाने से जल्द आराम मिल जाता है |

मुँहासे में फायदे

कपूर प्राक्रतिक रूप से एंटी-इफेक्टिव एजेंट की तरह काम करके बैक्टीरिया के संक्रमण से होने बाली समस्या को दूर करता है | एक रिसर्च में इस बात का पता लगाया गया की कपूर तैलीय त्वचा और मुहांसों की समस्या से निजात दिलाने में बहुत लाभकारी होता है |

मुहांसों और तैलीय त्वचा की समस्या होने पर कपूर के तेल को चाय के पेड़ के तेल के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर एक मिश्रण बना ले | अब रूई को इस मिश्रण में डुबोकर तैलीय त्वचा होने पर चेहरे पर लगायें या फिर मुहांसे की समस्या होने पर मुहांसों पर लगायें कुछ ही दिनों में आश्चर्यजनक फायदा देखने को मिलता है | इसके अलावा कपूर के तेल को गिल्सिरीन की बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा की चमक और ग्लो बढ़ता है |

जली हुई त्वचा के लिए फायदे

त्वचा के जल जाने की स्थिति में कपूर का उपयोग करने से लाभकारी होता है | कपूर में पाए जाने बाले गुण तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने का काम करता है | जिससे यह त्वचा के जल जाने पर उपयोग करने से त्वचा में ठंडक पहुंचाकर जलन व् दर्द के साथ घाव को भरने में मदद करता है |

त्वचा के जल जाने पर एक कप नारियल के तेल में कपूर की दो टिक्की मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें | अब इस मिश्रण को रूई से जले हुए हिस्से पर लगाते रहे जल्द ही लाभ मिलता है | इस मिश्रण का नियमित रूप से प्रयोग करने से यह जले के निशान को दूर करने में भी लाभकारी होता है |

बालों के लिए फायदे

कई रिसर्च में इस बात का पता लगाया की कपूर बालों से जुडी समस्या बालों के झड़ने, बालों में रुसी, बालो के सफ़ेद होने जैसी कई समस्याओ को दूर करने में लाभकारी होता है | नारियल के तेल के साथ कपूर के तेल को मिलाकर प्रयोग करने से यह बालों के विकास को बढाता है बालों की काला करके बालों में से रुसी और झड़ने की समस्या को पूरी तरह से समाप्त कर देता है |

जोड़ों के दर्द में फायदे

जोड़ों के दर्द की समस्या होने पर कपूर के तेल की मालिश करने से यह जोड़ों के आसपास की मांशपेशियों में आराम पहुंचता है जिससे जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है | हाल ही में हुई एक रिसर्च से यह पता चला है की कपूर के तेल से मालिश करने से यह शरीर में एक वार्मिंग सेंसेशन उत्पन्न करता है | जिससे नशों में विचलन की क्रिया शुरू हो जाती है और नशों को दर्द से आराम मिल जाता है |

जोड़ो में दर्द होने की समस्या होने पर कपूर के तेल को गुनगुने तिल के तेल में मिलाकर मालिश करने से जोड़ो के दर्द में जल्द आराम मिल जाता है |

खाँसी के लिए फायदे

खांसी और बंद नाक को खोलने के लिए कपूर का उपयोग करना बहुत ही लाभकारी होता है | कपूर में पाए जाने बाले गुणों के कारण यह बंद नाक को खोलने और सर्दी की वजह से खांसी और छाती के दर्द को दूर करने में लाभदायक होता है | कपूर के तेल में एक बहुत ही तेज गंध होती है जो बंद नाक को खोलने और कफ को हटाने के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है | स्वीट आयल को कपूर के तेल के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर छाती पर रगड़कर उपयोग करने से बंद नाक और खांसी की समस्या समाप्त हो जाएगी |

मच्छरों को भगाने के लिए

एक रिसर्च से यह पता चला है की कपूर एक प्राक्रतिक रूप से मच्छरों को भगाने के लिए मोस्कीटो रिपिलंट की तरह काम करता है | कपूर का उपयोग करने से यह प्राक्रतिक रूप से पंख बाले कीटों को दूर करने में मदद करता है | अगर आप मच्छरों के बड जाने से परेशान है तो एक कपूर की टिक्की को जलाकर कमरे में एक कोने में रख दे और जल्द ही सारे मच्छर आपके कमरे से बाहर हो जायेंगे |

स्वास्थ से जुड़े कुछ और फायदे

  • अगर आपको एडियाँ फट जाने की समस्या है तो कपूर एक अच्छा उपाय है इसके लिए एक बाल्टी को पूरा पानी से भर ले फिर इस बाल्टी में दस से बारह कपूर की टिक्कियाँ डाल दें | इस बाल्टी में अपनी एडियों को 10 से 15 मिनट तक डाले बैठे रहे | इस प्रक्रिया का रोजाना प्रयोग करने से एडियों की दरारें भर जाती है |
  • मानसिक तनाव होने पर सर ( माथे ) पर कपूर का तेल लगाने से या कपूर को सूंघने से भी मानसिक तनाव दूर हो जाता है |
  • पेट दर्द की समस्या होने पर कपूर के पाउडर को जायफल के पाउडर और हल्दी पाउडर के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर लेप बनाकर पेट पर लगाने से पेट दर्द की समस्या से जल्द आराम मिल जाता है |
  • सर दर्द की समस्या होने पर कपूर को निम्बू के रस में मिलाकर उपयोग करने से सर दर्द की समस्या में आराम मिलता है यह मस्तिष्क की नशों को आराम पहुंचता है जिससे सर दर्द ख़त्म हो जाता है |
  • कान दर्द कि समस्या होने पर कपूर के तेल को तुलसी के पत्तो के रस के साथ मिलाकर दो दो बूँद की मात्रा में कान में डालने से तुरंत कान दर्द दूर हो जाता है |

उपयोग से होने बाले नुकसान

  • कपूर को मौखिक रूप से सेवन नहीं करना चाहिए क्योकिं कपूर जहरीला होता है जो नुकसानदायक हो सकता है | अगर करने की जरूरत पड़ती है तो खाने बाले कपूर जो भीमसेनी और देसी कपूर के नाम से बाजार में मिलता है उसका करना चाहिए |
  • गर्भावस्था के समय या स्तनपान कराने बाली माँ को कपूर का उपयोग करने से बचना चाहिये | कपूर का सेवन इन दोनों स्थितियों में ही माँ और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक होता है |
  • कपूर का सेवन दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं करना चाहिए इसका जहरीला प्रभाव पड़ सकता है |
  • कपूर के तेल को सीधे तौर पर उपयोग नहीं करना चाहिए इससे जलन और खुजली की समस्या उत्पन्न हो जाती है | कपूर के तेल को किसी दुसरे तेल या किसी और चीज़ में मिलाकर ही उपयोग करना चाहिए |

नोट : – कपूर एक जहरीला पदार्थ होता है इसकी वजह से किसी भी बीमारी की समस्या होने पर कपूर के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से कपूर के सेवन का सही तरीका और मात्रा के बारे में परामर्श जरुर कर लें |

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