नाक की हड्डी बढने ( सायनस ) पर अपनाये इन उपचारों को – Sinus Treatment In Hindi

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नाक की हड्डी बढने ( सायनस ) पर करे ये उपचार

नाक की हड्डी बढ़ जाने पर इसे सायनस के नाम से जाना जाता है | साइनस मानव शरीर की खोपड़ी में हवा भरी हुई कैविटी होती हैं | जो हमारे सिर को हल्कापन व सांस वाली हवा की नमी को युक्त करती है | नाक की हड्डी बढ़ जाने पर हमारे नाक से कफ का बहाव अधिक होने लगता है | यह केवल संकर्मण के कारण ही हमारे शरीर में जन्म लेती है |

इस बीमारी के हो जाने पर हमारे सिर में भी अत्यधिक दर्द होने लगता है | और नाक से सांस लेने में रुकावट आने लगती है | अथवा हमारा शरीर बहुत जल्दी एलर्जी होने लगती है | अगर इस समस्या का समय रहते उपचार ना कराया जाये | तो हम अस्थमा और दमा जैसी बीमारी के भी शिकार हो सकते है |

नाक की हड्डी बढ़ने पर शरीर में दिखाई देते है कुछ इसप्रकार के लक्षण

सिर में अधिक दर्द होने लगता है – सायनस हो जाने पर हमारे सिर में बहुत तेज दर्द होने लगता है | जिसकी वजह से आपको नींद ना आने की समस्या से भी जूझना पड़ता है |

आँखों के ऊपर दर्द शुरू हो जाता है – सायनस जैसी बीमारी की वजह से हमारे आँखों में व पलकों पर तेजी का दर्द होना शुरू हो जाता है | इस दर्द की वजह से आप अपनी आँखों को खोल नही पाते है |

नाक का बंद हो जाना – यदि आप सायनस जैसी समस्या से से ग्रस्त है | तो इसकी वजह से आपकी नाक पूर्णरूप से बंद हो जाती है | ओर हमें साँस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है |

नाक से अत्यधिक कफ का निकलना – सायनस या नाक की हड्डी बढ़ जाने पर या तो हमारी नाक पूर्णरूप से बंद हो जाती है | या फिर हमारी नाक से बहुत मात्रा में कफ निकालने लगता है |

साँस लेने में तकलीफ आने लगती है – नाक की हड्डी बड जाने के कारण हमें अपने गले व नाक में कुछ जमा महसूस होने लगता है | जिसकी वजह से हमे साँस लेने में परेशानी आने लगती है | इन्ही कारणों की वजह से हमें अस्थमा और दमा जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ता है |

नाक की हड्डी या सायनस होने की कुछ मुख्य वजह

महिलाओं में गर्भावस्था होती है सायनस की मुख्य वजह

गर्भावस्था के समय महिला के शरीर में कई प्रकार से बदलाव आने लगते है | जैसे महिलाओं के शरीरमें कई नई कोशिकाये जन्म लेने के साथ साथ बढने भी लगती है | इसी वजह से महिला इस प्रकार की समस्या से ग्रस्त हो जाती है |

ड्रग्स लेने की वजह से

जो व्यक्ति नाक के द्वारा ड्रग्स का प्रयोग करते है | उन लोगो को इस प्रकार की समस्या का सामना अधिक करना पड़ता है | इसके नियमित प्रयोग से आप गंभीर बीमारी के शिकार भी हो सकते है

अनुवांशिक या जन्मजात भी वजह मानी जाती है सायनस होने की

अगर किसी बच्चे का जन्म नो महीनोसे पहले होता है | उन बच्चों में इस प्रकार की समस्या अक्सर देखने को मिलती है | अगर किसी के माता पिता को इस प्रकार की कोई समस्या रह चुकी है | तो उनके बच्चो को भी इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है |

मौसम के बदलाव के वजह से भी हमें सायनस की समस्या से जूझना पड़ता है

मौसम के बदलाव के कारण हमारे शरीरको सर्दी जुखाम का सामना करना पड़ता है | इसी वजह से हमारे नाक की हड्डी भी बढने लगती है |

नाक की हड्डी या सायनस होने पर अपनाये कुछ असरदार उपाय

प्याज के द्वारा करे सायनस का इलाज

प्याज सर्दी जुखाम होने पर हमारे शरीरको बहुत आराम पहुचाती है | क्यूकि इसमें पाए जाने वाले एंटी -आक्सिडेंट व विटामिन्स हमारे शरीर में जमा संकर्मण को पूर्णरूप से समाप्त करने में हमारी बहुत मदद करते है | आपको नाक की हड्डी बढ़ जाने पर प्याज का प्रयोग कुछ इस प्रकार करना चाहिये | सबसे पहले प्याज के रस को निकालकर सोते समय अपनी नाक में डालने से सायनस की समस्या का बहुत जल्दी ठीक होने लगती है |

लहसुन के सेवन से सायनस की समस्या में बहुत आराम मिलता है

लहसुन में कई प्रकार के एंटी -आक्सिडेंट, पोटोशियम, मैग्नीशियम, फाइबर, व एंटी इंफ्लेमेटरी जैसे तत्व हमारे शरीरमें स्थित संकर्मण को दूर करके हमारे शरीरको स्वास्थ बनाते है | आपको लहसुन का सेवन कुछ इस प्रकार करना चाहिये | सबसे पहले लहसुन को पीसकर इसका एक लेप बना ले फिर लेप किओ गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से हमारी सायनस की समस्या पूर्णरूप से समाप्त हो जाती है |

मेथी के दानों से करे सायनस का उपचार

मैथी के दानों में सेलेनियम, जिंक, कैल्शियम, पोटैशियम, मेगनीज़, फाइबर व एंटी-आँक्सीडेंट पाए जाते है | जो हमारे रक्त संचार को सुचारू रूप से कार्य करने में हमारी बहुत मदद करते है | क्यूकि हमारे रक्त संचार बिगड़ने के कारण ही हमारे शरीर में संकर्मण जन्म ले पता है | सायनस या नाक की हड्डी बढने जैसी समस्या होने पर आपको मेथी के दानों को भिगोकर व पीसकर इसका सेवन शहद के साथ किया जाये | तो ये सायनस व सायनस के कारण उत्पन्न दर्द को जल्द ही ठीक करके आपको स्वास्थ बनाता है |

पालक का जूस भी फायेदेमंद होता है सायनस की समस्या में

पालक के पत्तों में सेलेनियम, कैल्शियम, जस्ता, मेगनीज़, फोलोट, फाइबर, प्रोटीन व विटामिन्स से भरपूर होता है | जो हमारे शरीरको बहुत जल्दी स्वस्थ बनता है | यदि आप सायनस की समस्या से परेशान है | तो आपको पालक के जूस का सेवन करना चाहिये | इसके सेवन से हमारे शरीरमें स्थित संकर्मण पूर्णरूप से खत्म हो जाता है |

यदि आप भी नाक की हड्डी बढ़ने की वजह से परेशान है | तो आपको ऊपर दिए हुए उपायों को नियमित व ध्यानपूर्वक करना चाहिये |

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