सिंहपर्णी घास से होने वाले लाभकारी फायदे

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सिंहपर्णी घास आयुर्वेदिक जड़ी सड़क के किनारे पथरीली जगह पर साल के बारहों महीने मिलने वाली एक खरपतवार या घास है | मगर सिंहपर्णी को एक साधारण सी घास समझकर नजरंदाज न करे यह आपको स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद की एक प्रमुख जड़ी बूटी है | सिंहपर्णी घास के प्रत्येक भाग का प्रयोग सदियों से ही औषधि बनाने के लिए होता चला आ रहा है | इसलिए आज हम आपको सिंहपर्णी से जुड़े स्वास्थ लाभ, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व, प्रयोग करने का सही तरीका, सिंहपर्णी के पौधे की पहचान कैसे करे और प्रयोग करते समय रखने वाली सावधानियों के बारे में बतायेगें |

सिंहपर्णी घास –

सिंहपर्णी घास शरीर से जुडी कई बीमारियों जैसे लीवर से जुडी समस्याएं, मधुमेह का नियंत्रण, मूत्र नली विकार, चेहरे पर मुहांसे दाग धब्बे, रक्तचाप की समस्या के साथ कैंसर जैसे रोगों को भी दूर करने में बहुत लाभकारी होती है | इन सब रोगों को दूर करने के साथ ही सिंहपर्णी त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ त्वचा की चमक को बढाती है, वजन घटाने में और हड्डियों को स्वस्थ रखने में बहुत लाभदायक होती है | सिंहपर्णी से जुड़े ऐसे ही कई स्वास्थ लाभ होते है तो आइये जानते है सिंहपर्णी घास से जुडी कुछ विशेष जानकारियाँ और स्वास्थ लाभ |

कैसे करें सिंहपर्णी घास की पहचान  ?

सिंहपर्णी घास साल भर मिलने वाली घास के साथ उगने वाली घास होती है जिसे सिंहपर्णी के साथ साथ डंडेलियन के नाम से भी जाना जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम टराक्सेक्म होता है | सिंहपर्णी घास की लम्बाई लगभग 12 इंच का होता है | इस पौधे की जड थोड़ी मोटी मांसल होती है इनके अन्दर सफ़ेद रंग का दूध जैसा पदार्थ भरा हुआ होता है जिसका स्वाद कसेला होता है मगर इसमे खुशबू बहुत अच्छी आती है | सिंहपर्णी में लगने वाले पत्ते चमकदार और नुकीले होते है | इस पेड़ में पीले रंग के फूल लगते है जो सूर्य की रोशनी के साथ खिलते और मुरझाते है |

इस औषधि में पाए जाने वाले पोषक तत्व –

सिंहपर्णी घास की जड़, पत्तियां और फूल सभी खाने योग्य होते है लेकिन इन सभी भागो का प्रयोग अलग अलग बिमारियों के हिसाब से किया जाता है | इस जड़ी बूटी के पौधे में बिभिन्न प्रकार के विटामिन्स और पोषक तत्व पाए जाते है जैसे – फास्फोरस, मैगनीज, विटामिन A, जस्ता, विटामिन C, आयरन, विटामिन B के सारे काम्प्लेक्स, तांबा, विटामिन D, कैल्सियम आदि | इन सब पोषक तत्वों के साथ साथ सिंहपर्णी में बहुत से घटक जैसे – स्क्वाइटरपेन लैक्टोन, टैराक्सहस्टसरोल, टैरेक्सेरोल, क्लोवरोजेनिक एसिड और चिकोरिक एसिड आदि भी पाए जाते है जो हमे कई स्वास्थ लाभ प्रदान करने में मदद करते है |

इसके स्वास्थ से जुड़े फायदे :

सिंहपर्णी एंटी-ओक्सिडेंट का बहुत ही अच्छा स्त्रोत होता है | यह कई प्रकार के रोगों को दूर करने के साथ साथ त्वचा में होने वाली खुजली, जलन और फंगस के कारण होने वाली बीमारियों को भी दूर करता है | वैसे तो सिंहपर्णी की जड़ को बाजार से आसानी से ख़रीदा जा सकता है मगर इसे उपयोग करने से पहले हमे यह जानकारी होना बहुत जरुरी है की किन किन बीमारियों में सिंहपर्णी लाभदायक होता है | तो आइये जानते है की किन किन बीमारियों और रोगों को दूर करने में सिंहपर्णी बहुत ही लाभदायक और फायदेमंद होता है –

हड्डियों को मजबूत बनाने वाली दवा  –

सिंहपर्णी में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन K पाया जाता है जिससे यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करने वाली दवा की तरह काम करती है | हड्डियां कमजोर होने और फ्रैक्चर होने की समस्या से शरीर के काम करने की सक्रियता कम हो जाती है | अगर आपको भी हड्डियों से जुडी हुई कोई समस्या है तुरंत सिंहपर्णी का सेवन करना प्रारंभ कर दें जल्द ही आपको फायदा मिलेगा और हड्डियों में मजबूती बढ़ जाएगी |

पाचन शक्ति को बढ़ाने वाली दवाई –

शरीर को स्वास्थ रखने के लिए सबसे जरूरी होता है की हमारा पाचन तंत्र भी स्वस्थ होना चाहिए | पाचन तंत्र भोजन को पचाकर शरीर को उर्जा प्रदान करने का काम करता है | सिंहपर्णी पाचन शक्ति को बढ़ाने वाली दवाई की तरह काम करके पेट में एसिड और पित्त को रिलीज होने की क्रिया को नियंत्रित करता है जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर स्वस्थ रहता है |

कोलेस्ट्रोल को कम करने वाली दवा –

कोलेस्ट्रोल सीधा हमारे दिल के स्वास्थ पर प्रभाव डालता है जिससे हमे दिल से जुडी हुई कई बिमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है | कोलेस्ट्रोल एक वसायुक्त पदार्थ होता है जिसका उत्पादन लीवर के द्वारा किया जाता है | यह तंत्रिका तंत्र की सुरक्षा में अहम् भूमिका निभाता है परन्तु जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है तो यह दिल के स्वास्थ पर प्रभाव डालता है | सिंहपर्णी का प्रयोग करने से यह कोलेस्ट्रोल को कम करने वाली दवा की तरह काम करके इसकी मात्रा को नियंत्रित करता है और दिल के स्वास्थ को बेहतर बनाता है |

किडनी को स्वस्थ रखने की दवाई –

किडनी शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को छानकर के मूत्र के जरिये बाहर निकालने का काम करती है | जिसके कारण यदि आपकी किडनी स्वस्थ रहती है तो आपका शरीर भी स्वस्थ रहता है | अगर आप को किडनी से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या है तो सिंहपर्णी का प्रयोग करना प्रारंभ कर दे क्योंकि यह आयुर्वेदिक दवाई आपको किडनी से जुडी सारी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है |

पित्ताशय रोग दूर करने की दवा –

सिंहपर्णी पित्ताशय से जुडी समस्याओं को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है | पित्ताशय हमारे शरीर का एक छोटा सा अंग है जो लीवर के पास पाया जाता है | सिंहपर्णी पित्ताशय रोगों को दूर करने की दवा की तरह काम करके पेप्टिक अल्सर, एसिडिटी और दस्त जैसी समस्याओ से छुटकारा दिलाने के साथ साथ पित्त की थैली की समस्याओं और ब्लॉकेज से भी छुटकारा दिलाने में लाभदायक होता है |

लीवर की समस्या में फायदेमंद दवाई –

अधिक मात्रा में खट्टी चीज़े, नमक और शराब का सेवन करने से लीवर को बहुत अधिक नुकसान होता है और कई बार तो लीवर खराब भी हो जाता है | सिंहपर्णी का प्रयोग करने से यह लीवर से विषैले पदार्थो को बहार निकालने में मदद करता है और लीवर में हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट के संतुलन में सुधार लाने का काम करती है | सिंहपर्णी का प्रयोग करने से यह लीवर को स्वस्थ रखने वाली आयुर्वेदिक दवाई की तरह काम करके आपको लीवर से जुडी सारी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है |

रक्तचाप को नियंत्रित वाली दवा –

आजकल के समय में जीवन बहुत भागदौड़ भरा हो गया है जिसकी वजह से उच्च रक्तचाप की समस्या हर इंसान इस समस्या से परेशान रहता है | रक्तचाप की समस्या आज के समय में बुजुर्ग के साथ साथ युवाओं में भी तेजी से बढती जा रही है | सिंहपर्णी में अच्छी मात्रा में फाइबर और पोटैशियम पाया जाता है | जिसकी वजह से यह रक्तचाप की समस्या में सिंहपर्णी का प्रयोग करने से यह रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली दवा की तरह काम करके जल्द ही लाभ प्रदान करती है |

डायबिटीज को नियंत्रित वाली दवा –

आज के बदलते समय और रहन सहन की वजह से डायबिटीज की समस्या तेजी से फैलती जा रही है | आज के समय में लगभग 10 में से 4 लोगो को शुगर की समस्या होती ही है | सिंहपर्णी की जड़ डायबिटीज की समस्या होने पर बहुत लाभकारी होता है यह पैंक्रियास को उत्तेजित करके इन्सुलिन के उत्पादन की क्रिया को नियंत्रित करता है जिससे यह मधुमेह को नियंत्रित करने वाली दवा की तरह काम करके जल्द लाभ प्रदान करती है |

कैंसर में लाभकारी –

सिंहपर्णी मानव की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के साथ साथ कैंसर की समस्या के फैलने की गति को भी धीमा करने का काम करता है | सिंहपर्णी मानव में रोगाणुओं और फंगस से होने वाली बीमारियों से रक्षा करता है |

सिंहपर्णी को प्रयोग करते समय ये सावधानियाँ जरुर रखें

सिंहपर्णी का प्रयोग करके शरीर को स्वास्थ रखने के लिए यह जानना जरुरी होता है की हम इन बातो का विशेष ध्यान रखे की सिंहपर्णी का प्रयोग कब करना चाहिए ? इसके प्रयोग करने से कहीं कोई नकारात्मक प्रभाव तो नहीं होते है ? कितनी मात्रा में सिंहपर्णी कर प्रयोग करना चाहिये ? और इसे किस प्रकार सेवन करना चाहिए ?

एलर्जी होने पर  –

सिंहपर्णी की जड़ का प्रयोग करते समय अगर आपको एलर्जी की समस्या होती है तो इसका सेवन तुरंत बंद करदे अथवा डॉक्टर से परामर्श जरुर कर ले |

यकृत से जुडी समस्या –

अगर आपको यकृत और पित्त की थैली से जुडी किसी प्रकार की समस्या है तो सिंहपर्णी का प्रयोग से करने अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें |

पेट से जुड़ा रोग होने पर –

जो लोग पेट की समस्याओ जैसे अल्सर और एसिडिटी से परेशान है तो इसको प्रयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श कर लें | क्योंकि यह पेट में एसिड का उत्पादन करने की क्रिया को तेज़ कर देता है |

किसी दवा का सेवन करने पर –

अगर आप किन्ही और दवाओ का सेवन कर रहे है तो आपको सिंहपर्णी का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श कर ले क्योकि इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते है |

सिंहपर्णी एक बहुत ही अच्छा मूत्रवर्धक होता है लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है चिकित्सक से परामर्श करके ही प्रयोग करे |

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