जानिये शंखपुष्पी ऐसा क्या होता है: Shankhpushpi Benefits in Hindi

जड़ी बूटी

शंखपुष्पी का पोधा  में कई अद्भुत चिकित्सीय गुण होते है जिसकी वजह से आयुर्वेद में शंखपुष्पी का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है | इसका वैज्ञानिक नाम कोनोवुल्लुस प्लुरिकालिस होता है | इसमें पाए जाने वाले तत्वों की वजह से यह याद रखने की क्षमता यानी की स्म्रति में सुधार लाने के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है | शंखपुष्पी का प्रयोग प्रमुखतः दिमाग को तेज करने और याददास्त को बढाने के लिए किया जाता है | शंखपुष्पी के फूल, पत्तियां, जड़, तने सभी को अलग अलग तरह से अलग अलग बिमारी के लिए प्रयोग किया जाता है | यह दवाई बाज़ार मे कई ब्रांड मे मिलता है | इसमे सिरूप और पाउडर दोनों रूप मे मिलते है |


शंखपुष्पी का पौधा

शंखपुष्पी का पौधा लगभग 1.5 फुट ऊँचा होता है और इसमें लगने बाली पत्तियों की लम्बाई 1 से 4 सेंटी मीटर तक होती है | शंखपुष्पी मुख्यता तीन रंग का होता है नीला, सफ़ेद, और लाल जिसमे सफ़ेद शंखपुष्पी का पौधा बहुत ही लाभकारी होता है | शंखपुष्पी में लगने बाले फल छोटे चिकने चमकदार और गोल भूरे रंग के होते है जिनका आकार शंख जैसा होता है जिसकी बजह से इसका नाम शंखपुष्पी होता है |

शंखपुष्पी के दिमाग को तेज़ करने के साथ साथ और भी कई फायदे होते है तो आइये जानते है शंखपुष्पी से जुड़े स्वस्थवर्धक फायदे –

शंखपुष्पी के प्रयोग से होने वाले फायदे 

गर्भपात होने से रोकता है शंखपुष्पी

बहुत सी महिलाओं को बार बार गर्भपात की परेशानी से गुजरना पड़ता है जिसका कारण उनकी गर्भाशय की सरंचना होती है | मगर शंखपुष्पी का नियम से सेवन करके इस समस्या को आसानी से समाप्त किया जा सकता है | गर्भपात को रोकने के लिए 1.5 ग्राम शंखपुष्पी को 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण के साथ मिलाकर सेवन करने से फायदा मिलता है |

मानसिक थकान दूर करती है शंखपुष्पी

आज के व्यस्त और भागदौड़ भरी जिन्दगी में मानसिक थकान का होना बहुत ही आम बात होती है | इस समय दिमाग को स्वस्थ और उत्साहित करने की जरूरत होती है | जिसमे शंखपुष्पी बहुत ही लाभकारी होती है | इसके लिए शंखपुष्पी पाउडर की एक चमच्च को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से जल्द ही फायदा मिलता है |

शंखपुष्पी देती है तनाव से मुक्ति

शंखपुष्पी दिमाग में डोपमाइन के स्तर को बढाने का काम करता है जिससे शंखपुष्पी तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है | वैसे तो शंखपुष्पी के कारण दिमाग में होने वाले परिवर्तनों का अभी तक कोई कारण नहीं पता चल सका है फिर भी यह तनाव से मुक्ति दिलाने में लाभकारी होता है | इसके लिए शंखपुष्पी पाउडर की एक चमच्च को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से जल्द ही फायदा मिलता है |

शंखपुष्पी से करे सरदर्द को दूर करता है

लम्बे समय तक अध्ययन, मानसिक थकान, अधिक कार्य, तनाव आदि के कारण दिमाग में तनाव उत्पन्न हो जाता है जिससे सरदर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है | शंखपुष्पी सरदर्द को दूर करने में बहुत लाभकारी होती है यह दिमाग में नसो को शांत करके सरदर्द को दूर करती है | 2 चमच्च शंखपुष्पी को 1 गिलास पानी में मिलाकर पीने से जल्द ही फायदा मिलता है |

खुद में खोये रहने की समस्या को दूर करती है शंखपुष्पी

अपने आप में खो जाने को आत्मकेंद्रित हो जाना भी एक बिमारी होती है | ज्यादातर इस समस्या को बच्चो में देखने को मिलती है | आत्मकेंद्रित हो जाने की समस्या को दूर करने के लिए 250 मिली ग्राम शंखपुष्पी के पाउडर को 100 मिली ग्राम ब्राह्मी पाउडर, 100 मिली ग्राम अश्वगंधा, 100 मिली ग्राम मंडूकपर्णी, 50 मिली ग्राम जटामांसी, 50 मिली ग्राम मुक्त भस्म और 25 मिली ग्राम अदरक के साथ मिलाकर सेवन करने से बहुत जल्दी फायदा मिलता है |

शंखपुष्पी अतिसंवेदन शीलता को ख़त्म करती है

शंखपुष्पी अतिसंवेदन शीलता को ख़त्म करने का आयुवेदिक उपाय होता है जिससे 250 मिली ग्राम शंखपुष्पी पाउडर को 125 मिली ग्राम मुक्त भस्म, 125 मिली ग्राम प्रवाल पिष्टी और 50 मिली ग्राम रजत भस्म को मिलाकर सेवन करने से अतिसंवेदन शीलता की समस्या से बहुत जल्द फायदा मिलता है |

मेमोरी लोस से बचाती है शंखपुष्पी

मेमोरी लोस यानी की याददस्त खो जाना जिसमे व्यक्ति सब कुछ भूल जाता है इसमें व्यक्ति के अंदर संज्ञानात्मक परेशानियां होने लगती है और मस्तिस्क की कोशिकाए नस्ट होने लगती है | शंखपुष्पी मनोभ्रंस की समस्या को दूर करके मस्तिस्क में नस्ट हुई कोशिकाओं को ठीक करती है और कोशिकाओं को नस्ट होने से बचाने का काम करती है जिससे मेमोरी लोस को रोका जा सकता है | इसके लिए शंखपुष्पी पाउडर की एक चमच्च को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से जल्द ही फायदा मिलता है |

भूख को बढ़ाती है शंखपुष्पी

एनोरेक्सिया नर्वोसा यानी की भूख में कमी हो जाने पर शंखपुष्पी का प्रयोग बहुत ही लाभकारी होता है | शंखपुष्पी में भूख और पाचन के उत्तेजक गुण बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते है जिससे यह भूख को बढाने में बहुत फायदेमंद होता है | भूख को बढाने के लिए शंखपुष्पी को नियमित रूप से सेवन करना भुत फायदेमंद होता है |

शंखपुष्पी के सेवन में रखे ये सावधानियाँ

  • गर्भावस्था के दौरान शंखपुष्पी के सेवन से बचना चाहिए या फिर इसे सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही प्रयोग करना चाहिए |
  • स्तनपान कराने वाली माँ को इसका सेवन करना फायदेमंद होता है मगर चिकित्सक से परामर्श जरुर कर ले |
  • 3 वर्ष से कम उम्र के बच्चो को शंखपुष्पी का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • शंखपुष्पी रक्तचाप को कम करता है जिससे कम ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए |
  • उच्च रक्तचाप की समस्या होने पर शंखपुष्पी का प्रयोग अपने चिक्तिसक से परामर्श लेकर ही करना चाहिए |

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