नाक का बहना का इलाज – Runny Nose In Hindi

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नाक बहने

नाक का बहना काफी आम समस्या हैं लेकिन एक बार हो जाय तो नाक में दम कर देती है। यह समस्या तब उतपन्न होती है, जब साइनस या नाक के वायुमार्गों में बलगम की अधिकता हो जाती है। इसके अलावा धूल , मिट्टी के कणों से एलर्जी के कारण होती है। साइनस एक प्रकार की गुहा होती है जो चेहरे की अस्थियों के पीछे होती है तथा नाक के मार्गों से जुड़ी रहती है। शरीर में बलगम का बढ़ना जुकाम या फ्लू के वायरस या एलर्जी पैदा केने वाले पदार्थों का शरीर पर ला करने के कारण होता है।

नाक बहने के क्या लक्षण होते है

नाक बहने के क्या – क्या लक्षण हो सकते हैं , आइये जानते हैं

  1. बहती नाक के अलावा और कोई रोग –
    बहती नाक के अलावा बुखार, छाती में दर्द, सर्दी लगना, दाने, साँस लेने में कठिनाई, सिर या फिर गर्दन में गम्भीर या असहनीय दर्द या फिर असामान्य उनींदापन (ऊंघन)।
    2. सूजन :-    नाक रुकने के साथ आँखों के नीचे या फिर गालों पर सूजन आना।
  2. धुंधला नजर आना :-      आंखों से धुंधला दिखाई देना।
  3. गले में दर्द:-

गले में सामन्यतया से अधिक दर्द की शिकायत या गले के अंदर के हिस्से जैसे टॉन्सिल्स (Tonsils) आदि में पीले या सफेद रंग के धब्बे दिखाई देना।

  1. निकलने वाला पदार्थ बदबूदार या अन्य रंग का होना

नाक से निकलने वाले पदार्थ का बदबूदार होना , नाक का एक तरफ़ बहना इसके अतिरिक्त पीले या सफेद रंग के अलावा किसी दूसरे रंग का होना।

  1. खाँसी 

खांसी जिसका 7 से 10दिन तक बने रहना और जिससे पीला, हरा या धूंधला सफेद रंग का बलगम आना।
उपरोक्त्त में से किसी भी लक्षण का 3 सप्ताह से ज्यादा समय तक दिखाई देना।

अन्य सम्भावित कारण हो सकते है नाक के बहाने के

नाक के बहाने के अन्य संभवित कारण भी हो सकते हैं जो निम्नलिखित हैं –

  1. झिल्ली मुड़ना
  2. सिर दर्द
  3. नशे की लत
  4. तम्बाकू और धूम्रपान की लत
  5. सूखी हवा
  6. मौसम में आये अचानक परिवर्तन के कारण
  7. नाक के लिए प्रयोग में लाने वाले स्प्रे का अधिकाधिक प्रयोग
  8. हार्मोन्स में आने वाले परिवर्तन की वजह से
  9. एन्फ्लूएंजा या फ्लू
  10. नाक में कोई चीज अटक जाना या फस जाना
  11. नाक पॉलिप्स (नाक या साइनस के ऊतकों में वृद्धि)
  12. कुछ दवाएँ
  13. अस्थमा।

नाक बहने से बचाव के उपचार

नाक बहने से रोकने के लिए उपचार किस प्रकार किया जा सकता है—

आप कुछ ऐसे उपचार अपना सकते हैं जिससे नाक बहने का  कारण बनने वाली कुछ स्थितियों की रोकथाम की जा सकती है, जो इस प्रकार हैं-

सामान्य सर्दी और जुकाम के सम्पर्क में आने की संभावनाओं को कम करने के लिए-

  1. अपने हाथों को बार- बार धोते रहें ओर उन्हें रोग फैलाने वाले रोगाणुओं से मुक्त रखें
  2. नाक बहने के दौरान टिसू पेपर या कपड़े को उपयोग में लाएं और इस्तेमाल करने के बाद उसे फेंक दें
  3. बहती नाक को साफ करने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें
  4. आम सर्दी – जुकाम को रोकने के लिए विटामिन सी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
    अगर आपको एलर्जी की समस्या है, तो एलर्जी का कारण बनने वाले पदार्थों से बचने की हर सम्भव कोशिश करें। ऐसा करने एलर्जी के लक्षणों से बचाव किया जा सकता है, और इस प्रकार के लक्ष्णों में नाक बहना भी सम्मिलित है। जो पदार्थ या वस्तुएं आपके एलर्जी कारण बनती हैं उनकी पहचान कर के , उन चीज़ों या वस्तुओं से बचने का हर सम्भव प्रयास करें।

नाक बहने से रोकने के घरलू और आसान से उपाय

नाक बहने से रोकने के कुछ उपचार इस प्रकार हैं
1.    बेड रेस्ट – पूरी नींद लेने और शरीर को आराम देने से ठीक होने के समय में काफी कमी आएगी अर्थात नाक बहना जल्दी रुक जायगा।

  1. नमक के पानी से नाक धोना

इस्तेमाल करने से पहले पानी को नमक डालकर उबालना जरूरी होता है उसके बाद पानी को सामान्य तापमान में लाकर उससे नाक को धोया जा सकता है। अपनी नाक के वायुमार्गों को बमक के पानी से धोने से नाक के अंदर के वायरस बाहर निकल जाते हैं और बहती हुई नाक भी ठीक हो जाती है ।

  1. भाप लेना चाहिये

भाप लेने से भी रुकी हुई नाक को खोलने में मदद मिलती है, यह प्रक्रिया भरी हुई या बहती हुई नाक काफी लाभदायक होती है। भाप की ज्यादातर खुराक लेने के लिए, गर्म पानी को किसी बर्तन में डालें और उसके बाद अपना मुँह उसके ऊपर करें और चारों तरफ से किसी मोटे कपङे या तौलिये से ढँक लें जिससे पर्याप्त ऊष्मा या भाप मिलती रहे। आप बाथरूम में गर्म पानी का शावर ऑन कर के एवं सभी खिड़की दरवाजे बंद करके भी अच्छी मात्रा में भाप ले सकते हैं।

  1. विटामिन सी अधिक मात्रा में ले

संतरे और निम्बू को विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। जुकाम और फ्लू को ठीक करने के लिए विटामिन सी का बहुतायत इस्तेमाल किया जाता है। इसलिये सन्तरे औऱ निम्बू का सेवन करें।

  1. नीलगिरि का तेल दिलाता है आराम

किसी बड़ें बर्तन में गर्म पानी डालें और उसमें नीलगिरी के तेल कुछ बूंदें डालें उसके बाद उसके ऊपर मुँह कर के सिर तौलिये या किसी मोटे कपड़े से चारों तरफ से अच्छे से उसकी भाप लें जैसे कि ऊपर बताया गया है ठीक उसी प्रकार। नीलगिरि के तेल की मदद से बहती हुई, भरी हुई और रुकी हुई नाक बंद गो जायेगी।

  1. सरसों का तेल का प्रयोग

सरसों के तेल में एंटीबॉयटिक, एंटीवायरल और एंटीहिस्टामिन गुण होते हैं जो बहती नाक के विभिन्‍न लक्षणों से तुरंत राहत प्रदान करते है। इसके अलावा, सरसों के तेल की महक बहुत जोरदार होती है जिससे नाक बिल्‍कुल साफ हो जाती है। समस्‍या होने पर 1 चम्‍मच सरसों का तेल कटोरी में रख कर हल्‍का सा गर्म करें। फिर एक-एक बूंद अपनी नाक के दोनों छेदों में डालें। यह नाक को साफ करने में आपकी मदद करता है। इस उपाय को दिन में दो से तीन बार करें।

  1. अदरक का सेवन

अदरक में गुणों की एक विस्‍तृत श्रृंखला जैसे एंटीवायरल, एंटीटॉक्सिक और एंटीफंगल मौजूद होते हैं जो बहती नाक के विभिन्‍न लक्षणों से जल्‍द राहत देने में आपकी मदद करते हैं। अदरक की चाय सबसे बेस्‍ट चाय है और यह तुरंत बन जाती है। एक कप में 3 स्‍लाइस अदरक की डाल कर 1 कप गरम पानी डालें। इसमें दालचीनी भी डालें और गर्मा गर्म पियें, तुरंत लाभ होगा। या अदरक के छोटे से टूकड़े को चबाने से भी लाभ होता है।

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