शीध्रपतन क्या है इसके कारण जाने – Premature Ejaculation Treatment In Hindi

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पुरुषों में होने वाली समस्याओं के अंतर्गत आने वाली एक सामान्य समस्या है. इस समस्या को शीघ्रपतन या शीघ्रस्खलन के नाम से आम तौर पर जाना जाता है. शीघ्रपतन का शाब्दिक अर्थ होता है, बहुत जल्दी पतन हो जाना या समाप्त हो जाना. चिकित्सा विज्ञान में यह शब्द पुरुषों की संभोग अवधि से जुड़ा हुआ होता है.

जब कोई पुरुष संभोग के दौरान आनंद के चरम सीमा तक पहुचने से पहले ही वीर्य स्खलित कर देता है, इसे शीघ्रपतन कहा जाता है. पर यहाँ पर यह बात गौर करने लायक है कि हर व्यक्ति की संभोग अवधि अलग अलग होती है, यह अवधि व्यक्ति के शारीरिक क्षमता और मानसिक स्थिति पर निर्धारित करती है.

इसलिए किसी व्यक्ति के लिए जो शीघ्रपतन की अवधि होगी, हो सकता है वह किसी और व्यक्ति के लिए चरम सीमा की अवधि हो. चिकित्सा विज्ञान की परिभाषा देखे तो यह कहती है कि यदि कोई पुरुष 60 सेकंड से पहले ही वीर्य स्खलित कर देता है, तो यह स्खलन शीघ्रपतन कहलाता है. 
कई मामलों में शीघ्रपतन की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि संभोग शुरू करने के पहले ही वीर्य स्खलन हो जाता है.

विषय सूची

किन कारणों से होती है शीघ्रपतन की समस्या  

शीघ्रपतन के कई कारण हो सकते है. इनमे से कुछ कारण शारीरिक तो कुछ मानसिक कारण भी होते है.

अधिक हस्तमैथुन की आदत

जब व्यक्ति किशोरावस्था में पहुचता है तो उसमे जननांगो के प्रति आकर्षण बढ़ता है. इसके बाद वह हस्तमैथुन जैसी अप्राकृतिक यौन क्रियाओ में लिप्त हो जाता है. यह स्थिति एक सीमा तक रहे तो ठीक रहता है, अन्यथा यह आदत न सिर्फ शरीर को नुकसान पहुंचाती है, साथ ही शीघ्रपतन जैसी समस्याओं को जन्म देती है. हस्तमैथुन के दौरान व्यक्ति को चरम सीमा तक पहुचने की बहुत जल्दी रहती है. धीरे धीरे यह एक आदत बन जाती है, और शरीर भी जल्दी स्खलन का आदी हो जाता है. इस कारण संभोग के दौरान भी यही स्थिति बनी रहती है.

कामुक विचारों में डूबे रहना

कहा गया है कि संभोग से जुड़ी हुई शारीरिक बुरी आदतें उतना बुरा प्रभाव नही डालती है, जितना मानसिक बुरी आदतें. हर वक़्त कामुक विचारों में डूबे रहने से हमारे शरीर के अंग उत्तेजित रहते है. हर वक्त वो स्खलन के लिए तैयार रहते है. जब भी उन्हें अनुकूल परिस्थिति मिलती है वो जल्दी ही स्खलित हो जाते है. आज लगभग हर व्यक्ति प्रतिदिन पोर्नोग्राफी देखता है. जो हमारे शरीर मे संभोग संबंधी कई समस्याओं को जन्म दे रहा है.

संभोग से जुड़ी हुई बातों का ज्ञान होना

कहते है अधूरा ज्ञान बहुत हानिकारक होता है. यही बात देश के लोगो पर भी लागू होती है. आज भी हमारे देश मे हमारे आसपास ऐसे कई लोग है जिन्हें संभोग से संबंधित पूर्ण ज्ञान नही होता है. इसके साथ ही जो थोड़ा बहुत ज्ञान होता है, वह भी अधूरा और गलत होता है. संभोग के प्रति यह अज्ञानता भी शीघ्रपतन का एक प्रमुख कारण है. एक उच्च स्तर का संभोग करना एक कला है. इसका जितना बेहतर ज्ञान होगा, व्यक्ति उतने ही अच्छे तरीके से अपनी इन्द्रियों का इस्तेमाल कर पायेगा.

लिंग की कमजोर नसें

शीघ्रपतन का एक प्रमुख कारण लिंग की नसों का कमजोर होना भी है. बुरी आदतों के चलते, बहुत अधिक शराब, और नशीले पदार्थो वक सेवन करने से शरीर मे कमजोरी आ जाती है, साथ ही जननांगो में रक्त वक प्रवाह भी कम हो जाता है, जिस वजह से लिंग की नसें कमजोर हो जाती है.

मानसिक तनाव

कभी कभी शीघ्रपतन का कारण शारीरिक न होकर मानसिक होता है. किसी भी तरह का मानसिक तनाव संभोग की प्रति अरुचि पैदा कर देता है. इस दौरान यदि कोई भी यौन संबंध स्थापित करता है तो उसके शीघ्रपतन होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है.

शीघ्रपतन को दूर करने के उपाय

संभोग करने से पहले हस्थमैथुन 

जब भी संभोग करना हो उसके 1- 2 घंटे पहले हस्थमैथुन कर लेना चाहिए. इससे संभोग करते वक़्त वीर्य स्खलन की अवधि बढ़ जाती है.

कीगल एक्सरसाइज

कीगल तकनीक, शीघ्रपतन की समस्या को दूर करने में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकता है. यह संभोग से जुड़ी हो नसों को मजबूत बनाता है, जिससे स्खलन को रोकने की क्षमता बढ़ती है. इसको करने के लिए सबसे  पहले जरूरी नसों का पता करना आवश्यक है. इसके लिए जब आप पेशाब करें, उस फौरन पेशाब को थोड़ी देर के लिए रोक ले, पेशाब रोकने के दौरान जिन नसों पर दबाव पड़ता है, उन्ही नसों पर यह एक्सरसाइज करना है.इसे करने के लिए नसों ऊपर की तरफ इस तरह से खींचे जैसे आप पेशाब को रोक रहे हों. इस दौरान जांघ और पेट पर खिंचाव नही पड़ना चाहिए.

एजिंग तकनीक

इसका प्रयोग भी काफी असरदार होता है. इस तकनीक में व्यक्ति को हस्थमैथुन करने की सलाह दी जाती है. लेकिन जैसे ही व्यक्ति स्खलन की तरफ बढ़ने लगे, और वीर्य बिलकुल स्खलित होने वाला हो, उसी वक़्त हस्थमैथुन रोक दें और वीर्य को स्खलित होने से रोक ले. यह एजिंग तकनीक कहलाती है. यह प्रक्रिया बार बार दोहराने से वीर्य स्खलन रोकने की क्षमता में इजाफा होता है.

रोको और दबाओ तकनीक

इस तकनीक का उपयोग संभोग के दौरान किया जा सकता है. संभोग करते वक़्त वक़्त जब व्यक्ति को लगे कि वह स्खलन की तरफ बढ़ रहा है, तब वह अपनी पार्टनर को कहे कि वो ग्लान्स पेनिस ने नीचे जोर से दबाएं. ऐसा वो तब तक कर के रखे जब तक वीर्य स्खलन की इच्छा समाप्त न हो जाये. इसके पश्चात पुनः संभोग कर सकते है. दोबारा यही स्थिति होने पर इसी प्रक्रिया को दोहराइए. ऐसा करने से वीर्य स्खलन की अवधि बढ़ जाती है.

कंडोम का उपयोग

बाजार में कई तरह से कॉन्डोम उपलब्ध है. जिनमे से कुछ संभोग की अवधि को बढ़ाने में मदद करते है. इन कंडोम की मोटाई दूसरे कंडोम की तुलना अधिक होती है. इस वजह से लिंग की संवेदनशीलता कुछ कम हो जाती है, जिस  वजह से स्खलन की अवधि भी बढ़ जाती है.

इस समस्या के समाधान हेतु अश्वगंधा का उपयोग भी किया जा सकता है. इसके लिये कम से कम 5 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को गर्म दूध में मिलाएं और उसमें बराबर की मात्रा में मिश्री भी मिला ले. अब इस दूध का सेवन प्रतिदिन सुबह और शाम को करें. इससे शीघ्रपतन से राहत मिलेगी.

मधुमेह में लिंग सम्स्या

इस रोग के कारण लिंग और सेक्स पॉवर कम हो जाती है आप सुगर को नार्मल करके पॉवर दुवारा आ सकती है

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