महिलायों में पी सी ओ डी की परेशानी इसके कारण ,लक्षण व इलाज – PCOD Treatment In Hindi

महिलाओं की समस्यायें

पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर महिलायों के अंडाशय में होने वाली एक परेशानी होती है | भारत में तो कई महिलायों को इस बीमारी के बारे बिलकुल भी जानकारी नही है | इसी वजह से आप सही समय पर इस समस्या का इलाज नही करा पाते है | पीसीओडी की वजह से महिला के अंडाशय में गांठे बनाने लगती है | जिसके कारण आपको पीरियड्स से जुडी समस्या का सामना करना पड़ता है | पीसीओडी के कारण आपको…


  • पीरियड्स कम या अधिक आना
  • चहरे ,छाती व पैरो पर बालों का निकलना |
  • बार बार गर्भपात का होना
  • गर्भधारण करने में समस्या आना |
  • पेट में दर्द का होना |
  • वजन बढ़ने की समस्या होना |

आदि कई परेशानी का सामना करना पड़ता है | आप इस समस्या को अल्ट्रासाउंड के माध्यम से देख सकते है | आपको भी अगर इस प्रकार कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है | तो आपको हमारे इस लेख को पूरा पढना चाहिये | तो आइये दोस्तों जानते है | पीसीओडी के बारे में विस्तार से |

यह बीमारी क्या है ?

पीसीओडी एक हार्मोनल डिसऔर्डर है | पीरियड्स के बाद में या पहले आपके शरीर में हार्मोन में बदलाव बहुत तेजी से होता है | जिसके कारण महिला के अंडाशय में अंडे बनाने लगते है | पीरियड्स के समय यह अंडे फूटकर आपके के फेलोपियन ट्यूब्स में चले जाते हैं | यदि किसी कारणवश महिला के अंडे फूट नही पाते है | तो आपको पीरियड्स में दिक्कत आने लगती है |

जिसको पीसीओडी के नाम से जाने जाता है | पीसीओडी के कारण आपको 2 से 3 महीनों तक पीरियड नहीं आने की शिकायत होने लगती है | पीरियड न आने की सबसे बड़ी वजह आपके अंडाशय में बनी अंडे क गांठ होती है | इसीलिए अगर आपको भी कुछ इसी प्रकार की परेशानी हो रही हो तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से सम्पर्क करे |

 इसके होने का  कारण

पीसीओडी की परेशानी अनुवांशिक कारणों की वजह से भी आपके शरीर में जन्म ले लेती है | यदि आपकी माँ को भी इस प्रकार की कुछ समस्या रही है | तो जाहिर सी बात है आपको भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है | वैसे तो इस समस्या का मुख्य कारण अभी तक पता नही चल पाया है | मुख्यतः यह समस्या मोटापे, तनाव, व अनियमित दिनचर्या वाली महिलायों के शरीर में जन्म लेती है | मोटापे व अधिक तनाव के कारण हॉर्मोन्स में असंतुलन बहुत तेजी से होता है | जिसके कारण आपको इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है |

प्रमुख  लक्षण

  • बाँझपन आना |
  • पीरियड्स की अनियमितता
  • तेजी से वजन बढ़ना |
  • एकाएक मुहांसों व तैलीय त्वचा की समस्या होना |
  • बालों का झड़ना |
  • पेट में दर्द का होना |
  • पैरों में सुजन आना |
  • अवसाद होना |
  • असामान्य रक्तस्राव का होना |
  • गर्भधारण में परेसानी |
  • प्रजनन क्षमता में कमी आना |

कैसे करे इलाज

वैसे तो पीसीओडी की समस्या आपके शरीर में बनाने इन्सुलिन के द्वारा भी होती है | यदि आपके शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बेहतर है | तो आप कभी भी पीसीओडी जैसी समस्या से ग्रस्त नही होगी | यदि उसके बाद भी आपको इस प्रकार की कोई परेसानी आ रही है | तो आपको इस प्रकार उपाय करना चाहिये |

साबुत आनाज का सेवन करे

साबुत अनाज में फाइबर, विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट पाये जाते है | जो आपके शरीर में हॉर्मोन्स का संतुलन बनाते है | आपको इस प्रकार की समस्या होने पर या बचने के लिए नियमित साबुत आनाज का सेवन करना चाहिये |

फलों का जूस पिये

फलों के जूस में सभी समस्या का हल छुपा होता है | यदि आप नियमित फलों के जूस का सेवन करे तो कभी भी आप गुप्त रोग से जुडी किसी समस्या का शिकार नही होंगे | फलों के जूस के सेवन से आपके शरीर को फाइबर, विटामिन B6 और विटामिन E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सेलेनियम और मैंगनीज जैसी और भी कई गुणकारी तत्व होते है | जो शरीर को स्वस्थ बनाने में बहुत मदद करते है | आपको रोजाना सुबह खाली पेट आनार, संतरा, व चुकंदर जैसे फलों के जूस का सेवन करना चाहिये |

अलसी का सेवन करे

अलसी का प्रयोग करके आप पीसीओडी जैसी परेशानी को शरीर से खत्म कर सकते है | अलसी एण्ड्रोजन की कमी को पूरा करने में बहुत मदद करती है | अलसी में फाइबर में उच्च होने की वजह से अलसी ग्लूकोज चयापचय और कम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने में मदद करता है | इसमें पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड आपके अंडाशय में होने वाली सुजन व दर्द को खत्म करने में मदद करता है |

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