जानिये नवजात शिशु का आहार चार्ट – Newborn Baby Diet Chart In Hindi

स्वास्थ्य सुझाव

नवजात शिशु के विकास के लिए सबसे जरुरी है, पौष्टिक आहार यदि किसी समस्या के कारण शिशु को माँ का दूध न मिल पा रहा हो तो शिशु को इस प्रकार के आहार का सेवन कराये जिससे शिशु के विकास में मदद मिल सके | क्योंकि संतुलित आहार ही शिशु को रोगों से लड़ने व विकास में मदद करता है | नवजात शिशु को 6 महीने से पहले ठोस आहार का सेवन नहीं कराना चाहिए क्योंकि ठोस आहार नवजात शिशु के लिए काफी हानिकारक साबित होता है | दोस्तों आइये जानते है, नवजात शिशु के जीवनशक्ति के लिए जरुरी आहार के बारे में विस्तार से –

नवजात शिशु के लिए माँ का दूध क्यों जरुरी होता है –

नवजात शिशु के लिए सबसे अच्छा आहार माँ का दूध होता है, माँ का दूध विटामिन और पोषक तत्वों से युक्त होता है, जिसके कारण बच्चे के विकास में मदद मिलती है | इसीलिए बच्चे का सबसे पहला आहार माँ का दूध ही माना जाता है | यदि किसी कारणवश किसी महिला को स्तनपान कराने में दिक्कत व परेशानी का सामना करना पड़ रहा है | तो शिशु को माँ के दूध के अलावा कुछ और आहार का सेवन करा सकते हैं जो निम्न प्रकार है –

शिशु का आहार चार्ट :

फार्मूला दूध लाभकारी होता है –

नवजात शिशु को एक दिन में 150 मिली लीटर से 200 मिलीलीटर दूध का सेवन कराना चाहिये | जिससे शिशु को ताकत व विकास में मदद मिल सके | फार्मूला दूध को खरीदने से पहले पैकेट पर दिये हुये प्रोटीन व चेतावनी को ध्यानपूर्वक जरुर पढ़े |

फार्मूला दूध बनाने का तरीका –

फार्मूला दूध को बनाने के लिए सबसे पहले स्वच्छता पर जरुर ध्यान दे सबसे पहले अपने हाथों व शिशु की बोतल को अच्छे से धूल ले फिर पानी को एक निश्चित मात्रा में गर्म कर ले | पानी जब ठंडा हो जाने पर इसको बोतल में डाले व इसमें एक चमच्च फार्मूला दूध को मिलाये और अच्छी तरह से मिलाये फिर अपने शिशु को इस दूध का सेवन कराये |

6 महीने से ऊपर के शिशु का आहार –

हम 6 महीने के शिशु को ठोस आहार दे सकते है ज्यादातर मां इस बात को लेकर परेशान रहती है, की वह अपने बच्चे को किस प्रकार के आहार का सेवन कराये की बच्चे का विकास अच्छे से हो तो आइये जानते है, 6 महीने के शिशु व उससे अधिक उम्र के बच्चों के आहार के बारे में विस्तार से |

हरी सब्जियां लाभकारी होती है –

हरी सब्जियों में प्रोटीन तथा खनिज के साथ साथ कम कैलोरी व कई गुणकारी विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते है | यह शिशु के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होती है, इसलिए शिशु को हरी सब्जियों का सेवन जरुर करवाना चाहिये | जिससे शिशु के शरीर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न आ सके |

ताजे फल फायदेमंद है –

ताजे फलों में भी कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मोजूद होते है, जो बच्चे के विकास में मदद करते है | माता पिता को अपने बच्चों को केला, आम, चीकू, स्ट्राबेरी, पका पपीता  और सेब आदि का सेवन करवाना चाहिये | यह सभी फल शिशु की सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है |

प्याज अदरक और लहसुन का सेवन करवाये –

प्याज, अदरक और लहसुन के सेवन से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी रोगों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है | जिससे मौसम के बदलाव के कारण बच्चे को किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामना नही करना पड़ता है |

मछली का सेवन करायें –

मछली के सेवन से शिशु को फैटी एसिड व ओमेगा-3 जैसे गुणकारी तत्वों की कमी नही होती है | शिशु को मैकेरेल, टुना, सारडाइंस और साल्मन जैसी मछली का सेवन करवाना चाहिये | जिससे शिशु की हड्डियों का विकास अच्छे से हो सके और बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत भी मिल सके |

दलिया फायदेमंद है –

दलिया में लोह, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जस्ता, नियासिन, तांबे, फास्फोरस, मैंगनीज, फाइबर और आहार प्रोटीन जैसी तत्व मौजूद होते हैं | जो शिशु को ताकत व विकास में मदद करते है, 6 महीने से कम उम्र के शिशु को भी दलिया का सेवन करा सकते है | दलिया शिशु की हड्डियों को भी ताकतवर बनाता है | कई डॉक्टर्स भी शिशुओं के विकास के लिये दलिया का सेवन करने की सलाह देते है |

कुछ अन्य लाभकारी आहार :

  • गाजर की खिचड़ी भी लाभदायक होती है |
  • लौकी की प्यूरी ( लौकी को मसल कर ) खिलाना भी फायेदेमंद है |
  • चावल का खीर का सेवन करा सकते है |
  • मसूर दाल की खिचड़ी जरुरी है शिशु के लिए |
  • केले का प्यूरी ( केले को मसल कर ) खिलाना फायदेमंद है |
  • अवोकाडो का प्यूरी ( अवोकाडो को मसल कर ) खिलाना लाभदायक है |
  • लाल चुकंदर और काला अंगूर का जूस है लाभदायक |
  • दही चावल भी खिला सके है शिशु को |
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