बच्चों को नेबुलाइजर से फायदे - Nebulizer In Hindi

बच्चों को नेबुलाइजर से फायदे – Nebulizer In Hindi

रोग व इलाज

नेबुलाइजर नामक थेरेपी सांस द्वारा फेफड़ो में दवाएं देने के लिए एक असरदायक व बेहतर तरीका है । डॉक्टर्स इस प्रक्रिया के तहत कई प्रकार की दवाओं को इसके जरिये देने की सिफारिश करते है। यह मेटर्ड डोजा इनहेलर का बड़ा रूप है । यह अधिकतर अस्थमा से ग्रसित मरीजों के लिए प्रयोग में आता है । यह इनहेलर की तुलना में उपयोग करने में आसान है, इसका प्रयोग क्रोनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग, का्रेकाइटिस, निमोनिया में राहत में पाने के लिए एयरोसोल दवाओं पर निर्भर है । इस में तरल दवा की थोड़ा मात्रा डाली जाती है, और उसे यह मशीन धुएं में बदल देती है, जिसे स्वांस के द्वारा लिया जा सकता है ।


नेबुलाइजर क्या है ?

यह उपकरण तरल दवा को धुधं की छोटी-छोटी बूदों में परिवर्तित करने के लिए छोटे कप्रेंसर का उपयोग करता है । इस उपकरण से जुड़े हुए मास्क को मुंह पर लगा कर सीधे फेफड़ों में स्वांस के द्वारा ले लिया जाता है । इस उपकरण से दवा सीधे हमारे फेफड़ों में पहुँच जाती है । सीधे फेंफड़ो में जाने के कारण इस दवा का असर जल्दी शुरू हो जाता है । इस उपकरण के नाम की उत्पत्ति मूल रूप से नेबुलौस नामक शब्द से हुई है, जिसका सामान्य भाषा में अर्थ ‘बादल’ होता है । यह तीन प्रकार की होती है जो निम्न हैं…

  • अल्ट्रासोनिक
  • जेट
  • मेष नेबुलाइजर्स

इन तीनों में से सबसे अधिक लाभकारी मेष नेबुलाइजर को माना जाता है। यह सबसे अधिक कॉम्पेक्ट, कम शोर और सबसे तेज भी होते है । यह रोगी के लिए बहुत अच्छे साबित होते है, यह उपकरण दो प्रकार के मॉडल में उपलब्ध होते है । पहला जिसको घर पर उपयोग किया जाता है, इन्हें टेबल टॉप मॉडल कहा जाता है यह आकार में भी बड़े होते है । दूसरे होते है, पोर्टेबल मॉडल जिन्हें हमारे द्वारा कहीं भी ले जाया जा सकता है । यह बैटरी के द्वारा संचालित होते है, इसकी बैटरी डिस्पोजेबल या रिचार्जेबल हो सकती है । इसकी बैटरी को कार में उपस्थित चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है ।

इस उपकरण के फायदे

  • यह स्वांस की परेशानी में रोगी को सीधे फेंफड़ों में दवा देने के लिए सबसे सरल और असरकारक तरीका है।
  • अन्य दवाएं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रेक्ट से होकर आपके रक्त में जाती है, लेकिन इस उपकरण से आप सीधे दवा का उपयोग कर सकते है।
  • अन्य दवाओं को मुंह से लेने में उससे कई दुष्प्रभाव होने की संभावना रहती है, बल्कि नेबुलाइजर से यह खतरा खत्म हो जाता है।

बच्चों में इस उपकरण का उपयोग

अगर आपके बच्चे को किसी कारण ठंड या खांसी होती है, तो उसके कारण उसकी छाती जकड़ जाती है । इस समस्या के कारण बच्चे को स्वांस लेने में समस्या शुरू हो जाती है । इस प्रकार की समस्या में डॉक्टर आपके बच्चों को नेबुलाइजेशन के प्रयोग के लिए सलाह दी जाती है। नेबुलाइजेशन की प्रक्रिया बच्चो की श्वशन समस्याओं के लिए बहुत अधिक प्रभावी होती है। बच्चों को अधिकतर इस प्रक्रिया का ही प्रयोग किया जाता है, क्योंकि वह इनहेलर का उपयोग करने में सक्षम नहीं होते है ।

बच्चे को किस प्रकार की और किस क्षमता के नेबुलाइजड दवा दी जाती है, यह उसकी उम्र और आपके बच्चे के समन्वय पर निर्भर करता है और आपके बच्चे के डिवाइस का उपयोग करने के तरीके को समक्षने की क्षमता पर निर्भर करता है । नेबुलाइजर्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाता है । यह आपके बच्चे की श्वशन समस्या की गंभीरता के अनुसार ही उस पर पूर्ण रूप से निर्भर रहता है ।

बच्चों में अधिक खांसी और सर्दी होने की समस्या होने पर डॉक्टर बच्चे को दिन में कई बार उपयोग करने की सलाह दे सकते है । जिन बच्चों को अस्थमा की समस्या होती है, उन्हें नेबुलाइजर की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि उन्हें लगातार सर्दी, छींक और एलर्जी की समस्या रहती है । इसका प्रयोग करते-करते आपके शरीर में प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है, और इसके बाद आपको इसका प्रयोग नहीं करना पड़ता है । नेबुलाइजर को दवा के साथ या बिना दवा के भी उपयोग में लाया जा सकता है ।

इसको उपयोग करने का तरीका

  • सर्वप्रथम इस उपकरण के सारे निर्देशों को अच्छे से पढ़ लें ।
  • नेबुलाइजर और एयर कंप्रेशर को उचित तरीके से जोड़ लें ।
  • इसके कंप्रेसर को ऐसी जगह रखना चाहिए जंहा बिजली का उचित कनेक्शन हो ।
  • हमेशा नेबुलाइजर को साफ करके ही उपयोग करें ।
  • डॉक्टर के द्वारा दी गई दवा की उचित मात्रा में नेबुलाइजर के चेंबर में रखे ।
  • इसको शुरू करने के बाद इसके मास्क को मुंह पर रखे और इसको अपने होंठ पर स्थिर कर रखें जिससे दवा आपके फेफड़ों तक जा सके ।
  • मास्क को तब तक लगांए जब तक पूर्ण दवा का प्रयोग नहीं हो जाता है ।
  • यदि जरूरत हो तो नाक पर क्लिप का प्रयोग कर सकते है,जिससे आप सिर्फ मुंह के द्वारा ही स्वांस लेते रहें ।
  • उपयोग के बाद दवा के कप व मास्क को अच्छे से साफ कर लें ताकि उसमें बैक्टीरिया व रोगाणु न हों सकें ।

इस उपकरण की कीमत

आज के समय में हम दवाओं को लेते समय डरतें है, कि यह नकली तो नही है । बाजार में कई प्रकार के नेबुलाइजर उपलब्ध होने के कारण आप इसे लेते समय भ्रमित हो जाते है । इस उपकरण को लेते समय हमकों कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-

  • नेबुलाइजर किस प्रकार का है।
  • उसकी विवरण की दर ।
  • दवा कि क्षमता
  • शोर का स्तर

यदि आपके बच्चे को श्वसन की समस्या है, और नेबुलाइजर का उपयोग करता है तो उसका प्रतिदिन आपको 200 से 300 रु. का चार्ज लगता है । यदि आपको लम्बी अवधि के लिए नेबुलाइजर की आवश्यकता होती है, तो बेहतर यही होगा कि आप इसको खरीद ले और उपयोग में ले । यदि एक अच्छे प्रकार की नेबुलाइजर आप खरीदना चाहते है तो आपको लगभग 1500 से 2000 रु का खर्चा हो सकता है । इसको लेते समय आप डॉक्टर की सलाह जरूर ले ।   

इसके प्रयोग से नुकसान-

नेबुलाइजर के कुछ नुकसान भी है जो आपको पता होना जरुरी होते हैं | इसको उपयोग करने से कुछ समस्याऐं उत्पन्न होने के आसार होते है । नीचे दी गई कुछ समस्याऐं इसके उपयोग करने से होती है । अतः किसी भी प्रकार की समस्या आने पर डॉक्टर से सलाह जरुर लेलें ।

  • सिर में दर्द होना
  • घबराहट होना
  • हृदय की गति का बड जाना
  • मुंह का सुखना
  • शरीर में कपकपी होना

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MANVENDRA
HEALTH BLOGGER AND DIGITAL MARKETER AT SOFT PROMOTION TECHNOLOGIES PVT LTD

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