जानिए क्या होता है बहुव्यक्तित्व विकार – Multiple Personality Disorder In Hindi

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जानिए क्या होता है बहुव्यक्तित्व विकार

बहुव्यक्तित्व विकार में व्यक्ति एक समय पर दो अलग – अलग तरह के या और ज्यादा व्यक्तियोंको अपने आप में महसूस करने लगता है | जो की एक प्रकार का मानसिक विकार है मल्टीपल पर्सनलिटी डिसऑर्डर को डिसोएक्टिव आईडेंटिटी डिसऑर्डर के नाम से भी जाना जाता है |

इस प्रकार के मानसिक विकार में एक ही व्यक्ति एक ही समय पर अलग – अलग प्रकार के व्यक्तियोंकी तरह वयवहार करता है | ये परेशानी तब विकसित होती है , जब व्यक्ति की भावनाओ , विचारो और याददास्त पर से नियन्त्रण खो जाता है |

बहुव्यक्तित्व विकार के कारण

इस प्रकार के मानसिक विकार के कारणों का पता व्यक्ति के साथ बचपन में हुई कोई शारीरिक या यौन शोषण को माना जाता है | जिसके कारण व्यक्ति के अंदर कभी नही भूलने वाला डर अच्छी तरह बैठ जाता है |

और इसका सीधा असर व्यक्ति के मन मस्तिस्क में होता है | इसके अलावा इस प्रकार के मानसिक विकार का कारण पोस्ट ट्रामेटिक तनाव भी होता है | जिसमे व्यक्ति को बहुत ज्यादा ही बुरे सपने , फ्लैशबैक और बहुत ज्यादा डरावनी बाते मन में आने लगती है |

बहुव्यक्तित्व विकार के लक्षण

  • एक ही व्यक्ति को दो या दो से अधिक व्यक्तित्व को अपने में महसूस कर लेना |
  • किसी और व्यक्तित्व के बारे में सोचने लगना तथा उस की तरह ही बाते करना |
  • अपने जीवन की पुरानी यादो को बहुत ज्यादा याद करना तथा उन यादो को वर्तमान समय के साथ जोड़ कर देखने लगना|
  • अचानक से मूड में बदलाव आ जाना |
  • बेचैनी होना |
  • आत्महत्या करने की इच्छा करना |
  • नशे की लत हो जाना |
  • ज्यादातर समय में डिप्रेश में रहना |
  • व्यक्ति को अपने प्रतिदिन के कार्यो को करने में बहुत ज्यादा तकलीफ होने लग जाती है|
  • इस मानसिक विकार में व्यक्ति अपनी त्वचा भी काट लेता है |

बहुव्यक्तित्व विकार की जाँच

इस प्रकार के मानसिक विकार को पहचान पाना बहुत ही मुश्किल माना जाता है , क्योकि इस प्रकार के मानसिक विकार के जो लक्षण होते है , वो और कई प्रकार के मानसिक विकारो से कई ज्यादा मिलते – जुलते है | और इसी कारण इसको अच्छी तरह से पहचान पाना बहुत मुश्किल हो जाता है | इसलिए इस मानसिक विकार को पकड़ने तथा इसकी जाँच करने में बहुत ज्यादा समय लग जाता है |

बहुव्यक्तित्व विकार का उपचार

इस प्रकार के मानसिक विकार में वयक्ती को दूसरे व्यक्तित्व को अच्छी तरह भुलाने तथा उससे उस व्यक्तित्व का ध्यान अलग करने की कोशिश की जाती है | इसके उपचार में कॉगनिटिव और क्रिएटिव थेरेपी का भी प्रयोग किया जाता है | इन सब के अतिरिक्त इस समस्या से गुजर रहे व्यक्ति को सही करने के लिए दवाओं की भी मदद ली जाती है |

बहुव्यक्तित्व विकार के उपचार की शुरआती चिकित्सा थैरेपी होती है | इसके इलाज के लिए प्ले थैरेपी , टॉक थैरेपी , हिप्रेषर थैरेपी का इस्तेमाल होता है | ज्यादातर मनो चिकित्सक इस मानसिक विकार के उपचार के लिए कोई दवाई नही देते है | उपचार के दौरान में यह प्रयास किया जाता है , की व्यक्ति अपने सही जीवन को अपने सदमे से जोड़कर न देखे |

थैरेपी एक लम्बी प्रक्रिया होती होती है , इस में उपचार के दौरान बहुत ज्यादा समय लग जाता है | इसके मुख्य लक्षण मूड में आ रहे उतार – चढाव को सही करने के लिए मूड स्टेबलाईजर का प्रयोग किया जाता है | मूड स्टेबलाईजर का प्रयोग करने से पहले वयक्ती की उम्र , वजन , डेमोग्राफिक प्रोफाइल , परिवारिक हिस्ट्री , दवाई का प्रभाव और मेटाबोलिक को देखा जाता है |फिर जाके इस मानसिक विकार का उपचार शुरू होता है |

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