एमआरआई जाँच क्या है ? जाँच की कीमत व महत्त्व – Importance Of MRI Scan Test In Hindi

लैब टेस्ट

एमआरआई एक प्रकार की जाँच होती है, जिसका पूरा नाम मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग है | एमआरआई की खोज 1978 में लंदन के पीटर मैन्सफील्ड ने की थी | पीटर मैन्सफील्ड को इस खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था | इस खोज ने पुरे विश्व में मेडिकल दुनियां में एक नई क्रांति ला दी थी | एमआरआई से जाँच करने के लिए शक्तिशाली चुंबकों, रेडीयो किरणों व कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है |

एमआरआई के द्वारा निकालने वाली शक्तिशाली चुंबकों व रेडीयो किरणों आपके शरीर के अंदुरनी अंगों की तस्वीरों को निकालती है | जिसके द्वारा आपके इलाज की क्रिया में बहुत मदद मिलती है | डॉक्टर इस टेस्ट का इस्तेमाल मरीज के शारीरिक परीक्षण को देखने में करते है, जिससे आपके अंदुरनी अंगों में पल रही बीमारी की सम्पूर्ण जानकारी मिल सके | आपको यह जाँच कराने पर बिलकुल एक्स-रे और सीटी स्कैन टेस्ट की तरह अनुभव होता है | पर वास्तव में यह एक्स-रे और सीटी स्कैन से बिलकुल अलग होती है |  एमआरआई के द्वारा शरीर के कई हिस्सों की जाँच की जाती है जैसे –

  • ह्रदय और रक्तवाहिकाओं की जांच |
  • महिला के स्तनों की जांच |
  • हड्डियों व जोड़ों की जांच |
  • दिमाग व रीढ़ की हड्डी जाँच |
  • लिवर, गर्भाशय और पौरुष ग्रंथि

आदि की जांच में इस मशीन का प्रयोग किया जाता है | इस मशीन के द्वारा बीमारी के चरणों के बारे में पता लगाकर उस बीमारी के इलाज में मदद मिलती है | दोस्तों आइये जानते है, इस मशीन के बारे में विस्तार से –

एमआरआई स्कैन क्या है ?

एमआरआई स्कैन जांच में डॉक्टर मशीन के द्वारा शरीर में पल रही किसी भी बीमारी का पता बहुत आसानी से लगा लेते है | इस मशीन से निकालने वाली शक्तिशाली चुंबकों, रेडीयो किरणों आपके पुरे शरीर की जाँच करके उसका परिणाम इस मशीन से जुडे कंप्यूटर पर दिखाती है | जिससे डॉक्टर मरीज के प्रभावित हिस्से की विस्तृत तस्वीरों की जाँच करके इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते है | एमआरआई द्वारा ली गई तस्वीरें अन्य जाँच जैसे एक्स-रे व सीटी स्कैन से बहुत अच्छी होती है, इसी वजह से डॉक्टर अन्यजांचो की अपेक्षा इस जांच को कराने की अधिक सलाह देते हैं |

यह टेस्ट क्यों किया जाता है ?

एमआरआई स्कैन से मिले परिणाम के द्वारा किसी भी रोग व चोट को आसानी से ठीक किया जा सकता है, इस वजह से डॉक्टर इस जाँच के लिए आपको सलाह देते है | कभी कभी इलाज के समय भी इस जाँच का प्रयोग किया जाता है | डॉक्टर आपको दिया जाने वाला इलाज किस प्रकार असर कर रहा है ये देखने के लिए भी इस जाँच का सहारा लिया जाता है | तो दोस्तों आइये जानते है, एमआरआई स्कैन किन किन अंगो से जुडी बीमारियों की जाँच करता है –

यह जांच किन बीमारी में की जाती है ?

यह जांच कैसे होती है ?

एमआरआई जाँच को करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपकी बांह की नस पर कोन्ट्रास्ट डाई का इस्तेमाल करते है | इस डाई की मदद से डॉक्टर आपके शरीर के अंदरूनी हिस्सों को पूरी तरह देख पाते है | डॉक्टर द्वारा प्रयोग की गयी कोन्ट्रास्ट डाई को गैडोलीनियम के नाम से जाना जाता है | इस जाँच के लिए आपको मेज की आकर के बेड पर लिटाया जाता है | जिसको कंप्यूटर के द्वारा एमआरआई मशीन में ले जाया जाता है |

एमआरआई जाँच होने से पहले आपको बिलकुल भी हिलने डुलने के लिये माना किया जाता है | अन्दर जाने के बाद डॉक्टर आपसे बात करके पूछते है कि आप मशीन के अन्दर किस प्रकार महसूस कर रहे है | एमआरआई मशीन के अंदर एक शक्तिशाली चुंबकिया क्षेत्र होता है जो आपके पूरे शरीर की जाँच करके कंप्यूटर पर दिखता है | इस जाँच के दौरान मशीन से तेज आवाज निकलती है | दिमागी मरीज के लिए डॉक्टर उनको इयर प्लग या हैडफोन देते है | इस जाँच को करते समय आपको एक अलग एहसास होता है |

एमआरआई जाँच के बाद आपको या आपके शरीर पर कसी भी प्रकार का कोई असर नही पड़ता है | टेस्ट के बाद आप अपनी रोजाना की गतिविधि में व्यस्त हो सकते है | इस जाँच से प्राप्त तस्वीरों की जाँच के बाद डॉक्टर इनको रेडियोलोजिस्ट डॉक्टर के पास भेज देते है |

इससे जांच से होने वाले नकारात्मक प्रभाव –

एमआरआई जाँच के द्वारा आपको किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होता है | कभी कभी कई मरीजों को इस मशीन के अन्दर घबराहट महसूस होने लगती है | इसके अलावा इस जाँच का शरीर पर किसी प्रकार का कोइ नकारात्मक असर नही पड़ता है |

इस जाँच की कीमत –

एमआरआई जाँच को आप अपने नजदीकी किसी भी बड़े अस्पताल में बहुत आसानी से करवा सकते है | इस जाँच को करवाने में आपको लगभग 2500 से 3000 रूपए तक की कीमत अदा करनी पड़ती है |

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