माइग्रेन रोग के कारण और लक्षण को जाने

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माइग्रेन रोग
माइग्रेन रोग

माइग्रेन रोग मे रोज का सिरदर्द जब हद से गुजरने लगे तो नजर अंदाज न करे क्योकि माइग्रेन भी हो सकता है बेहतर होगा की इस रोग के लक्षणों को समझे और सर्तक रहे | यह सर में होने वाला सबसे तेज दर्दो में से एक है इसकी बजह से सर और कान के पीछे असहनीय दर्द का अनुभव होता है
आज दुनिया में इस बीमारी के मरीजो में तेजी से बढोतरी हो रही है वैसे तो इस बीमारी का कोई ठोस कारण का अभी तक पता नही लग पाया है, आज के भागदौड वाली जिन्दगी के कारण बढते हुये तनाव, खान पान की आदते, असंयम, अनुवांशिकता और उच्च रक्तचाप इत्यादी कारणों से पीड़ित व्यक्ति में इस रोग की होने की आशंका ज्यादा पायी जाती है |

माइग्रेन के लक्षण

माइग्रेन का सबसे पहला लक्षण आँरा होता है किसी भी वस्तु या व्यक्ति के आसपास उसी आकर में रोशनी का दिखना माइग्रेन में ऐसा दर्द के दौरान 5 मिनट से 1 घंटे तक रहता है | आप माइग्रेनमें कभी ज्यादा उग्र और कभी ज्यादा शांत हो जाते है माइग्रेन (Migraine) के दौरान आपकी भावनायें बहुत तेजी बदलती है माइग्रेन के दर्द  की वजह से आपको थकान होती है जिससे आपको नींद नही आती और आप रातभर सो नही पाते है माइग्रेन  से पीड़ित रोगी को बार-बार पेशाब आती है माइग्रेन से ग्रस्त रोगी की आँखों से पानी निकलना व नाक जाम होना जैसी समस्यायें होती है इन लक्षणों को  पहचानकर माइग्रेन का पता लगाया जा सकता है |

  • सिर के आधे या कभी – कभी पूरे सिर में जबरदस्त पीड़ादायक असहनीय दर्द होना |
  • आँखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना या आँखों के सामने बिजली चमकना |
  • हाथ और पैर ठंडे या सुन्न पढ़ जाना |
  • भूख कम लगना, जी मचलना, उलटी होना |
  • आवाज और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाना |
  • कमजोरी आना |
  • ज्यादा पसीना आना |
  • कही पर भी ध्यान केन्द्रित ना कर पाना |

माइग्रेन के कारण

इस रोग के कई कारण हो सकते है माइग्रेन आजकल के गलत खान – पान से भी हो सकता है माइग्रेन अधिक समय तक धूप में रहने से एवं कम नींद लेने से और हर समय तनाव में रहने से माइग्रेन की परेशानी उत्पन्न हो सकती है ये सब माइग्रेन के कारण होते है |

इस बीमारी में क्या करे –

  • संतुलित आहार ले, ज्यादा समय तक भूखे पेट न रहे |
  • भरपूर मात्रा में पानी, पीना चाहिये |
  • पर्याप्त नींद ले, अधूरी नींद या ज्यादा सोने से भी माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है |
  • डॉक्टरकी सलाह अनुसार दवा ले, कुछ दवाओ कारण भी माइग्रेन हो सकता है इसलिये बिना सलाह के कोई दवा नही लेना चाहिये |
  • तनाव मुक्त रहने की कोशिश करे योग प्रणायाम या संगीत सुनकर मन को शांत रखने की आदत डाले और तनाव से दूर रहने की कोशिश करे |
  • नियमित हर रोज कम से कम 30 मिनिट तक वयायाम  करे |
  • इस रोग का दर्द होने पर दर्द वाले हिस्से पर ठन्डे पानी की पट्टी रखने से रक्त धमनिया फ़ैल जाती है और दर्द कम हो जाता है |
  • क्रोध, शोक, भय इत्यादी भावनाओ को दवाने से भी माइग्रेन हो सकता है
  • इसलिये भावनाओ को दवाने के बजह इन्हे अपने परिचित और विश्वस्त लोगो के साथ बाटे |
  • होरमोन इमबैलंस की बजह से भी माइग्रेन हो सकता है इसी कारण माइग्रेन  का प्रमाण पुरषों से ज्यादा स्त्रियों में पाया जाता है इसलिये होरमोन इमबैलंस की समस्या होने पर, डॉक्टरसे इसका इलाज जरुर करा लेना चाहिये |
  • गलत तरीके से उठने, बैठने या सोने से आप के पीठ, गर्दन या सिर से जुड़े स्नापू में आकुंचन से भी दबाब के कारण माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है, हमेशा काम करते वक्त, बैठते समय या आराम करते समय शरीर का आसान सही रखने की कोशिश करे |

रोगी क्या न करे –

इन खाद्य पदाथो का प्रयोग मत करे |

  • जंक फ़ूड या डिब्बा बंद पदार्थ , कोफ्फ़िने युक्त पदार्थ, पनीर, चीज, चॉकलेट, नुडल्स,
  • कुछ प्रकार के नट्स, शराब, तम्बाकू, प्याज, केला, आचार, पापड़ का प्रयोग मत करे |
  • ज्यादा उचाई वाली जगह पर न जाये |
  • किसी भी तरह के सिर दर्द को हलके में न ले |
  • ज्यादा नजदीक से टी.बी या कंप्यूटर न देखे |
  • ज्यादा समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने या गेम्स खेलने से बचे |
  • तेज गंध वाली जगह पर काम न करे तेज गंध वाले इत्र का प्रयोग न करे |
  • तेज धूप में बाहर न जाये, तेज रोशनी की तरफ न देखे गर्मी के दिनों में बाहर जाते समय टोपी का प्रयोग करे |
  • डॉक्टरकी सलाह के बिना दवा न ले बाजार में माइग्रेन के इलाज (Migraine Treatment) के लिये
  • कई दवा मिलती है परन्तु उनके कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते है |

ओर पड़े – (Migraine Symptoms, Causes And Treatment. माइग्रेन व सिर दर्द का इलाज घर पर करे |)

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