लिवर rog

लिवर का कार्य तथा रोग जाँच व दवा – Liver Disease And Test In Hindi

रोग व इलाज

लिवर यानि यकृत मनुष्य के शरीर की सबसे बड़ी  ग्रंथि होती है, इसको कलेजा के नाम से भी जाना जाता है | लिवर शरीर में पित्त का निर्माण करता है, फिर यह पित्त यकृती वाहिनी उपतंत्र व पित्तवाहिनी के द्वारा पित्ताशय में चला जाता है, जो भोजन पाचनक्रिया में मदद करता है | मनुष्य लिवर लाल व भूरे रंग का होता है, लिवर में दो भाग होते है, लिवर का दक्षिण भाग लिवर का सबसे बड़ा हिस्सा होता है | जो यकृत पेरिटोनियम यानि गुहा के बहार स्तिथ होता है, मनुष्य के लिवर का एक भाग पाँच तलवाले नुकीला भाग में यानि वाम में स्तिथ होता है | वहीँ अन्य चार भाग एक पतले किनारे से घिरा रहता है | दोस्तों आइये जानते है लिवर के कार्य के बारे में |


इसका कार्य

जैसा की आप जानते है, की लिवर मनुष्य के शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है | जब व्यक्ति भोजन का सेवन करता है तो उस व्यक्ति का पाचन तंत्र उस भोजन को छोटे छोटे टुकड़ों में बाट कर रक्त व हेपाटिक पोर्टल सिस्टम के द्वारा व्यक्ति के लिवर में पहुंचता है | फिर लिवर उस भोजन से सभी पोषक तत्वों का अलग अलग करके व्यक्ति के सभी अंगों में पहुचाने का कार्य करता है | व इसके साथ लिवर कई पोषक तत्व को अपने अंदर ही जमा कर लेता है, जिससे लिवर को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है |

इन्ही पोषक तत्वों की मदद से हमारे शरीर को जरुरी उर्जा प्रदान होती है | लिवर शरीर में आने वाले जहरीले पदार्थों को शरीर से निकालने का कार्य भी करता है | लिवर का मुख्य कार्य शरीर के सभी अंगों को पौष्टिक तत्व भेजने का कार्य करता है | दोस्तों आइये जानते है, लिवर में होने वाली समस्या व इसके उपचार के बारे में |

लिवर रोग क्या है ?

लिवर मनुष्य के शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो व्यक्ति को उर्जा व ताकत प्रदान करने का कार्य करता है | यदि लिवर में अत्यधिक जहरीले प्रदार्थ जमा होने लगे तो इसके कारण लिवर को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | जिसको लिवर रोग के नाम से जाना जाता है | तो आइये जानते है लिवर रोग के प्रकार के बारे में |

रोग के प्रकार

 कारण

लिवर में समस्या होने के अनेकों कारण होते है, जिसकी वजह से लिवर में परेसानी आने लगती है | लिवर में यह परेसानी कई वजह से जन्म ले सकती है | आइये जानते है, इस समस्या को विस्तार से |

संक्रमण के कारण व ख़राब होने की वजह

व्यक्ति का लिवर परजीवी व वायरस के द्वारा भी संक्रमित हो जाता है, यह संक्रमण भोजन, पानी, यौन संबंध व किसी ग्रस्त व्यक्ति के द्वारा हैपेटाइटिस जैसी संक्रमक बीमारी का शिकार हो जाता है | लिवर में होने वाला संक्रमण अनुवांशिक नही होता है | लिवर में संक्रमण होने पर व्यक्ति के मल-मूत्र का रंग गहरा, उल्टी, थकान व एकाएक वजन में कमी आने लगती है |

भोजन के कारण

यदि व्यक्ति असंतुलित भोजन का सेवन अधिक करने से व्यक्ति के लिवर में कई प्रकार की समस्या आने लगती है | अधिक वसा व अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन का सेवन करने से लिवर में सुजन, दर्द व लिवर बढ़ने की समस्या आने लगती है |

अनुवांशिक कारणों की वजह से होता है लिवर ख़राब

कई बार लिवर में समस्या आने का कारण अनुवांशिक भी होता है, अगर माता पिता लिवर से जुडी किसी समस्या के शिकार है, तो उनके बच्चे भी आगे उस बीमारी से ग्रस्त हो जाते है | अनुवांशिक लिवर की बीमारियों में हेमोक्रोमैटोसिस, व विल्सन रोग जैसी समस्या प्रमुख्य है |

प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण

यदि किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो वह व्यक्ति भी लिवर से जुडी समस्या से ग्रस्त हो जाता है | प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण व्यक्ति ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस, बाइलरी सिरोसिस व स्केलेरोसिंग कोलिन्जाइटिस जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है |

इसके लक्षण

  • त्वचा और आंखें में पीलापन |
  • पेट दर्द और सूजन |
  • पैरों में सूजन आना |
  • त्वचा में खुजली होना |
  • मूत्र व मल का गहरा रंग होना |
  • अधिक थकावट होना |
  • मतली और उल्टी आना |
  • भूख कम लगना |

लिवर रोग की जाँच

लिवर में समस्या होने पर इसका पता आसानी से नही लगाया जा सकता है | इसीलिए अगर आपको ऊपर दिये हुये, लक्षण में किसी भी लक्षण का आभास हो | तो आपको अपने लिवर की जाँच करवा लेनी चाहिये | दोस्तों आइये जानते है, लिवर रोग की जाँच को |

ब्लड टेस्ट जाँच

यदि आपको लगता है, की आपके लिवर में किसी भी प्रकार की कोई परेसानी आ रही है | तो आप ब्लड टेस्ट के जरिये आप अपनी इस परेसानी का पता लगा सकते है, व्यक्ति ब्लड टेस्ट के जरिये लिवर में होने वाली अनुवांशिक समस्या का पता भी लगा सकती है |

अल्ट्रासाउंड जाँच

अल्ट्रासाउंड उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगों का प्रयोग करके लिवर में होने वाली परेसानी का पता लगाया जाता है | अल्ट्रासाउंड के द्वारा निकलने वाली उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगे व्यक्ति के शरीर के अंदर की तस्वीरें निकालती है | जिसके द्वारा डॉक्टर परेसानी व उपचार का पता लगा पाते है |

सीटी स्कैन जाँच

सीटी स्कैन यानि कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी एक्स-रे से जुड़ा एक रूप होता है, जिसके द्वारा शरीर का एक्स-रे करके व्यक्ति की परेसानी का पता लगाया जाता है | यदि आप भी अपने लिवर से जुडी किसी परेसानी का पता लगाना चाहते है, तो आप सीटी स्कैन के द्वारा अपनी समस्या व इलाज के बारे में जान सकते है |

एमआरआई स्कैन जाँच

एमआरआई स्कैन यानी मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग जो शक्तिशाली चुंबकों, रेडीयो किरणों के द्वारा मरीज के शरीर की पूरी जाँच करती है | इस जाँच से भी व्यक्ति के लिवर में होने वाली समस्या का पता लगाया जा सकता है |

ऊतकों की जाँच

डॉक्टर कभी कभी व्यक्ति के लिवर में होने वाली समस्या के बारे में पता लगाने के लिये मरीज के ऊतक की जाँच करते है | जिससे मरीज के लिवर में होने वाली समस्या का पता लगाया जा सकता है |

इस रोग की दवा

नाम                       पॉवर                           मूल्य
Bpzide                 12.5 Mg                        8.0
Cardikare H        50 Mg                         75.0
Bilefix                 300 Mg                         373.0
Dyloop               10 Mg                             29.0
E Tel H              40 Mg                            36.0
Genurso            300 Mg                           212.0
Hepacure          100 Mg                           116.0
Icosar H            50 Mg                              68.0
Losa H               50 Mg                               65.0
Losacron H       50 Mg                               47.0

यह रोग होने पर प्रयोग करे आयुर्वेदिक दवा

  • झंडू लिवोतरीत सिरप
  • डाबर हेपनो
  • बैद्यनाथ ताम्र भस्म
  • बैद्यनाथ अश्वकंचुकी रास
  • बैद्यनाथ पर्वल पंचामृत

 कैसा हो खानपान इस रोग मे

यदि आप अपने लिवर से जुडी किसी समस्या से ग्रस्त है, तो आपको अपने खानपान पर जरुर ध्यान देना चाहिये | लिवर रोग होने पर व्यक्ति को फाइबर, प्रोटीन व विटामिन्स युक्त भोजन का सेवन करना चाहिये |

  • हरी पत्तेदार सब्‍जियां |
  • ब्रोकोली व ग्रीन टी का सेवन |
  • एवोकाडो, सेब, चुकंदर और गाजर का सेवन करे |
  • साबुत अनाज व दाले |
  • जैतून का तेल व नारियल तेल
  • ग्रेपफ्रूट व लहसुन होता है फायदेमंद |

और पढ़े – लीवर से जुडी समस्या का सुझाव – Lever Treatment In Hindi

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