लीवर क्या है और लीवर से जुडी समस्या का सुझाव – Lever Treatment In Hindi

0
123
लीवर क्या है और लीवर से जुडी समस्या का सुझाव

लीवर शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है | जो हमारे शरीर में पित्त का निर्माण करती है | यह लाल और भूरे रंग का होता है | यह पेट के अंदर दायीं तरफ की पसलियों के पीछे स्थित होता है | लीवर हमारे शरीर का एक मात्र ऐसा अंग है | जो अपने आप पुनः बन सकता है | लीवर में कार्य करने वाले सेल हेपेटोसाइट्स कहलाते हैं | लीवर का सम्बन्ध पाचन क्रिया से होता है |

लीवर के कार्य

  • रक्त को विषैले तत्वों से मुक्त करके खून साफ करना |
  • रक्त का थक्का बनाने के लिये आवशक प्रोटीन को बनाना |
  • गैलेक्टोज को ग्लूकोज में परिवर्तित करता है |
  • ग्लूकोज से बनने वाले ग्लाइकोजन को जमा करने का कार्य |
  • पचे हुए भोजन से वसाओं और प्रोटीनों को संसिधत करने में मदद करना |
  • कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को वसा में परिवर्तित करता है |
  • रक्त का डीटॉक्सीफिकेशन और और शुद्धिकरण का कार्य करता है |
  • एंजाइम सक्रियण का कार्य करना |
  • एंटीबाडी और एंटीजेन का निर्माण करता है |
  • रक्त से बिलरुबिन को अलग करने का कार्य करता है |
  • बिले साल्ट और बिले पिगमेंट का स्रवण करने का कार्य करता है |

आदि लीवर के कार्य होते है |जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में हमारी मदद करते है | अब आइये जानते है लीवर से जुड़े कुछ रोग व इनके उपचार |

लीवर में होने वाले रोग व अचूक उपचार

विषाणुज हेपेटाइटिस की समस्या का उपचार

यह एक ऐसा संक्रमण होता है | जिसके कारण संक्रमित रोगों के लीवर में सूजन पैदा हो जाती है | यह संक्रमण हेपेटाइटिस वायरस से फैलता है | इसको आम भाषा में पीलिया के नाम से जाना जाता है | पीलिया होने पर किसी व्यक्ति को सिर दर्द, लो-ग्रेड बुखार, मतली और उल्टी, भूख कम लगना, त्वचा में खुजली और थकान आदि लक्षण होते हैं | त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ने लगता है |

इसके उपचार के लिये हमें प्रतिदिन दही, गन्ने का जूस, पाइन एप्पल, नीबू, तुलसी की पत्ती, मुली के पत्ते, व टमाटर जैसे फलो का सेवन करना चाहिये | क्युकी इन सभी में विटामिन C,थायमिन,विटामिन B6,विटामिन A,विटामिन E,फोलेट,फास्फोरस,पोटोशियम,साइट्रिक अम्ल, मेगनीज़, व मैग्नीशियम जैसे गुणकारी तत्व लीवर में बिलरुबिन की मात्रा को कम करके हमारे शरीर को हेपेटाइटिस जैसी बीमारी से मुक्ति दिलाते है |

ऑटोइम्यून डिसऑर्डर का इलाज

इससे हमारे शरीर के तंत्रिका तन्त्र, कोशिकाओं और उतकों को नुकासन पहुंचता है | इस रोग से हमारे लीवर पर असर पड़ता है | और हमारे लीवर की कार्य क्षमता घटती है | इस रोग से शरीर का कोई भी अंग प्रभावित हो सकता है | जैसे जोडों का रोग, त्वचा, रक्त नलिकाओं और नर्वस सिस्टम आदि | इसीलिये आपको अपने जीवन में बदलाव लाने की सक्त जरूरत है | आपको इस बीमारी के उपचार के लिये संतुलित आहार व ऐसे आहार का सेवन करना चाहिये | जिसमे विटामिन ए, बी, सी व ई, फोलेट और कैरोनाइड्स व मिनरल जैसे जिंक, क्रोमियम व सेलिनियम की मात्रा भरपूर हो |

लिब्र सिरोसिस जैसी समस्या का उपचार

यह एक धीमी गति से बढ़ने वाला रोग होता है। इसमे लीवर अपने आकर में न रहकर सिकुड़ने लगता है और अपना लचीलापन खो कर कठोर हो जाता है | लिब्र सिरोसिस होने के कारण शराब का सेवन, वायरल सी का संक्रमण, रक्तवर्णकता, स्टीटोहेपेटाइटिस आदि | इस बीमारी के उपचार के लिये हमें हल्दी, नीबू, पपीते के दानों व गन्ने के रस का सेवन करना चाहिये | क्यों की इनमे जिंक, क्रोमियम व सेलिनियम तत्व पाये जाते है | जो लीवर की गंदगी को दूर करके लीवर को स्वस्थ बनती है |

लीवर कैंसर की समस्या को अनदेखा ना करे

लिवर कैंसर की पहचान आमतौर शुरुआती अवस्था में कम हो पाती है | जब मरीज में लिवर कैंसर बढने लगता है | तभी इसके लक्षण महसूस किए जाते हैं | लिवर कैंसर, लिवर में होने वाला खतरनाक ट्यूमर होता है | इसके हो जाने पर हमारे शरीर को भूख न लगना, कमजोरी, सूजन, पीलिया और ऊपरी पेट की परेशानी का सामना करना पड़ता है | इन लक्षणों के नज़र आते ही आपको तुरंत अपना उपचार करवाना चाहिये | क्योंकिसमय रहते ही इसका उपचार कराने से हमारा जीवन बचाया जा सकता है | आपको डॉक्टर की सालह लेकर अपना उपचार करवाना चाहिये |

लीवर फेल्योर की समस्या हो जाती है

लीवर से संबंधित बीमारी जब किसी लंबे समय से हो रहो हो और वह ठीक भी न हो तब हमारा अंग काम करना बंद कर देता है। जिसे हम लीवर फेल्योर कहते हैं | इस समस्या के हो जाने के बाद हमको अपने शरीर का कुछ इस प्रकार ध्यान रखना चाहिये | आपको रोजाना हल्दी, आवंला, अलसी के दानो, गाजर, ग्रीन टी जैसी चीजो का सेवन अधिक करना चाहिये | क्युकी इन सब में कई प्रकार के एंटी-आक्सीडेंट पाये जाते है | जो हमारे लीवर को स्वस्थ बनाने में हमारी मदद करते है |

लीवर एबसेस परेशानी का सामना करना पड़ता है

लीवर एबसेस को आम भाषा में जिगर में फोड़ा कहते हैं | इसके हो जाने पर हमारे पेट में दर्द व सीने में दर्द भूख ना लगना, वजन में कमी, पीलिया आदि | समस्या का सामना करना पड़ता है | जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है | ये केवल हमारे रक्त में संक्रमण की वजह से जन्म लेता है | इन लक्षणों के नज़र आते ही आपको डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार करवाना चाहिये |

फैटी लीवर की समस्या हो जाती है

फैटी लीवर की बिमारी में अतिरिक्त वसा या चर्बी जिसे फैट भी कहा जाता है, हमारे लीवर में इकठ्ठा होने लगता है | यह फैट लीवर की कोशिकाओं के काम करने में अवरोध उत्पन्न कर देता है | जिससे हमारे लीवर का आकार बढ़ने लगता है | जिसके वजह से हमारे लीवर में स्तिथ साय्नुसाइड नामक तत्व हमारे रक्त को साफ़ नही कर पाता है |

अगर इसका समय रहते इलाज ना कराया जाये तो हमारे शरीर को अपच, एसिडिटी, खून की कमी, मोटापा या दुबलापन, बी. पी. की समस्याएं, हाइपोथायराइड, डायबिटीज, यहाँ तक की कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा बना रहता है | आपको समय रहते डॉक्टर से संपर्क करके अपना उपचार करवा लेना चाहिये |

अगर आप भी ऊपर दिए हुये किसी बी लीवर की समस्या से ग्रस्त है | तो आपको समय रहते अपना उपचार किसी डॉक्टर से करवा लेना चाहिये |

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.