Knee Pain

घुटनों के दर्द के कारण, लक्षण, जाँच व इलाज – Knee Pain Treatment In Hindi

योग व उपचार

घुटनों में दर्द का होना एक सामान्य समस्या मानी जाती है | क्युकी यह समस्या किसी भी उम्र में किसी को भी अपनी चपेट में ले लेती है | वैसे अधिकतर यह परेशानी अधिक उम्र के व्यक्तियों में देखी जाती है | लेकन कई बार घुटनों में दर्द चोट लगने की वजह से भी जन्म ले लेती है | घुटनों में दर्द घुटनों में मोजूद लिगामेंट के टूटने व जोड़ों में मोजूद एक रेशेदार और लचीला ऊतक के फटने के कारण होने लगता है |


घुटनों में मोजूद ऊतक सफेद रंग का होता है | यह ऊतक आपके घुटने, गले और श्वसन तंत्र समेत शरीर के कई भागों में स्थित होता है | घुटने में दर्द गठिया, गाउट व किसी संक्रमण के कारण भी जन्म ले सकता है | आप इस समस्या का घर पर भी आसानी से उपचार कर सकते है | आप घर पर कुछ फिजीकल थेरेपी व घुटने के ब्रेसिज़ का प्रयोग करके दर्द की परेसानी से मुक्त हो सकते है |

दोस्तों यदि आप भी घुटने के दर्द के कारण परेसान है | तो यह लेख बिलकुल आपके लिये ही है | इस लेख में घुटने के दर्द के बारे में पूर्ण जानकारी दी गयी है | तो आइये जानते है घुटने के दर्द को विस्तार से |

घुटने में दर्द के कारण

घुटने में दर्द उठने के बारे में डॉक्टरों की कई प्रकार की राय व सुझाव सामिल है | घुटनों में क्रॉनिक दर्द व कुछ समय का दर्द दोनों अलग अलग माने जाते है | कई लोगों में कुछ समय के लिए होने वाला दर्द चोट व किसी दुर्घटना के कारण जन्म लेता है | वही अगर घुटनों में क्रॉनिक दर्द की बात करे तो यह दर्द कई कारणों से शरीर में जन्म लेने लगता है | तो आइये जानते है इस समस्या को विस्तार से

बर्साइटिस के कारण

यदि आप बर्साइटिस का प्रयोग अधिक बार करते है | तो भी आपके जोड़ो में दर्द कि समस्या होने लगती है |

ऑस्टियोआर्थराइटिस कि वजह से

ऑस्टियोआर्थराइटिस होने पर आपके घुटने की स्थिति ख़राब होने के कारण दर्द की समस्या होने लगती हैं |

टेंडिनाइटिस के कारण

टेंडिनाइटिस होने पर आपको आपके घुटने के अगले हिस्सें में दर्द होने लगता है | यह अधिकतर अधिक सीढ़ियां चढ़ने के कारण होती है |

बेकर्स सिस्ट के कारण

बेकर्स सिस्ट की वजह से घुटने के पीछे सिनोवियल नामक द्रव निकालने के कारण दर्द की समस्या होने लगती है |

गाउट की वजह से

गाउट को गठिया का ही एक रूप माना जाता है | गाउट के कारण घुटनों में यूरिक एसिड बनाने लगता है | जिसके कारण दर्द की समस्या होने लगती है |

डिस्लोकेशन के कारण

डिस्लोकेशन में आपके घुटने की उपरी हड्डियों के जोड़ हिल जाने के कारण दर्द होने लगता है |

मेनिस्कस टियर के कारण

मेनिस्कस टियर के कारण आपके घुटने में मोजूद कार्टिलेज टूट के बिखर जाने के कारण दर्द की परेशानी होने लगती है |

हड्डियों के ट्यूमर के कारण

यदि आपके हड्डियों में ट्यूमर यानि ऑस्टियोसार्कोमा कैंसर के कारण भी आपको दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है |

घुटने पर घातक चोट लगने के कारण

यदि आपके घुटने पर किसी भी प्रकार की कोई चोट लगी है | और अपने सही समय पर इसका इलाज नही करवाया तो भी आपको आगे दर्द की परेशानी का समाना करना पड़ सकता है |

अधिक उम्र के कारण

यदि आप अधिक उम्र के हो चुके है | तब भी आपको घुटनों में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है | क्युकि अधिक उम्र में आपके घुटनों में मोजूद लिगामेंट व ऊतक कमजोर व पूरी तरह खत्म हो जाते है | जिसकी वजह से आपको दर्द का सामना करना पड़ता है |

  • घुटने से आवाज का आना |
  • अधिक कमजोरी का होना |
  • घुटने की त्वचा का लाल होना |
  • घुटने पर सूजन और जकड़न होना |
  • घुटने को छूने पर गर्म महसूस होना |
  • चलने व खड़े होने में दिक्कत होना |
  • पैर सीधा न कर पाना |
  • घुटने में जल्दी लचक आने लगना |

 जाँच

यदि आप अपने घुटने के दर्द से अधिक परेशान है | तो आपको डॉक्टर के द्वारा होने वाली कुछ जाँच का सहारा जरुर लेना चाहिये | क्युकि जाँच के द्वारा आपके घुटने में मोजूद समस्या व इलाज का पता लगाया जा सकता है | तो आइये जानते है उस जाँच के बारे में |

एक्स-रे की जाँच के द्वारा

एक्स-रे के द्वारा भी आपके घुटने में मोजूद समस्या का पता लगाया जा सकता है | व इसके द्वारा आपके इलाज में भी मदद मिलती है | आप यह जाँच अपने नजदीकी किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में केवल एक हाजर से कम कीमत में करवा सकते है |

एमआरआई जाँच के द्वारा

एमआरआई को मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग के नाम से जाना जाता है | इस जाँच में क्तिशाली चुंबकों, रेडीयो किरणों और कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है | जिससे आपके घुटने में मोजूद लिगामेंट व ऊतक के बारे पता लगाकर आगे के इलाज की सलाह दी जाती है | आपको इस जाँच के लिए लगभग एक से पांच हजार रूपए तक का खर्चा करना पड़ता है | इस जाँच को आप सरकारी व प्राइवेट अस्पताल किसी में करवा सकते है |

सी.टी स्कैन जाँच

सी टी स्कैन या कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी एक्स-रे का ही एक रूप होता है | सी.टी स्कैन को कम्यूटराइज एक्सीयल टोमोग्राफी यानि CAT के नाम से भी जाना जाता है | इस जाँच के द्वारा आपके घुटने के चित्र लिए जाते है | जिससे उसमे मोजूद समस्या का पता लगया जा सके | आप इस जाँच को भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में करवा सकते है | इस जाँच के लिए आपको एक से दो हजार रूपए की लागत देनी पड़ती है |

ब्लड टेस्ट जाँच के द्वारा

ब्लड टेस्ट के द्वारा डॉक्टर संक्रमण के बारे में पता लगते है | इस जाँच के द्वारा आपके रक्त में मोजूद लाल रक्त कोशिका की जाँच की जाती है | यदि आपके रक्त में किसी भी प्रकार का कोई संक्रमण पाया जाता है | तो डॉक्टर दवा के द्वारा आपकी इस समस्या का इलाज करते है | आप इस जाँच को किसी भी सरकारी अस्पताल में फ्री करवा सकते है |

knee के दर्द का सरल इलाज

घुटने में दर्द जैसी समस्या होने पर आप इस परेशानी का कई प्रकार से इलाज करवा सकते है | तो दोस्तों आइये जानते है | घुटने में दर्द होने पर कैसे करवाये इलाज के बारे में विस्तार से |

टीके के द्वारा

कई बार जब आपको दवा के द्वारा दर्द में आराम नही मिलता है | तब डॉक्टर इन्जेक्शन्स के द्वारा अपक इस समस्या का इलाज करते है | आपको कोर्टिकोस्टेरॉयड व सप्लिमेंटल लूब्रीकेश्न्स जैसे टीके लगाये जाते है | जिससे आपके जोड़ों में हो रहे दर्द को खत्म किया जा सके | आप इस टीके को अपने नजदीकी किसी भी अस्पताल में लगवा सकते है |

सर्जरी के द्वारा

यदि आपके जोड़ों में किसी चोट व बीमारी के कारण गंभीर चोट की अधिक दर्द का सामना करना पड़ रहा है | तो डॉक्टर सर्जरी के द्वारा आपकी इस समस्या का इलाज करते है | घुटने की सर्जरी करने के लिए…

आर्थरोस्कोपिक सर्जरी 

आर्थरोस्कोपिक सर्जरी के द्वारा डॉक्टर आपके घुटने में मोजूद कार्टिलेज को हटाकर या फिर ठीक करके आपकी दर्द जैसी समस्या को ठीक करते है | इस सर्जरी के द्वारा आपके घुटने में लिगामेंट्स का निर्माण भी किया जाता है | आप इस सर्जरी को भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में करवा सकते है |

घुटने का प्रतिस्थापन करना

यदि आपके जोड़ो में गंभीर कैंसर जैसी समस्या जन्म ले रही है | तो डॉक्टर आपके घुटनों को बदलने की सलाह देते है | डॉक्टर आपके पिंडली की हड्डी और घुटने से क्षतिग्रस्त हड्डी और कार्टिलेज को काटकर इसकी जगह पर कृत्रिम अंग लगा देते है | जिससे घुटने में मोजूद समस्या किसी और अंग को प्रभावित न कर सके | इस तरह के इलाज के लिए आपको ओर्थोपेडिक्स डॉक्टर के द्वारा ही अपना इलाज करवाना चाहिये |

और पढ़े – ह्रदय की संरचना, रोग, जाँच व दवा – Heart Structure And Disease In Hindi

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