गुर्दे में संक्रमण के कारण व उपचार – Kidney Infection In Hindi

गुर्दे में संक्रमण के कारण व उपचार - Kidney Infection In Hindi

किडनी या की गुर्दा आपके शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है, इसमे संक्रमण का मुख्य कारण UTI  की वजह से होता मूत्र नाली का यह इन्फेक्शन किडनी तक पहुच जाता है फिर पूरे ब्लड तक फैल सकता है  जिससे स्वस्थ शरीर के लिए आपको अपने गुर्दे को स्वस्थ रखना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है |यह संक्रमण बैक्टीरिया से होता है और | अगर ठीक से इलाज और देखभाल न की जाये तो यह जानलेवा साबित हो सकता है |

गुर्दे में संक्रमण

इसके अलावा किडनी शरीर में बनने वाले अम्ल की मात्रा का भी नियत्रंण करता और रक्त से यूरिया को अलग करके साफ़ करता है । परन्तु जब इसकी अच्छी तरह से देखभाल नहीं की जाती है, तो इसमें सक्रंमण हो जाता है जिसे पायलोनेफ्राइटिस के नाम से जाना जाता है । अगर इसका उचित इलाज नहीं किया जाए तो हमारी किडनी खराब हो जाती है । इसके अलावा क्रोनिक किडनी डिजीज, गुर्दे में पथरी जैसी और भी कई गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, इन समस्या में किडनी में बहुत दर्द होता है । इससे जुड़ी कुछ और समस्याएं निम्न हैं…

  • यू टी आई संक्रमण ( और पढ़े – यूटीआई का उपचार )
  • पेशाब की नली मे रूकावट
  • लोइन पेन हेमाटयूरिया सिंड्रोम

इनके अलावा भी गुर्दे से संबधित कई प्रकार की बिमारी होती है । तो आइये जानते हैं इनके होने के कारण…

  • जब हमारे शरीर में किडनी वाले हिस्से में किसी कारण से चोट लग जाती है तो आपको किडनी से संबधित समस्यायें उत्पन्न हो जाती है।
  • कभी-कभी मिट्टी खाने या शराब पीने से किडनी में स्टोन बन जाता है जिसके कारण किडनी में सक्रमंण हो जाता है।
  • यदि आपके गुप्तांग में इन्फेक्शन है तो इसके द्वारा बैक्टीरीया आपकी किडनी को सक्रंमित कर देते है ।
  • कभी-कभी यह समस्या जन्मजात होती है।
  • अधिक धुम्रपान व ड्रग्स के सेवन के कारण किडनी में संक्रमण हो जाता है । ( और पढ़े – धूम्रपान छोड़ने के उपाय )
  • जब हमारे द्वारा अधिक मात्रा में विषैले पदार्थो का सेवन किया जाता है तो यह समस्या हो जाती है ।

किडनी रोग के संक्रमण के लक्षण

  • हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में पेट दर्द एक आम समस्या है । लेकिन जब यह दर्द लबें समय तक हो और यह दर्द पेट के बांयी या दांयी ओर ही हो तब किडनी के संक्रमित होने का डर रहता है।
  • हमारे शरीर में किडनी के संक्रमित होने के कारण यह अपना कार्य सही ढंग से नहीं कर पाती है । इस कारण शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते है, जिस के कारण हाथ-पैरों मे सूजन आ जाती है । यह किडनी संक्रमण का कारण है।
  • यदि पेशाब करते समय आपकी पेशाब के साथ खून आ रहा है, तो यह भी इस समस्या का कारण होता है । ( और पढ़े – पेशाब में खून आने का उपचार )
  • कई बार ऐसा होता है कि हमारे द्वारा यूरिन कंट्रोल नहीं हो पाता और यूरिन निकल जाता है, यह किडनी संक्रमण का लक्षण है।
  • पेशाब करते समय यदि आपकों जलन महसूस होती है, तो यह किडनी संक्रमण का संकेत हो सकता है । ( और पढ़े – पेशाब में जलन का उपचार )
  • यदि आपको बिना काम किए हुए थकान हो रही है, और कमजोरी बढ़ती जा रही है तो यह इस समस्या का लक्षण है।
  • किडनी की खराबी के कारण रोगियों मे उच्च रक्तचाप होना एक आम लक्षण है। उच्च रक्तचाप कम उम्र मे हो तो आपकी किडनी में समस्या है।
  • यदि आपको एनिमिया की समस्या है, और यह समस्या सही नहीं हो रही है तो आपकों किडनी में सक्रंमण हो सकता है ।                               ( और पढ़े – एनीमिया का उपचार )
  • किडनी संक्रमित होने के कारण अचानक आपकी त्वचा फटने लगती है, और खुजली होने लगती है ।
  • शरीर में अचानक कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा में कमी होना भी इसका एक लक्षण है ।
  • आपको बिना किसी समस्या के बार-बार उल्टी होने लगती है । ( और पढ़े – उल्टी आने का उपचार )
  • अच्छे मौसम में भी आपको ठंड लगती है ।

 उपचार

हेमोडायलिसिस

यह आपको पूरी तरह राहत नहीं देती है,बल्कि आपको अस्थायी रूप से राहत प्रदान करता है। इस प्रकिया में डॉक्टर आपके रक्त को मशीन के द्वारा शुद्ध करके वापस शरीर में प्रवेश करा देता है। यह हमारे शरीर में कैल्शियम व फास्फोरस की मात्रा को भी निंयत्रित करता है। इससे आपके ब्लड प्रेशर की भी जाँच होती है ।

पेरिटोनिय डायलिसिस

इस प्रकिया के द्वोरान डॉक्टर आपके पेट में एक ट्यूब को डाल देता है । इसमें भी पहली प्रकिया की तरह रक्त को साफ किया जाता है । इसमें पेट से जहरीले अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थो को फिल्टर किया जाता है।

किडनी प्रत्यारोपण

इस क्रिया में आपकी शरीर की संक्रमित किडनी के बदले डॉक्टर के द्वारा ऑपरेशन के जरिए नई किडनी का प्रत्यारोपण किया जाता है।

एप्पल साइडर विनगर का प्रयोग

एप्पल साइडर विनगर किडनी संक्रमण के इलाज में शानदार साबित होता है । इसमें पाया जाने वाला एंटिबैक्टीरियल तत्व किडनी के बैक्टीरिया के इन्फेक्शन को समाप्त कर देता है ।

मुनक्का के दाने से उपचार

मुनक्का के दाने भी इस समस्या में बहुत फायदेमंद होते है । मनुक्का के कुछ दानों को पानी में रख कर रात भर के लिए छोड़ दे सुबह दानों को निकालकर पानी को पी लें । इससे किडनी को बहुत राहत प्राप्त होती है।

पीपल की छाल से उपचार

पीपल की छाल को 20 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमें नीम की 20 ग्राम छाल को मिलाकर पानी में जब तक गर्म करें जब तक की पानी आधा न हो जाए । इस पानी को छान कर प्रतिदिन तीन बार सेवन करें । जल्द ही गुर्दे में संक्रमण से राहत मिलती है |

सब्जियों का रस

कई सारी सब्जियां गुर्दे में होने वाले संक्रमण का इलाज करने में बहुत ही लाभदायक होती है | किडनी की समस्या होने पर गाजर, खीरा, लौकी, करेला आदि सब्जियों का रस बहुत मदद करता है।

 पर्याप्त मात्रा में पानी पियें

किडनी के समस्या के द्वोरान आप अधिक से अधिक पानी पीयें और इस प्रकार की चीजों का सेवन करें जिनमें विटामिन सी की मात्रा अधिक हों।

 सावधानियाँ

  • नियमित रूप से योगा और दैनिक गतिविधियाँ करने से आपका रक्तचाप सही रहता है और आपको किडनी से संबधित समस्या से भी दूर रखता है।
  • हमेशा अपने भोजन में ताजे फल और सब्जियों का प्रयोग करें जिससे आपके शरीर को एक संतुलित आहार मिलें।
  • प्रतिदिन 3 लीटर पानी का सेवन करें जिससे आपके शरीर में विषैले पदार्थ को सग्रंहण न हो सके ।
  • अपने भोजन में हमेशा ही नमक, चीनी, वसा व माँस के अधिक सेवन से बचें।
  • लम्बें समय तक किसी भी प्रकार की दर्द निवारक दवा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे किडनी फेल होने का खतरा रहता है।