कैसे बनाये अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत – Immune System In Hindi

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प्रतिरक्षा प्रणाली

इम्यून सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है

इम्यून सिस्टम जिसे हम प्रतिरक्षा प्रणाली के नाम से भी जानते हैं शरीर को सुरक्षित करने का एक ऐसा सिस्टम है, जो वातावरण के हानिकारक प्रभावों से हमें बचाता है । यानी हमारे शरीर को किसी भी बाहरी कारक से बचाके हमे healthy बनाये रखने के लिए शरीर के अंदर जो रक्षा प्रणाली होती है उसे ही हम immune system  कहते है और उस क्षमता को हम  immunity कहते है ।

हमारे आसपास कई तरह के रोग उत्पन्न करने वाले पैथोजन होते हैं। हमें पता भी नहीं होता और हम खाने के साथ, पीने के साथ यहां तक की सांस लेने के साथ भी हानिकारक तत्वों को  शरीर के अंदर कर लेते हैं। ऐसा होने के बाद भी हर कोई बीमार नहीं पड़ता। जिनका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है वे इन बाहरी संक्रमणों से बेहतर तरीके से मुकाबला करते हैं। रोग उतपन्न करने वाले जीवाणुओं के हमले नाकाम तभी हो सकते हैं जब हमारे शरीर का किला यानी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो।

इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर व्यक्ति रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। इससे केवल सर्दी, जुकाम या खांसी आदि रोग ही जल्दी-जल्दी नहीं होते, बल्कि , हृदय रोग, सांस के तकलीफ, कैंसर आदि होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

आज हम आपको शरीर की immune system को मजबूत करने के तरीके और घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं :

◾उचित वयायाम करें

वयायाम (exercise) करना सेहत के लिए फायदेमंद है और वयायाम के जरिए ही आपकी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान भी कर सकते हैं। लेकिन वयायाम अगर सही समय पर और सही तरीके से किया जाए तब आप इसके बेहतर परिणाम पा सकते हैं।यह अलग अलग कारणों के लिए किया जाता है, जिनमे शामिल हैं जैसे मांसपेशियों को मजबूत बनाना, हृदय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, एथलेटिक कौशल बढाना, वजन घटाना या फिर सिर्फ आनंद के लिए ।दौड़, दंड-बैठक,कुश्ती सैर, जिम्नैस्टिक, फुटबाल आदि खेल वयायाम के ही कई रूप हैं ।

◾उचित नींद ले

अपनी नींद से कोई समझौता न करें ।पर्याप्त नींद ले, रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।जो लोग तनाव से ग्रस्त होते है उनका immune system उतना बेहतर नहीं होकर और कमजोर हो जाता है और शरीर की इन्फेक्शन के खिलाफ लड़ने की ताकत में कमी हो जाती है ।तनावमुक्त रहने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है कोशिश करे कि आप भय, क्रोध, चिंता और तनाव से दूर रहकर उचित नींद लें ।

◾ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं

पानी एक प्राकृतिक औषधि है। उचित मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा गुनगुनाना। फ्रिज के पानी के सेवन से बचें।

हाइड्रेशन के अलावा यह शरीर पर हमला करने वाले माइक्रो ऑर्गैनिजम को बाहर निकालने का काम भी करता है।

◾हंसने से रक्त संचार सुचारु होता है व हमारा शरीर अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण करता है। तनावमुक्त होकर हँसने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में मदद मिलती है।

◾समतोल आहार / Balanced Diet

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खाद्यपदार्थ नित्य डाईट में शामिल करें। जिसमें हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फल, फलों का रस खास तौर पर शामिल हैं।हमारे शरीर को सही से काम करने के लिए विटामिन्स , मिनरल्स और एंटीओक्सिडेंट की जरुरत होती है और research के अनुसार फलों और सब्जियों को भरपूर मात्र में खाने वाले लोगो का प्रतिरक्षा तंत्र उन लोगो की तुलना में Increase होता है जो खाने के मामले में ज्यादा चुनाव करते है और चुनिन्दा सब्जियां या फल खाते है |

  • संतरा, मौसमी आदि रसदार फलों में भरपूर मात्रा में खनिज लवण तथा विटामिन सी होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते  हैं ।
  • दिन में तीन कप ग्रीन टी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाती है।
  • अंजीर में पोटेशियम, मैग्नीज और एंटिऑक्सिडेंट्स होते हैं। अंजीर की मदद से शरीर के भीतर पीएच का सही स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है। अंजीर में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कम कर देता है।
  • डी.एन.ए. कोशिकओं में टूटने, क्षतिग्रस्त होने पर पालक सेवन कोशिकाओं की मरम्मत का कार्य करती है। पालक रिच विटामिन सी, फाईबर, आयरन, फोलेट, कैरोटीन के साथ-साथ एक रिच एन्टीआॅक्सीडेंट भी है। पेट पाचन कब्ज रक्त विकार, नेत्र रोग एंव विभिन्न तरह की संक्रमण बीमारियों को शरीर से दूर रखने में पालक सेवन फायदेमंद है। पालक इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है।
  • आयुर्वेद में रसायन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। च्यवनप्राश को आयुर्वेद में सबसे बढि़या रसायन माना गया है। इसे बनाने में मुख्य रूप से ताजा आंवले का इस्तेमाल होता है। इसमें अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय समेत कुल 40 जड़ी बूटियां डाली जाती हैं।
  • तुलसी के पत्तों में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी रोगों से लड़ने की शक्ति होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में गजब का इजाफा होता है ।
  • नीम के पेड़ में पान जैसे पत्तों वाली लिपटी लता को गिलोय के नाम से जाना जाता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली इससे अच्छी कोई चीज नहीं है ।
  • गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करें। इससे कब्ज नहीं होगी तथा प्रतिरोध क्षमता चुस्त-दुरुस्त रहेगी।
  • फलो की रानी स्ट्राबेरी में एंटीऑक्सिडेंट्स और पॉलीफेनोल के अतिरिक्त विटामिन और खनिज जैसे कई अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। स्ट्राबेरी-कीवी और पुदीने के जूस का मिश्रण आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के अलावा कई तरह से फायदा देता है।
  • चुकंदर, गाजर, अदरक, और हल्दी का मिश्रण इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में काफी मदद करता है। इसके अलावा यह इंफ्लेमेटरी को कम करने में सहायता करता है।
  • इम्यून सिस्टम को सही रखने में विटामिन डी बहुत आवश्यक है, लेकिन चिंता का विषय ये है कि भारतीयों में विटामिन डी की कमी बहुत ज्यादा पाई जा रही है। डायबिटीज फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने अनुमान लगाया है कि 80 फीसदी भारतीय विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। ये कमी भारत के सभी आयु वर्गों में 50 से 90 प्रतिशत पाई गई है।हल्दी, सरसों, हींग, अजवाइन, कड़ी पत्ता, मुलैठी, दालचीनी, काली मिर्च, धनिया व पुदीने का इस्तेमाल करें ।
  • धूल-मिट्टी व प्रदूषित वातावरण से बचें। आसपास की साफ-सफाई के साथ- साथ व्यक्तिगत सफाई का भी ध्यान रखें। रोज नहाएं व साफ-सुथरे कपड़े पहनें। खाना खाने से पहले अच्छी तरह हाथ धोएं।

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