मासिक धर्म मे कैसे करे सही सेनेटरी पैड का चुनाव – Right Sanitary Pad In Hindi

महिलाओं की समस्यायें

मासिक धर्म ( पीरियड्स ) यानि माहवारी प्रजनन चक्र का एक प्राकृतिक हिस्सा होता है | पीरियड्स के समय महिला के गर्भाशय से रक्त योनि के जरिये बाहर निकलता है | मासिक धर्म सभी महिलायों को होने वाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है | इसलिये इस बात को लेकर अधिक चिंतित नही होना चाहिये | यह प्रक्रिया अक्सर 10 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों में शुरू हो जाती है | मासिक धर्म के शुरुआत को लड़कियों में यौवनावस्था की शुरुआत होने का एक संकेत माना जाता है | आज आपको हमारे इस लेख में मासिक धर्म से जुड़े सभी सवाल का हल दिया जायेगा | तो आइये दोस्तों जानते है मासिक धर्म के बारे में विस्तार से –

मासिक धर्म  ( पीरियड्स ) क्या है ?

प्रत्येक लड़की अपने गर्भाशय के दोनों ओर अंगूर के सामान अंडाशय के साथ जन्म लेती है | वह अंडाशय बहुत सारे अंडे से भरा होता है | जब एक महिला अपने पूर्ण यौवन तक पहुचती है तो यह अंडाशय एक विशेष प्रकार का हार्मोन एस्ट्रोजेन का निर्माण करने लगता है | इसी एस्ट्रोजेन की वजह से महिला के स्तन का विकास व पीरियड्स की शुरुआत होती है | महिला के मस्तिष्क में स्तिथ पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा गोनैडोट्रोपिन नामक रासायनिक तत्व का स्राव किया जाता है |

जो महिला के अंडाशय को महीने में एक बार अंडाशय में स्तिथ अंडा जारी करने का संदेश देता है, फिर यह अंडा महिला के गर्भाशय में जाता है | अगर अंडे को शुक्राणु द्वारा निषेचित नहीं किया गया है तो एक से दो हफ़्तों के बीच गर्भाशय से एंडोमेट्रियम यानि एक प्रकार का गंदा रक्त महिला की योनि के जरिये शरीर से बहार निकलने लगता है | इसी प्रवाह को मासिक धर्म यानि पीरियड्स व माहवारी के रूप में जाना जाता है | यह प्रक्रिया 3 से 5 दिन तक लगातार चलती रहती है | मासिक धर्म महिला को गर्भावस्था के लिए तैयार करता है | महिलायों में औसतन मासिक चक्र 28 दिन लंबा माना जाता है |

पीरियड्स में ध्यान रखने योग्य बातें :

मासिक धर्म जैसी प्रक्रिया आने पर सबसे पहले आप घबराये नही और मासिक धर्म के प्रति अपनी सोच बेहतर बनाये | क्योंकि यह सभी महिलायों के जीवन का अभिन्न हिस्सा होता है | इसीलिए इस प्रकार का कुछ होने पर सबसे पहले आप अपने घर में अपनी माँ या अन्य किसी महिला को बताये | फिर अपने इस दिन को कैलेंडर, जर्नल में या मोबाइल ऐप के द्वारा याद रखे | जिससे आपको आगे किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत महसूस नही होगी | मासिक धर्म होते ही महिला को सही सेनेटरी पैड यानि नैपकिन का चुनाव करना चाहिये | जिससे महिला की दिनचर्या में किसी भी प्रकार की को दिक्कत न आये | तो दोस्तों आइये जानते हैं, मासिक धर्म होने पर किन किन चीजों पर आपको ध्यान देना चाहिये –

  • पीरियड्स के समय वैक्सिंग न कराये |
  • पीरियड्स होने पर अधिक संवेदनशील न हो |
  • मासिक धर्म में अधिक चिंता बिलकुल न करे | (अधिक चिंता करने से शरीर में हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है )
  • दुखभरी फ़िल्में व नाटक बिलकुल भी न देखे |
  • शारीरिक गतिविधि अधिक से अधिक करे |
  • माहवारी के समय 3 से 4 घंटे में पैड को बदले |
  • माहवारी के समय वजन कम होने पर चिंता न करे |
  • मासिक धर्म में संभोग करने से गर्भवती होने का खतरा अधिक रहता है |
  • मासिक धर्म में व्रत की जगह खानपान पर ध्यान दे |
  • कैल्शियम युक्त भोज्य पर्दाथ का सेवन करे |
  • सोडियम युक्त भोज्य पर्दाथ से दुरी बनाये |

दोस्तों आप इस प्रकार का उपाय करके आप अपने उन दिनों के जीवन को खुशमय बना सकती है | आपको माहवारी आने पर किसी भी प्रकार की कोई चिंता नहीं करनी चाहिये | बल्कि सही सेनेटरी पैड (नैपकिन) का चुनाव करके अपने लाइफ में आगे बढना चाहिये | तो आइये जानते है, सेनेटरी पैड यानि नैपकिन क्या है ? और कैसे सही सेनेटरी पैड का चुनाव करें ? –

सेनेटरी पैड क्या है ?

सेनेटरी पैड का मतलब किसी तरल पर्दाथ को सोखने वाला एक कपडा होता है | इसी वजह से इस कपडे का प्रयोग मासिक धर्म के समय महिला रक्त को सोखने के लिए उपयोग में लाती है | आपको अपने  मासिक धर्म प्रवाह के आधार पर एक उचित मोटाई, लंबाई और सोखने की क्षमता वाले पैड को ही चुनना चाहिए | आपको स्टे-फ्री व विस्पर जैसे सेनेटरी पैड का प्रयोग करना चाहिये |

कैसे करें पैड का प्रयोग ?

सबसे पहले पैड के बैकसाइड पर से एक कागज को निकालें और इसे अपने पैंटी के अन्दर रखे | इसके बाद विंग्स से रिलीज पेपर को निकालें व विंग्स को अपनी पैंटी के दोनों ओर लपेटकर ताकत से दबाये | फिर इस पैड को हर 4 घंटे में बदले जिससे आपके शरीर से किसी भी प्रकार की कोई बदबू न आ सके | इसके इस्तेमाल के बाद आप इसको कागज में अच्छे से लपेटकर कूड़ेदान मे डाल दें |

कैसे करें सही पैड का चुनाव ?

आपको अपने पीरियड्स के समय लम्बे व अधिक सोखने वाले सैनेटरी पैड का प्रयोग करना चाहिये | यदि आप किसी ऑफिस वर्क या स्टूडेंट है तो यह आपके लिये बहुत ही अच्छा होगा की आप लम्बे समय तक सोखने वाले सैनेटरी पैड का प्रयोग करे | जिससे आपको आगे किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े | यदि आपको अपने मासिक धर्म से जुडी अन्य किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है | तो आप अपने नजदीकी सेक्सोलोजी डॉक्टर से सम्पर्क करके उस समस्या का पूर्ण इलाज करवाये |

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