एचआईवी व एड्स की जाँच – HIV AIDS Test In Hindi

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एचआईवी जाँच

एड्स एक प्रकार की एचआईवी वायरस से होने वाली ला इलाज बीमारी है संसार मे इसके रोगी की सख्या ३ करोड़ ६ लाख २०१७ तक थी इस बीमारी के प्रति लोगों के मन में कई प्रकार का असमंजस भी होता है | जैसे यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ उठने बैठने या खाना खाने से कही हम भी तो एड्स के शिकार तो नही हो जायेंगे | कई पुरुष व महिला सम्भोग के बाद भी इस बीमारी के बारे में जरुर सोचते है | यदि आपको भी एड्स को लेकर अपने मन कोई दुविधा महसूस हो रही है | इस लेख के द्वारा आप एचआईवी की जाँच के बारे में जानकर अपनी परेशानी को दूर कर सकते है |

एचआईवी जाँच कौन सी है ?

एचआईवी की जाँच ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी नामक वायरस के बारे में पता लगाने के लिए की जाती है | यह वायरस व्यक्ति के सीरम, लार या मूत्र में एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियन्सी सिंड्रोम जैसी परेशानी का कारण बनाता है | यह वायरस किसी भी व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकता है | इस वायरस का मुख्य कारण हेट्रोसेक्सुअल, बायसेक्सुअल, होमोसेक्सुअल व यौन संबंध आदि है |

इसीलिए कोई व्यक्ति इन सब चीजों में इन्वोल्व है, तो उस व्यक्ति को एचआईवी जाँच जरुर करवानी चाहिये | क्योंकिसमय पर इस वायरस का पता चलने पर व्यक्ति अपनी दिनचर्या को बदलकर लम्बे समय तक जीवन का आनंद ले सकता है | तो दोस्तों आइये जानते है, एचआईवी टेस्ट को विस्तार से –

एड्स में होने वाली जाँच :

एलिसा जाँच –

एलिसा टेस्ट के द्वारा रोगी के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की जाँच की जाती है, इस जाँच के द्वारा प्रतिरक्षा प्रणाली सूक्ष्म रोगाणुओं के प्रति किस प्रकार से कार्य कर रही है इस बात पर गौर किया जाता है | इस टेस्ट के द्वारा शरीर के एंटीबॉडीज या एंटीजन की जाँच भी कर सकते है | एंटीबॉडीज या एंटीजन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने का कार्य करते है | यह प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण रोगों के प्रति तेजी से उत्तेजित करने का कार्य करते है |

कहाँ होती है एलिसा जांच –

एलिसा जांच हम किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल करवा सकते है, इस जाँच को करवाने के लिए आपको अधिक कीमत नही चुकानी पड़ती है |

वेस्टर्न ब्लॉट जाँच –

वेस्टर्न ब्लॉट और एलिसा परीक्षण दो रक्त एंटीबॉडी जाँच होती है, इस जाँच को ईएलआईइसए के नाम से भी जाना जाता है | इसके द्वारा मरीज के शरीर में मौजूद एचआईवी के वायरस का पता लगाया जाता है | यह रोगी के शरीर में मौजूद प्रोटीन की जाँच करता है | यदि प्रोटीन में एचआईवी वायरस के लक्षण देखने को मिलते हैं , तो व्यक्ति का शरीर एचआईवी वायरस से ग्रस्त माना जाता है |

वेस्टर्न ब्लॉट जाँच कैसे करवाये

वेस्टर्न ब्लॉट जाँच करवाने के लिए आप अपने नजदीकी किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल का चुनाव कर सकते है | इस जाँच को करवाने के लिए मरीज को कम से कम चार सौ से लेकर चार हजार रुपए तक की कीमत चुकानी पड़ती है |

सलाइवा जाँच

सलाइवा जाँच के द्वारा रोगी की लार की जाँच की जाती है | डॉक्टर लार को निकालने के लिए मरीज के गाल में एक कॉटन पैड का इस्तेमाल करते है | जिससे व्यक्ति के प्रतिरक्षा प्रणाली के बारे में पता चलता है | यदि मरीज के लार के द्वारा प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर व एड्स वायरस से ग्रस्त प्राप्त होती है तो रोगी को एचआईवी का उपचार कराने की सलाह दी जाती है |

सलाइवा जाँच की कीमत –

सलाइवा जाँच को करवाने के लिए रोगी को एक हजार रूपए की कीमत देनी पड़ती है | इस जांच को रोगी अपने नजदीकी अस्पताल में बहुत ही आसानी से करवा सकते है |

वायरल लोड जाँच

वायरल लोड जाँच का प्रयोग भी शरीर में मौजूद एड्स वायरस के बारे में पता लगाने में किया जाता है | इस जाँच के जरिये रोगी के रक्त में मौजूद प्रोटीन की जाँच की जाती है | यदि रक्त में मौजूद प्रोटीन एचआईवी वायरस से ग्रस्त पाया जाता है तो रोगी को इलाज कराने की सलाह दी जाती है |

वायरल लोड जाँच  –

वायरल लोड जाँच को रोगी किसी भी नजदीकी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में बहुत ही आसानी से करवा सकते है | इस जाँच को डॉक्टर के द्वारा बिलकुल मुफ्त किया जाता है |

इस बीमारी की घरेलु जांच –

घरेलू जाँच को होम एक्सेस एक्सप्रेस टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है | यह जाँच को करने के लिए आप किसी भी केमिस्ट की दुकान से होम एक्सेस एक्सप्रेस नामक किट को खरीद कर अपने घर पर ही एचआईवी वायरस की जाँच कर सकते है | आपको हर दो महीने में इस किट का प्रयोग करना चाहिये | यदि आप इस किट में एचआईवी पॉजिटिव है तो अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लेकर इलाज की प्रक्रिया को चालू कर देना चाहिए |

इस जाँच में होने वाली परेशानियाँ –

एचआईवी की जाँच में रोगी को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नही आती है | यदि रोगी रक्त के द्वारा एड्स की जाँच करवा रहे है तो आपको चक्कर आने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है | इसके अलावा मरीज को अन्य किसी समस्या का सामना नही करना पड़ता है |

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