हर्निया का घरेलू उपचार

दोस्तों आमतौर पर हर्निया (hernia) होने का कारण पेट की दीवार का कमजोर होना है| पेट और जांघो के जोड़ वाले भाग में जंहा पेट की दीवार कमजोर पड़ जाती है| वंहा आंत का एक गुच्छा उसमे छेद बनाकर निकल आता है| आंत का कुछ भाग किसी अन्य से भी जंहा पेट की दीवार कमजोर होती है| बाहर निकल सकती है| परन्तु ऐसा बहुत ही कम होता है| आंत का गुच्छा बाहर निकलने से उस स्थान पर दर्द (Hernia Pain) होने लगता है| इसी की हर्निया (hernia)या आंत्रवर्दी कहा जाता है| दोस्तों हर्निया (hernia)का मुख्य कारण अत्याधिक श्रम, अपनी शक्ति से अधिक भारी वस्तु उठाना, निरंतर खांसते रहने से भी हर्निया  (hernia) होने का खतरा रहता है |

ऑपरेशन होने के बाद भी हर्निया (hernia)होने की संभावना रहती है| गर्भावस्था में पेट पर जोर पडने से भी हर्निया ((hernia) हो सकता है| परन्तु यह रोग सामान्यत पुरुषो को होता है| दोस्तों  हमे हर्निया के लक्षणों (Symptoms Of Hernia) का ज्ञान होना आवश्यक है| तो आइये जानते है हर्निया के लक्षण- (Symptoms Of Hernia)

 हर्निया के लक्षण- (Symptoms Of Hernia)

हर्निया (hernia) की प्रारभिंक स्थिति में पेट की दीवार में कुछ उभार सा आ जाता है|

इस आगे बढ़ी हुई आंत को धीरे से पीछे भी धकेला जा सकता है|

परन्तु इसे अधिक जोर लगाकर पीछे धकेलने का प्रयत्न नही करना चाहिये |

इन कारणों (Causes Of Hernia) व लक्षणों को ध्यान में रखकर हर्निया (hernia)की पहचान कर अपना बचाव कर सकते है|

 हर्निया से बचाव के घरेलु उपाय – (Hernia Home Treatment)

बर्फ-

बर्फ से हर्निया(hernia) वाले हिस्से पर सिकाई करने से काफी आराम मिलता है|

और सुजन भी काफी कम हो जाती है |

एक्यूपंक्चर-

हर्निया (hernia) के दर्द में एक्यूपंक्चर काफी आराम पहुंचता है|

खास नर्व पर दवाब से हर्निया (hernia)का दर्द कम होता है |

हावथोनिया-

यह एक हर्बल सप्लीमेंट है|

जो पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है|

और पेट के अंदर के अंगो को सुरक्षा देती है |

मार्श मैलो-

यह एक जंगली औषधि है|जो काफी मीठी होती है|

इसके जड़ में काफी औषधिय गुण होते है|

यह पाचन को ठीक करता है|

और हर्निया (hernia) में काफी फायदेमंद साबित होता है |

बबूने का फूल-

पेट में हर्निया (hernia) आने से एसिडिटी और गैस बनने लगती है|

ऐसे में बबूने के फूल के सेवन से आराम मिलता है |

अदरक की जड़-

अदरक की जड़ पेट में गैस्टिक एसिड और बाइल जूस से हुये नुकसान से सुरक्षा करता है|

यह दर्द भी कम करता है |

मुलैठी-

मुलैठी अब हर्निया (hernia) के इलाज के लिये प्रयोग किया जाने लगा है|

खासकर जब हर्निया (hernia)निकलने के बाद पेट पर रेखायें पड़ जाती है| तब इसे आजमाया जाता है |

हर्निया (hernia) के लक्षण पता लगने पर आप उसे इन घरेलु इलाजो के द्वारा कंट्रोल कर सकते है|

परन्तु यह सिर्फ प्राथमिक उपचार है| इसे प्रयोग करने पर कभी- कभी उल्टे परिणाम भी हो सकते है |

इसीलिये आप घरेलु इलाज आजमाने से पहले डाक्टर से जरुर सम्पर्क करे |

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