हेपेटाइटिस ई

हेपेटाइटिस ई के लक्षण, कारण, बचाव व सरल उपचार – Hepatitis E Treatment In Hindi

रोग व इलाज

हेपेटाइटिस ई जल के द्वारा होने वाली एक गंभीर समस्या है | यह बैक्टीरिया के द्वारा हमारे शरीर में जन्म लेता है | जो व्यक्ति के लीवर को प्रभावित करता है | इस बैक्टीरिया की वजह से व्यक्ति के लीवर में सुजन की समस्या आने लगती है | अगर इस समस्या का सही समय पर इलाज ना कार्य जाये | तो लीवर में कई प्रकार के रोग जन्म लेने लगते है | जैसे


  • लीवर कैंसर की समस्या |
  • लीवर सोरायसिस की समस्या |
  • लीवर का बंद हो जाना |

आदि की समस्या का सामना करना पड़ता है | इस समस्या का मुख्य कारण गन्दा पानी को माना जाता हैं | यह वायरस एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति को भी प्रभावित करता है | इसीलिए हमको संक्रमित व्यक्ति से दुरी बनाकर रखनी चाहिये | दोस्तो इसीलिए आज आपको हम हेपेटाइटिस ई से जुडी जानकारी प्रदान करने जा रहे है | तो आइये जानते है | हेपेटाइटिस ई के बारे में विस्तार से |

कैसे फैलता है हेपेटाइटिस ई ?

हेपेटाइटिस ई की समस्या गंदे जल के द्वारा होती है | वैसे तो यह समस्या शरीर को कई प्रकार से अपनी चपेट में ले सकती है | जैसे भोजन के द्वारा, हेपेटाइटिस ई से ग्रस्त व्यक्ति व जानवर के संपर्क में आने के कारण, अधिक कच्चे मांस का सेवन करने की वजह भी हमारा शरीर इस प्रकार की बीमारी से ग्रस्त हो जाता है | यदि किसी संकर्मित व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखने से भी शरीर को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | हेपेटाइटिस ई की समस्या का पता चलते ही डॉक्टर की सलाह लेकर कुछ जरुरी बदलाव लाकर हम इस समस्या से छुटकारा पा सकते है |

 शरीर पर दिखाई देने वाले लक्षण

हेपेटाइटिस ई के लक्षण भी हेपेटाइटिस A,B,C की तरह बहुत जल्दी दिखाई नही देते है | इसी वजह से यह हमारे शरीर को कई प्रकार से नुकसान पंहुचा देता है | दोस्तो आइये जानते है | हेपेटाइटिस ई होने पर दिखाई देने वाले लक्षण के बारे में जानते है |

  • बार बार बुखार आना |
  • मांसपेशियां में तेज दर्द का होना |
  • पीलिया की समस्या होने लगना |
  • यूरीन के रंग में बदलाव आ जाना |
  • लीवर में दर्द होना |
  • पेट में दर्द की समस्या होना |
  • लीवर में वृद्धि आने लगना |
  • वजन में कमी आ जाना |
  • बहुत जल्दी थक जाना |

जाने इलाज के बारे में

अजवायन व जीरा का सेवन दिलायेगा हेपेटाइटिस ई से मुक्ति

एक चम्मच अजवायन और एक चम्मच जीरा पीसकर पावडर बना लें | इसमे एक चुटकी नमक मिलायें इस चूरन को रोजाना दो बार खायें इससे इम्युनिटी बढ़ेगी और हेपेटाइटिस ई में आराम होगा |

लिकोरिस पावडर भी फायदेमंद होता है

एक चम्मच लिकोरिस पावडर में दो चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन खली पेट सेवन करने से शरीर को हेपेटाइटिस ई की समस्या बेहद आराम मिलता है | इसके सेवन से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत बनती है |

लहसून का सेवन हेपेटाइटिस ई के लिए लाभकारी होता है

लहसून हमारे रक्त को साफ़ करता है और शरीर में विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालता है ऐसे में रोजाना सुबह खाली पेट लहसून की एक से दो कली चबाये | जिससे आपके शरीर में हेपेटाइटिस ई की समस्या जड़ से ख़त्म हो जाएगी |

हल्दी का सेवन करने से भी लाभ मिलता है |

हल्दी इनफ्लेमंटरी गुणों के साथ साथ और भी कई तत्वों से भरपूर होती है | जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाते है | हल्दी का इस्तेमाल हेपेटाइटिस ई से रक्षा कर सकता है हल्दी को दूध में डालकर पीने से भी बहुत लाभ होता है |

काली गाजर का सेवन भी लाभदायक है

विटामिन से भरपूर काली गाजर से खून की कमी पूरी होती है | तथा रक्त संचार सुधरता है इसे नियमित रूप से आहार में शामिल करें | जिससे आपके रक्त में आक्सीज़न की मात्रा बेहतर बनती है | ओर हमारी हेपेटाइटिस ई की समस्या जड़ से ख़त्म हो जाती है |

ग्रीन टी लाभकारी होती है

ग्रीन टी कई एंटीऑक्ससीडेंट होते है | जो हेपेटाइटिस ई के उपचार और बचाब के लिये बहुत लाभकारी साबित होते है | आपको नियमित इसका सेवन शहद के साथ ही करना चाहिये |
आवंला भी फायदेमंद है हेपेटाइटिस ई के लिए

आवंला के फायदेमंद तत्व

आवंला हमारे शरीर की कई समस्या को जड़ से ख़त्म करने में मदद करता है | आवंला में कई विटामिन व एंटीऑक्ससीडेंट होते है | जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाते है | इसका नियमित सेवन कसे हमारे लीवर को हर तरफ से फायदा पहुंचाता है | यह हमारे शरीर की इम्युनिटी को भी बढाता है | और पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है | जिससे हमारी हेपेटाइटिस ई की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है |

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