Hepatitis C test

हेपेटाइटिस सी कारण लक्षण व सरल बचाव – Hepatitis C Treatment In Hindi

रोग व इलाज

हेपेटाइटिस को 1970 के दशक में खोजा गया था और 1980 तक इसके सारे प्रकारों हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस डी और हेपेटाइटिस इ को खोज लिया गया था | हेपेटाइटिस सी भी अन्य हेपेटाइटिस रोगों की तरह होने वाला एक संक्रमण रोग है | जो वायरस के द्वारा व्यक्ति के शरीर को अपनी चपेट में ले लेता है |


यह वायरस व्यक्ति के जिगर पर हमला करता है | जिसके कारण व्यक्ति को दर्द व सुजन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है | इसके लक्षणों का पता बहुत मुश्किल से चलता है | अगर इस समस्या का समय रहते इलाज ना कराया जाये तो इससे व्यक्ति के जिगर यानि लिवर को काफी नुकसान पहुचता है | दोस्तो इसीलिए आज आपको हम हेपेटाइटिस सी से जुडी कुछ जरुरी जानकारी आपको प्रदान करने जा रहे है | तो आइये जानते है हेपेटाइटिस सी के बारे में विस्तार से

हेपेटाइटिस सी क्या है ?

हेपेटाइटिस सी एक संक्रामक बीमारी होती है, जो एचसीवी नाम के वायरस के कारण होती है | हेपेटाइटिस सबसे ज्यादा यकृत यानि लिवर को नुकसान पहुंचाती है जिसके लक्षण आमतोर पर कई सालो में दिखाई देते है | जिन लोगो को पहले से सिरोसिस की बीमारी होती है उन लोगो को हेपेटाइटिस सी होने का खतरा ज्यादा होता है | हेपेटाइटिस मुख्यतः एक मानव रोग है इसे किसी भी जानवर से प्राप्त नहीं किया जाता है न ही उन पर इसका कोई प्रभाव पड़ता है | हेपेटाइटिस के इलाज के लिए कोई भी दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है |

जाने हेपेटाइटिस सी में आने वाले चरण के बारे में

हेपेटाइटिस सी तीन चरणों में शरीर पर हमला करता है | आइये जानते है इन चरणों के बारे में विस्तार से |

हेपेटाइटिस सी का प्रथम चरण

इस बीमारी का सबसे पहला चरण एक्यूट चरण है
एक्यूट हेपेटाइटिस सी में हमें शुरुआत के पांच व छः महीनो में पता नही चलता है | एक्यूट हेपेटाइटिस सी की वजह से व्यक्ति को थकान भूख ना लगना व त्वचा व आँखों में पीलापन यानि पीलिया की समस्या की समस्या का सामना भी करना पड़ता है | वैसे तो एक्यूट हेपेटाइटिस सी की समस्या धीरे धीरे कुछ ही महीनो में अपने आप ठीक हो जाती है | लेकिन व्यक्ति को इन लक्षणों का पता चलते ही उपचार जरुर अपनाना चाहिये | वरना एक्यूट हेपेटाइटिस सी को गंभीर यानि क्रॉनिक होने में देर नही लगती है |

क्रॉनिक हेपेटाइटिस सी चरण की समस्या का होना

क्रॉनिक हेपेटाइटिस सी की समस्या केवल व्यक्ति के लीवर की कोशिकाओं के ख़त्म होने के कारण व्यक्ति को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | यह समस्या केवल तभी जन्म लेती है | यदि सही समय पर एक्यूट हेपेटाइटिस का इलाज ना करने की वजह से व्यक्ति को क्रॉनिक समस्या का समाना उठाना पड़ता है | क्रॉनिक समस्या की वजह से व्यक्ति को सिरोसिस जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है |

अंतिम हेपेटाइटिस सी का चरण की समस्या का होना

यदि क्रॉनिक हेपेटाइटिस सी का इलाज सही रूप से ना कराया जाये | या फिर इलाज में किसी भी तरह की को लापरवाही बरती जाये | तो इसके कारण व्यक्ति को काफी गंभीर समस्या जैसे लीवर का बंद होना व लीवर कैंसर के कारण मरीज की जान भी जा सकती है | अंतिम हेपेटाइटिस सी के काहर्ण में मरीज को पीलिया, उल्टी , भूख कम लगना, पेट में सूजन के साथ साथ पेट में द्रर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है | हेपेटाइटिस सी के अंतिम चरण में सबसे अधिक असर लीवर व तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है | इसीलिए इस समस्या का समय रहे सही उपचार करवा लेना चाहिये |

जाने हेपेटाइटिस सी के मुख्य कारणों के बारे में

हेपेटाइटिस सी की समस्या व्यक्ति को कई कारणों की वजह से अपनी गिरफ़्त में ले सकती है | दोस्तो आइये जानते है इस बीमारी के मुख्य कारणों के बारे में

  • किसी व्यक्ति को रक्त चढाते समय |
  • संक्रमित व्यक्ति का रेज़र या ब्रश का साझा करने से |
  • संक्रमित महिला से बच्चे को स्तनपान करते समय |
  • संक्रमित महिला के प्रसव के दौरान बच्चे को |
  • यौन सम्बंध बिना कंडोम के बनाने से |
  • संक्रमित व्यक्ति के द्वारा अधिक संपर्क में आने से |
  • सुइयों को शेयर करने की वजह से |

आदि कारणों के कारण व्यक्ति को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | यदि इसीलिए यदि आप भी इस प्रकार की बीमारी से बचना चाहते है | तो आपको उपर दी बातों का ध्यान रखना चाहिये |

जाने क्या लक्षण होते है हेपेटाइटिस सी के

  • भूख न लगने की समस्या आना |
  • अधिक व तेज पेट दर्द की समस्या होना |
  • गहरे रंग का पेशाब आना |
  • पीलिया की समस्या हो जाना |
  • अधिक बुखार का आना |
  • शरीर के सभी जोड़ों में दर्द का होना |
  • सिर में अधिक दर्द का होना |
  • शरीर का नीला पड़ने लगना |
  • हांथ व पैरों में सुजन का आना |
  • त्वचा में अधिक खुजली का होना |
  • कुछ ही दिनों में वजन का कम हो जाना |

अगर शरीर में इस प्रकार के लक्षणों का पता चलते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे | क्यूकि अगर सही समय पर इस बीमारी का इलाज ना कराया जाये | तो इसके कारण मरीज के लीवर, तंत्रिका तंत्र व दिमाग को बहुत नुकसान पहुचता है | इसीलिए इस बीमारी का सम्पूर्ण उपचार जरुर करवाये |

आइये जानते है हेपेटाइटिस सी के बचाव व इलाज के बारे में

हेपेटाइटिस सी की समस्या होने पर आपको तुरंत ही अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना चाहिये | क्यूकि अगर दिनचर्या में बदलाव ना लाया गया | तो इस बीमारी को बढ़ते व गंभीर होते देर नही लगती है | तो दोस्तो आइये जानते है | इसके बचाव व सरल इलाज के बारे में

  • शरीर पर टैटू बनवाते समय अत्यंत सावधानी बरते |
  • यौन सम्बन्ध बनाते समय महिला व पुरुष दोनों को कंडोम का इस्तमाल करना चाहिये |
  • सुई द्वारा किसी भी ड्रग्स व नशीली दवा का सेवन ना करे |
  • संकर्मित व्यक्ति के साथ नियमित दुरी बनाकर रखे |
  • बाहरी भोजन का प्रयोग कम से कम करे |
  • फ़ास्ट फ़ूड व तली भुनी चीजों को ना खाए |
  • धुम्रपान का सेवन बिलकुल ही बंद कर दे |
  • समय रहते हेपेटाइटिस सी का टीका जरुर लगवाये |
  • हरी साग सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करे |
  • डॉक्टर के द्वारा एंटीवायरल दवा का सेवन करे |
  • फलो का सेवन करे | पर जूस से परहेज करे |
  • प्रोटीन की मात्रा को अधिक से अधिक ले |
  • नियमित योगा व टहले जरुर |
  • पानी को साफ़ व उबालकर ही सेवन में लाये |

यदि आप भी हेपेटाइटिस सी की समस्या से ग्रस्त है तो आपको ऊपर दिए हुए सभी उपचार को समय रहते अपनाना चाहिये | क्यूकि समय पर इलाज करवाने से व्यक्ति के लीवर व तंत्रिका तंत्र पर किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होगा |

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