हेपेटाइटिस बी के बचाव,कारण व लक्षण – Hepatitis-B Treatment In Hindi

Hepatitis-B Treatment In Hindi

हेपेटाइटिस बी वायरस के द्वारा व्यक्ति को होने वाली एक गंभीर समस्या है | यह एक प्रकार की संक्रामक समस्या होती है | जो व्यक्ति के लीवर को प्रभावित करती है | इस रोग की वजह से व्यक्ति के लीवर में सुजन के सतह साथ लीवर के उत्तकों को नुकसान पहुचाती है | यह समस्या अधिकतर बच्चों में देखी जाती है | इस बीमारी के लक्षणों का पता बहुत देर से चलता है | इस बीमारी के लक्षण सामान्य बुखार की तरह ही होते है | एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग पांच करोड़ लोग हर साल इस समस्या से ग्रस्त होते है | यदि इस बीमारी का समय रहते इलाज ना कराया जाये | तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलते है |

जाने हेपेटाइटिस बी के प्रकार के बारे में

एक्यूट हेपेटाइटिस बी का होना

एक्यूट हेपेटाइटिस बी की समस्या अधिक उम्र के व्यक्तियों को कम होता है | अगर कोई व्यक्ति एक्यूट हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त हो जाये | तो कुछ ही महीनो के बाद यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है | एक्यूट हेपेटाइटिस बी के कारण व्यक्ति के लीवर पर अधिक असर नही पड़ता है | अगर सही समय पर इसके लक्षणों का पता लगा लिया जाये | व अपनी दिनचर्या में थोडा सुधार कर लिया जाए | तो आपको कुछ ही हफ्तों में इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा |

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी का होना

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी की परेशानी केवल सही समय पर उपचार ना करने की वजह से आती है | यदि सही समय पर ठीक उपचार ना कराया जाये | तो वायरस गंभीर संक्रमण का रूप ले लेता है | जिसके कारण क्रोनिक हेपेटाइटिस बी की स्थति बन जाती है | इस समस्या का अधिक असर छोटे बच्चों को अधिक होता है | यदि पांच या छह महीनो तक सही उपचार ना कराया जाये तो बच्चे में क्रोनिक हेपेटाइटिस बी की समस्या जन्म ले लेती है | जिसके कारण लीवर में कमजोरी व लीवर कमजोर होने जैसी समस्या आने लगती है |

जाने इस बीमारी के कारणों के बारे में

हेपेटाइटिस बी की समस्या केवल वायरस का शरीर में प्रवेश करने के कारण ही आती है | अगर संक्रमित व्यक्ति के साथ चुंबन व उसके छींकने व खांसी के द्वारा व्यक्ति का शरीर इस समस्या से ग्रस्त नही होगा | अब आइये जानते इस रोग के  कारणों के बारे में |

  • गन्दा पानी का सेवन करने की वजह से |
  • संक्रमित महिला या व्यक्ति के साथ यौन संबंध की वजह से |
  • शौचालय के बाद बिना हांथ धुले भोजन का सेवन करने से |
  • दूषित भोजन खाने के कारण |
  • संक्रमित व्यक्ति से अधिक मिलने जुलने से |
  • अस्वच्छ उपकरणों को मुहं व शारीरिक संपर्क में लेन की वजह से |
  • संक्रमित व्यक्ति का सामान इस्तमाल करने की वजह से |
  • संक्रमित महिला का प्रसव के समय बच्चे को
  • संक्रमित व्यक्ति के साथ खाना खाने के कारण |
  • इंजेक्शन द्वारा ली जाने वाली नशीली दवाओं के कारण |
  • संक्रमित रक्त के संपर्क में आने के कारण |

जाने  इस रोग के लक्षण के बारे में |

हेपेटाइटिस बी होने पर शरीर में कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते है | 

  • बहुत जल्दी थकान का हो जाना |
  • वायरस के कारण बुखार का आना |
  • मतली और उल्टी जैसी समस्या का होना |
  • भूख में कमी का होना |
  • अधिक पेट दर्द का होना |
  • सर दर्द अधिक होना |
  • नियमित बुखार का आना |
  • शरीर के सभी जोडों में दर्द का होना |
  • त्वचा व आँखों में पीलापन आने लगना |
  • मल व मूत्र का रंग गहरा हो जाना |

इलाज के बारे में |

हेपेटाइटिस बी को आसानी से खत्म किया जा सकता है | अगर हम सही समय पर इस रोग के लक्षणों का पता लगाकर कुछ दिनों में ही इसको पूरी तरह समाप्त कर सकते है | तो आइये जानते है | हेपेटाइटिस बी को किस प्रकार खानपान के द्वारा हम पूरी तरह से खत्म कर सकते है | तो आइये जानते है | हेपेटाइटिस बी होने पर किसी प्रकार का भोजन करे

कार्बोहाइड्रेट की मात्र को कम कर दे हेपेटाइटिस बी होने पर

हेपेटाइटिस बी की समस्या होने पर कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन का सेवन कम या फिर बंद कर दे क्यूकि कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन को व्यक्ति का पाचन तंत्र जल्दी पचा नही पाता है | हेपेटाइटिस बी के मरीज को बीन्स और ब्राउन राइस व जई का दलिया का सेवन पूर्णरूप से बंद कर देना चाहिये | आप चाहे तो आलू चावल व पस्ता जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन कर सकते है | इन सभी में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम पाई जाती है |

ग्रीन कॉफी या ग्रीन टी का सेवन अधिक से अधिक करे |

ग्रीन कॉफी या ग्रीन टी का सेवन करने से हमारे शरीर का पाचन तंत्र ठीक होने लगता है | जो हेपेटाइटिस बी की समस्या में काफी लाभकारी सिद्ध होता है | इस रोग से लीवर ख़राब होने या फिर लीवर कैंसर का भी खतरा बना रहता है | अगर हेपेटाइटिस बी का मरीज नियमित ग्रीन टी या ग्रीन कॉफी का सेवन करे तो इससे व्यक्ति के लीवर को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नही होता है | ग्रीन टी हमारे लीवर को स्वस्थ बनाने में हमारी मदद करती है |

जितना हो सके उतना सेवन करे फल और सब्जियों का

फल और सब्जियां हमारे शरीर में सभी कमी को पूरा करती है | क्यूकि हरी सब्जियों व फलों में कई प्रकार के प्रोटीन व मिनिरल तत्व पाए जाते है | जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाने में हमारी बहुत मदद करते है | यदि हेपेटाइटिस के मरीज को रोजाना हरी सब्जिओं व फलों का सेवन कराया जाये | तो इससे मरीज के लीवर पर काफी चचा असर पड़ेगा | जो हेपेटाइटिस जैसी समस्या को खत्म करने में आपकी बहुत मदद करेगा |

यह समस्या होने पर अधिक से अधिक प्रोटीन युक्त आहार ले

हेपेटाइटिस बी होने पर मरीज के शरीर में कही ना कही प्रोटीन की कमी भी होने लगती है | जो लीवर के साथ साथ शरीर के लिए भी हानिकारक साबित होती है | अगर हेपेटाइटिस बी का मरीज रोजाना अंडा, बीज और सूखे मेवे, दूध व मछली का सेवन करे | तो इससे व्यक्ति के शरीर पर काफी अच्छा असर पड़ेगा | जो हेपेटाइटिस जैसी समस्या को जड़ से खत्म करने में आपकी पूर्ण मदद करेगा |

यह होने पर पेट भर भोजन जरुर करे

हेपेटाइटिस बी की समस्या में अक्सर देखा जाता है | मरीज को भूख नही लगती है | जिससे उसका पाचन तंत्र और भी ख़राब होने लगता है | यदि मरीज संतुलित भोजन का परत भर सेवन करे | तो इससे मरीज के लीवर पर काफी अच्छा असर पड़ेगा | जो हेपेटाइटिस बी की समस्या को जड़ से खत्म करने में आपकी पूर्ण मदद करेगा | आप चाहे तो दिन में कई बार भी भोजन का सेवन कर सकते है | लेकिन याद रहे आपको केवल संतुलित भोजन का ही सेवन करना चाहिये | जिससे आपके शरीर को स्वस्थ होने में बहुत मदद मिलेगी

इस रोग का बचाव कैसे करे

हेपेटाइटिस बी जैसी समस्या से बचने के लिए आपको हेपेटाइटिस बी का टीका जरुर लगवाना चाहिये | आइये जानते है क्या बचाव करना चाहिये हेपेटाइटिस बी की समस्या में

  • यह  समस्या होने पर फ़ास्ट फ़ूड का सेवन बिलकुल भी ना करे |
  • इस रोग के होने पर धुम्रपान को पूरी तरह से त्याग दे |
  • कम चर्बी वाले भोजन का अधिक सेवन करे |
  • संक्रमित व्यक्ति से दुरी बनाकर रखे |
  • संक्रमित व्यक्ति या महिला के साथ यौन सम्बंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल जरुर करे |
  • हेपेटाइटिस की समस्या भी अधिक तला भुना भोजन का सेवन ना करे |
  • हेपेटाइटिस बी होने पर पानी को साफ़ करके ह इसका सेवन करे |
  • फलो का सेवन करे पर फलों के जूस का सेवन बिलकुल भी ना करे |

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