ग्रीन टी के लाभकारी फायदे – Green Tea Benefits In Hindi

सदियों से ही स्वस्थ रहने के लिए ग्रीन टी यानि की हरी चाय का सेवन किया जाता रहा है, ग्रीन टी कैमेलिया साइनेंसिस की पत्तियों से बनी होती है | इस चाय को सबसे पहले चाइना और भारत में उगाया गया जिसके बाद इसे पूरे विश्व में स्वास्थवर्धक पेय के रूप में प्रयोग किया जाने लगा |

ग्रीन टी क्या है ?

ग्रीन टी को बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण बिलकुल न्युनतम की मात्रा में होता है, जिससे इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-कैविटी और एंटी-वायरल गुणों के साथ शरीर के लिए फायदेमंद पोलीफिनोल भरपूर मात्रा में पाए जाते है | ग्रीन टी में वयोएक्टिव यौगिक बहुत ही अच्छी मात्रा में पाए जाते है, जिससे यह आपको स्वस्थ रखने में बहुत लाभकारी होती है | ईसीजी यानि एपिगैलोकैटेचिन गैलेट भरपूर मात्रा में हरी चाय की पत्तियों में पाया जाता है जो कई बिमारियों की रोकथाम में फायदेमंद होता है | चाय का सेवन करने बालो के लिए हरी चाय एक बहुत ही अच्छी पेय मानी जाती है |

 हरी चाय को बनाने की विधि –

सबसे पहले पानी को उबाल ले फिर इस पानी को एक कप में डाल ले | अब इस कप में हरी चाय का एक बैग या पत्ती डाल ले फिर इस मिश्रण को चमच्च से अच्छे से मिला ले | फिर इस कप को 1.5 से 2 मिनट के लिए ढक कर रख दे मगर ध्यान रहे इसे 2 मिनट से ज्यादा न रखे नहीं तो चाय कडवी हो सकती है | अब चाय को छान ले अगर आपने पत्ती डाली हो नहीं तो ग्रीन टी बैग को निकाल कर चाय का सेवन करें |

इस चाय को पीने का सही समय –

  • सुबह सो कर जागने और नाश्ते के पहले ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • नाश्ता और दोपहर में भोजन के बाद एक घंटे बाद ही हरी चाय का सेवन करना चाहिए |
  • हरी चाय को रात में सोते समय प्रयोग न करे इससे आपको अनिद्रा की समस्या हो सकती है|
  • व्यायाम करने के आधे घंटे पहले हरी चाय का सेवन करने से यह आपके स्टेमिना को बढाती है |

ग्रीन टी का उत्पादन और सेवन बिभिन्न तरीकों से पूरी दुनिया में किया जाता है जिससे हरी चाय की खेती और फसल के आधार पर इसे कई प्रकारों में बिभक्त किया जाता है जो निम्न है…

  • सेंन्चा :- सेंन्चा ग्रीन टी का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने बाला प्रकार है | इस चाय को पत्तियों को धूप में सुखाकर या भाप के द्वारा तैयार किया जाता है |
  • फुकमुशी सेंन्चा :- फुकमुशी शब्द जिसका अर्थ होता है अधिक देर तक उबाला हुआ इस प्रकार की चाय को लम्बे समय तक उबाल कर बनाया जाता है | इस चाय को बनाने के पहले पत्तियों को भाप में बहुत देर तक सेंका जाता है जिससे बो सूखकर पाउडर बन जाती है| पाउडर का प्रयोग करने से चाय का स्वाद और रंग गहरा हरा हो जाता है |
  • क्युबुसेचा :- ग्रीन टी के इस प्रकार में पत्तियों को तोड़ने से पहले धूप की रौशनी से बचाने के लिए कपड़ो से ढक दिया जाता है |

हरी चाय बाजार में कई रूपों में मिलती है जो निम्न है…

  • चाय की पत्ती के रूप में |
  • ग्रीन टी के पूरक के रूप में |
  • पाउडर के रूप में |
  • बोतलबंद |
  • टी बैग के रूप में |

शरीर के लिए इस टी के फायदे –

ग्रीन टी में पाए जाने वाले स्वास्थवर्धक गुणों की वजह से यह आपको स्वस्थ रखने में बहुत फायदेमंद होता है | आज के बदलते समय और भागदौड़ भरी जिन्दगी में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हरी चाय को पीने के चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है | ग्रीन टी को एक निश्चित मात्रा में और सही तरीके से पीने से ही स्वास्थ को लाभ होता है | तो आइये जानते है हरी चाय के स्वास्थ से जुड़े लाभकारी स्वास्थवर्धक फायदे…

मानसिक थकान दूर करने में फायदा –

भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक थकान और तनाव का होना एक बहुत ही आम समस्या है | इस तरह की समस्या होने पर ग्रीन टी का सेवन करने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है | हरी चाय में थेनाइन नाम का तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो एमिनो एसिड का निर्माण करता है | एमिनो एसिड शरीर में मानसिक थकान और तनाव को दूर करके शरीर को एनर्जी देने का काम करता है |

दांतों के लिए फायदेमंद –

आज के गलत खानपान के कारण युवाओं के साथ साथ बुजुर्गों में भी दांतों से जुडी समस्याएं जैसे पायरिया और कैविटी बहुत तेजी से फ़ैल रही है | इन समस्यायों से छुटकारा पाने के लिए हरी चाय का सेवन बहुत लाभकारी होता है | ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में कैफीन पाया जाता है जो कीटाणुओं को समाप्त करने और बैक्टीरिया को दूर करके दांतों को सुरक्षित और मजबूत बनाने में मदद करता है |

रक्तचाप की समस्या में लाभकारी –

आज के भागदौड़ और व्यस्तता भरे जीवन में काम के तनाव के कारण उच्च रक्तचाप की समस्या होना बहुत ही आम समस्या बन गयी है | उच्च रक्तचाप शरीर में और भी कई बीमारियों को जन्म देता है और गुस्सा भी तेज आने लगता है | अगर आपको भी उच्च रक्तचाप की समस्या रहती है तो हरी चाय का सेवन आपके लिए बहुत ही लाभकारी होता है |

कोलेस्ट्रॉल घटाने में फायदेमंद –

ग्रीन टी में ख़राब कोलेस्ट्रोल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढाने वाले गुण बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते है जिससे ग्रीन टी का नियमित सेवन दिल के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है | अगर आप ज्यादा फ़ास्ट फ़ूड और तेल वाले भोजन का सेवन करते है तो आपको नियम से रोजाना हरी चाय को पीना चाहिए |

डायबिटीज में लाभकारी –

ग्रीन टी में रक्त के अंदर शर्करा को नियंत्रित करने वाले गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है अगर आप शुगर की समस्या से परेशान है तो नियमित रूप से हरी चाय का सेवन करना प्रारंभ कर दे | शुगर के मरीजों को प्रतिदिन भोजन करने के बाद ग्रीन टी का सेवन जरुर करना चाहिए |

वजन कम करने में लाभकारी –

वजन अधिक होने की समस्या में ग्रीन टी का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है | हरी चाय को नियमित रूप से सेवन करने से यह आपके शरीर के मेटाबोलिज्म को बढ़ा देता है जिससे पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती है | पाचन क्रिया के संतुलित रहने से अतरिक्त वजन कम हो जाता है|

त्वचा में चमक लाती है –

ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते है जो त्वचा में कसाब उत्पन्न करके चेहरे से झुर्रियों को दूर करने में फायदेमंद होता है | हरी चाय का नियमित रूप से सेवन करने से यह चेहरे पर चमक और ग्लो को बढाता है और शरीर ताजगी से भरा रहता है |