गैस्ट्रोएसोफेगल के लक्षण कारण व इलाज – Gastroesophageal Reflux Disease Treatment In Hindi

गैस्ट्रोएसोफेगल ka ilaj

गैस्ट्रोएसोफेगल एक पाचन संबंधी समस्या होती है, यह समस्या पेट में मौजूद एसिड व तत्व हमारे भोजन नली में आ जाने के कारण आती है | जिसकी वजह से हमारी भोजन नली के अंदरूनी साथ पर जलन होने लगती है | इस समस्या को गर्ड या फिर एसिड भाटा रोग के नाम से भी जाना जाता है | यह समस्या केवल पाचन तंत्र के ख़राब होने के कारण ही हमारे शरीर में जन्म लेती है |

अगर किसी व्यक्ति का पाचन तंत्र ख़राब हो जाये | तो व्यक्ति हर हफ्ते इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है | यदि आप भी इस प्रकार की परेशानी से ग्रस्त है | तो आप घर पर भी इस समस्या का आसानी से इलाज कर सकते है | दोस्तो आइये जानते है, इस समस्या को विस्तार से |

गैस्ट्रोएसोफेगल के कारण

गैस्ट्रोएसोफेगल यानि गर्ड की समस्या जब हम भोजन को निगलते है, तो लोअर एसोफिजिअल स्फिंक्टर भोजन नली के निचले हिस्से के आस पास मांसपेशीयों का एक गोलाकार बैंड होता है | जो भोजन के जाने के बाद बंद हो जाता है, यदि स्फिंक्टर सामान्य रूप से काम करना बंद कर दे | तो भोजन व भोजन के द्वारा बना एसिड हमारे भोजन नली में दोबारा आने लगता है | जिससे गर्ड या गैस्ट्रोएसोफेगल जैसे समस्या जन्म लेने लगती है | आइये जानते है इसके मुख्य कारणों के बारे में |

  • अधिक मोटापा होने के कारण |
  • गर्भावस्था के समय |
  • अधिक धूम्रपान करने की वजह से |
  • मुंह में खुश्की होना |
  • दमा की समस्या के कारण |
  • मधुमेह की बीमारी की वजह से |
  • भूख देर से लगना |

आदि के कारण व्यक्ति को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | आइये जानते है, गैस्ट्रोएसोफेगल के लक्षण के बारे में |

गैस्ट्रोएसोफेगल के लक्षण

गर्ड होने पर शरीर में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देने लगते है | आइये जानते है, उन लक्षणों के बारे में |

  • सीने में जलन की समस्या होती है |
  • छाती में दर्द की परेशानी होती है |
  • भोजन को निगलने में परेशानी होती है |
  • सूखी खांसी आने लगती है |
  • गले में खराश व आवाज बैठ जाती है |
  • गले में गांठ की समस्या होने लगना |
  • उल्टी की समस्या का होना |

अगर आपको भिजन करने के बाद सीने में जलन की समस्या होने लगती है | तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर उपचार करवा लेना चाहिये | क्यूकि अगर इस समस्या का सह समय पर उपचार ना करवाया जाये | तो दर्द की समस्या बढ़ने लगती है | और आपको इसके गंभीर रूप भी देखने को मिल सकते है | आइये जानते है, अगर इस प्रकार की समस्या हो तो आपको डॉक्टर के द्वारा इन जाँच को जरुर करवाना चाहिये |

गैस्ट्रोएसोफेगल की जाँच

अगर आपको पाचन से जुडी किसी भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, यह फिर बार बार आपको सीने में जलन व दर्द की समस्या हो रही है | तो आपको इस समस्या के बारे में अपने शरीर की पूरी जाँच करवा लेनी चाहिये | जैसे की

एंडोस्कोपी की जाँच – एंडोस्कोपी के द्वारा आपके भोजन नली के बारे में पता लगाया जाता है | एंडोस्कोपी के द्वारा हम इस परेशानी का पूर्ण इलाज करवा सकते है |

एक्स-रे के द्वारा – एक्स-रे यानि बेरियम स्वालो जाँच के द्वारा भी इस समस्या का पता लगा सकते है | इस जाँच को करवाने के लिए आपको कुछ तरल पदार्थ पीना चाहिये जिससे परेशानी का पूर्णरूप से पता लगाया जा सके |

एम्ब्यूलेटरी जाँच करवाये – एम्ब्यूलेटरी जाँच के द्वारा हम भोजन नली के बारे में ठीक तरह से पता लगाया जाता | एम्ब्यूलेटरी के द्वारा हमारे भोजन नली में एक ट्यूब को डाला जाता है | जिससे भोजन नली में मोजूद एसिड की जाँच की जाती है | जिससे उस परेशानी का सही रूप से पता लगाया जा सके |

एसोफैगेल मोटिलिटी परीक्षण – एसोफैगेल मोटिलिटी परीक्षण के द्वारा भोजन नली की गतिविधि को मापा जाता है | जिससे आंत में होने वाली समस्या के बारे पता चलता है |

गैस्ट्रोएसोफेगल का बचाव

गैस्ट्रोएसोफेगल की समस्या से बचने व दूर रहने के लिए आपको कुछ बातों का जरुरी ध्यान रखना चाहिये | जैसे की

  • अगर आप दिन सोते है तो कुर्सी का उपयोग करे |
  • भोजन करने के बाद सोये नही |
  • अधि टाइट कपडे व बेल्ट ना पहने |
  • धूम्रपान का बिलकुल भी सेवन ना करे |
  • अपने वजन को जल्दी से नियंत्रित करे |
  • अगर अप इस समस्या से ग्रस्त है तो एक साथ पेट भर भोजन ना करके थोडा थोडा भोजन करे |

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