फैटी लीवर क्या है व इसका आसन आयुर्वेदिक उपचार – Fatty Liver Treatment In Hindi

आयुर्वेद

विषय-सूचि

फैटी लीवर क्या है

फैटी लीवर की समस्या केवल लीवर में वसा जमा होने के कारण ही आती है | वसा जमा होने की वजह से हमारे लीवर का आकर बढने लगता है |यह लीवर में होने वाला एक गंभीर रोग है | फैटी लीवर से पीड़ित 25% मरीज आगे चलकर लीवर सिरोसिस या फिर लीवर कैंसर होने के कारण मर जाते हैं | कई शोधों के मुताबिक जिन लोगो में फैटी लिवर की समस्या होती है |

उन्हें भविष्य में डायबीटीज होने का खतरा भी हो सकता है | क्युकि लिवर में फैट जमा होने से इंसुलिन की उत्पादन क्षमता पर असर पड़ता है | यह रोग हमारे शरीर में अधिक शराब पीने की वजह से या फिर मोटापे और सही संतुलित आहार का सेवन न करने की वजह से होता है | फैटी लीवर को नानअल्कोहोलिक भी कहा जाता है | रोग हमारे लीवर में बहुत तेजी से बढता है | फैटी लीवर दो प्रकार का होता है |

  1. एलोकोहोल फैटी लीवर |
  2. नानअल्कोहोलिक फैटी लीवर |

अगर आपको अधिक पेट दर्द, उल्टी, व थकान जैसी समस्याओं का सामना रोजाना करना पड़े | तो आपको अपने लीवर की जाँच करवा लेनी चाहिए | क्युकि ये सभी लक्षण फैटी लीवर के मने जाते है | अब आइये जानते है | इस रोग के होने की मुख्य वजह व उपचार के बारे में |

फैटी लीवर होने की कुछ मुख्य वजह

मोटापा होता है फैटी लीवर होने की एक वजह

जो व्यक्ति अधिक मोटापे से ग्रस्त होते है | उन लोगो को ये समस्या होने का खतरा अधिक होता है | क्युकि मोटापे की वजह से हमारे शरीर में अधिक मात्रा में वसाकोलेस्‍ट्रॉल जमा हो जाता है | जो हमारे लीवर को भी अपनी गिरफ्त में लेकर हमारे शरीर में फैटी लीवर की समस्या को जन्म दे देता है |

फैटी लीवर अनुवांशिक वजह भी मानी जाती है

यह बीमारी अनुवांशिक कारणों के वजह से भी हमारे शरीर में जन्म ले लती है | अगर आपके माता पिता मोटापे व इस बीमारी से ग्रस्त रह चुके है | तो आपको भी फैटी लीवर होने का खतरा बना रहता है | इसके बचाव के लिए आपको अपनी रोजाना की दिनचर्या में कुछ बदलाव लाने चाहिए | जैसे नियमित योग करके भी हम अपने शरीर को इस बीमारी से बचा सकते है |

अधिक दवा का सेवन भी लीवर के लिए हानिकरक होता है

अगर आप हेपेटाइटिस के उपचार के लिए एस्परिन जैसी दवा का सेवन अधिक करते है | तो इस दवा के कारण हमारे लीवर में वसा की मात्रा अधिक होने लगती है | जो बाद में फैटी लीवर की समस्या बन जाती है | गर्भवती महिलाओं को भी अधिक दवा का सेवन नही करना चाहिए | क्युकि गर्भावस्था के समय ये बीमारी बहुत जल्दी शरीर में जन्म ले लेती है |

अधिक शराब का सेवन भी खतरनाक होता है लीवर के लिए

एलोकोहोल फैटी लीवर होने की केवल शराब ही मुख्य वजह होती है | अधिक शराब पीने से हमारे लीवर की प्रतिरोध क्षमता काफी कम हो जाती है | जिसकी वजह से लीवर में वसा व कोलेस्‍ट्रॉल अपनी जगह बनाने लगता है | और हमारे शरीर इस रोग से ग्रस्त हो जाता है |

नॉन अल्कोहोलिक फैटी लीवर होने की कुछ मुख्य कारण

  • संतुलित आहार का सेवन न करने की वजह से ये बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • अधिक उम्र के व्यक्तिओं को इस रोग की समस्या हो सकती है |
  • रक्त में ट्राईगिलारैइस्ड्स की कमी के कारण |
  • हमारे मेटाबोलिक कमजोर होने की वजह से |
  • अधिक आराम व सोने की वजह से |
  • दवाओं के द्वारा भी |

फैटी लीवर हो जाने पर शरीर में दिखाई देते है इस प्रकार के लक्षण

पेट में सूजन का होना – फैटी लिवर की समस्या होने पर हमारे पेट में सुजन की समस्या होने लगती है | क्युकि रक्त और द्रव्य में प्रोटीन और एल्बुमिन का स्तर बहुत अधिक हो जाने की वजह से हमारे पेट में सुजन की समस्या होने लगती है |

पीलिया होने लगता है – फैटी लिवर की परेसानी होने पर मरीज की त्वचा और आंखों में पीलापन दिखायी देने लगता है | जो पीलिया जैसी बीमारी का भी लक्षण माना जाता है |

पाचन संबंधी समस्या आने लगती है – फैटी लीवर होने पर हमारा पाचन तंत्र बिगड़ जाता है | और हमारे शरीर को एसिडिटी की समस्या के साथ उल्टियां भी होने लगती है |

पेट में दर्द अधिक होने लगता है – फैटी लीवर होने पर हमारे लीवर में सुजन आने लगती है | जिसकी वजह से हमें दर्द का सामान करना पड़ता है |

थकान अधिक महसूस होना – लीवर में सुजन आने की वजह से हमारा शरीर अधिक थकान महसूस करने लगता है |

फैटी लीवर का आसन व आयुर्वेदिक उपचार

मछली का सेवन अधिक करके पाये फैटी लीवर से छुटकारा

लीवर से जुड़े किसी भी रोग के उपचार के लिए हमें नियमित मछली का सेवन शुरू कर देना चाहिए | क्युकि मछली में पाये जाने वाला प्रोटीन ओमेगा-3 व फैटी एसिड हमारे लीवर में जमा वसा को पूर्णरूप से ख़त्म करके हमारे लीवर को स्वस्थ बनाता है | और हमारे शरीर से फैटी लीवर की समस्या को भी ख़त्म करता है |

आंवला का सेवन करके बनाये लीवर को स्वस्थ

आवंला हमारे शरीर को कई प्रकार से फायदे पहुचता है | क्युकि आवंला में निकोटिनिक एसिड, गैलिक एसिड, टैनिक एसिड, ग्लूकोज, व अलब्यूमिन जैसे तत्व हमारे लीवर की गंदगी को साफ़ करके हमारे लीवर को स्वस्थ बनाते है | आपको लीवर को स्वस्थ बनाने के लिए आवंला का सेवन कई प्रकार से कर सकते है | जैसे

  • आंवला का चूर्ण बनाकर|
  • आंवला का जूस बनाकर |
  • आंवला का मुरब्बा बनाकर |
  • आंवला का पेस्ट बनाकर |
  • कच्चे आंवला का सेवन कर सकते है |

फैटी लीवर की समस्या होने पर ग्रीन टी का सेवन अधिक करे

ग्रीन टी में एंटी-आक्सीडेंट, ,पॉलीफिनोल्स, एंटी इंफ्लेमेटरी, लौह, मैग्नेशियम, तथा कैल्शियम जैसे तत्व हमारे लीवर को मजबूती प्रदान करते है | जिससे हमारे हमारी फैटी लीवर की समस्या पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है | लीवर के लिए ग्रीन टी का सेवन केवल शहद डालकर ही करे |

करेले का नियमित सेवन से बनाये लीवर को मजबूत

करेले का सेवन करने से हमारे शरीर को प्रचूर मात्रा में विटामिन A, B और C के साथ साथ कैरोटीन, बीटाकैरोटीन, लूटीन, आइरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मैगनीज जैसे फ्लावोन्वाइड भी तत्व पाए जाते हैं | जो हमारे लीवर की गंदगी को साफ़ करके हमारे लीवर की सभी समस्या को पूर्णरूप से ख़त्म कर देता है |

साइट्रस फ्रूट ( खट्टे फलो ) का सेवन करने से भी फैटी लीवर ख़त्म होता है

लीवर में जमा वसा व कोलेस्‍ट्रॉल को पूर्णरूप से ख़त्म करने के लिए हमें रोजाना खट्टे फलो का सेवन करना चाहिए | क्युकि खट्टे फलो में एंटीऑक्सिडेंट, के साथ साथ लाइकोपीन, विटामिन c, विटामिन D प्रचुर मात्रा में पाया जाता है | जो हमारे लीवर में जमा वसा व कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा को ख़त्म करके हमारी फैटी लीवर की समस्या को हमेशा के लिए समाप्त कर देता है |

फैटी लीवर होने पर योगा व व्यायाम को अपनी दिनचर्या में जोड़े

योगा करने से हमारे शरीर की सभी समस्या जड़ से ख़त्म होने लगती है | क्युकि योगा करने से हमारा रक्त संचार सुचारू रूप से कार्य करने लगता है | जिससे हमारे लीवर को किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामान नही करना पडता है | आपको फैटी लीवर के उपचार के लिए रोजाना चन्द्रासन, भुजंग आसन, नटराज आसन, व ताड़ासन जैसे योग का प्रयोग करना चाहिए |

अगर आप भी फैटी लीवर की समस्या से परेसान है | तो आपको ऊपर दिए हुए सभी उपायों का प्रयोग नियमानुसार करना चाहिए | यदि अगर आप लीवर से जुडी आनी किसी समस्या के शिकार है | तो आप हमारे कमेन्ट बॉक्स में हमें जरुर बताये |

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