आँखों में दर्द के कारण व् उपचार – Eyes Pain In Hindi

रोग व इलाज

आँखों में दर्द का मतलब आँखों में होने बाली जलन, आँखे लाल हो जाना, आँखों में तेज दर्द और लगातार यह महसूस होना की आँखों में कुछ फसा हुआ है | कई बार आँखों में होने बाली यह समस्यायें किसी दूसरी वजहों से हो सकती है जैसे सरदर्द, साइनस, दांत का दर्द और माइग्रेन आदि | आमतौर पर वैसे तो मामूली आँख का दर्द अपने आप ठीक हो जाता है मगर कभी कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है |


आँखों में दर्द

आँखों का दर्द एक सामान्य सी समस्या होती है, आँखों में दर्द के कारण कई और समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती है जैसे आँखों में सूखापन, धुंधला दिखाई देना आदि | आँखों में होने बाला दर्द कई तरह का होता है जैसे जलन, आँख में कुछ फस जाने जैसा महसूस होना, बार बार आँखों का फडकना आदि | आँखों के दर्द की पहचान के लिए आँखों के दर्द के कारण और लक्षणों का ज्ञान होना बहुत ही जरुरी होता है जिससे इसे समय रहते पहचान कर उपचार लिया जा सके | तो आइये जानते है आँखों के दर्द के कारण और लक्षण…

इसका कारण

आँखों में और आँखों के आसपास दर्द कई समस्याओं के कारण के कारण हो सकता है | अगर आँखों का दर्द स्थायी रूप से या तेज हो जिसके कारण आपकी आँखों की रोशनी कम हो गयी है और कम दिखाई देने लगता है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए | आँखों के दर्द के लिए निम्न कारण जिम्मेदार हो सकते है…

  • लाल आँख या पलकों पर सूजन हो जाना
  • कंजकिटीविटी यानि गुलाबी आँख हो जाने से
  • कांटेक्ट लेंस से समस्या होने पर ( और पढ़े – कांटेक्ट लेंस क्या है ? )
  • आँखों में किसी चीज ( धूल, कंकड़ आदि ) का चला जाना
  • आँखों में संक्रमण और चोट से घाव हो जाना
  • आँखों में सर्जरी के बाद समस्या होना
  • कर्निया पर खरोंच लग जाने से
  • पलकों पर फुंसी हो जाने से
  • साइनस की समस्या हो जाने पर
  • माइग्रेन का दर्द होने से
  • ग्लूकोमा ( मोतियाबिंद ) होने से ( और पढ़े – ग्लूकोमा का उपचार )

 लक्षण

आँखों में दर्द की समस्या कारणों पर निर्भर करती है और प्रत्येक व्यक्ति में आँख के दर्द को सहन करने की सीमा अलग अलग होती है | जिसकी वजह से आँखों के दर्द में निम्न लक्षण दिखाई देते है…

  • आँख या इसके आसपास दर्द रहना
  • देखने की क्षमता कम हो जाना ( और पढ़े – आँखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय )
  • प्रकाश के प्रति संवेदना बढ़ जाना
  • दो दो चीजे दिखाई देना
  • प्रकाश बाली चीज के चारों तरफ वृत दिखाई देना
  • आँखों को घुमाने में दर्द होना
  • आँख दर्द के साथ तेज सरदर्द होना
  • माइग्रेन की समस्या होना
  • आँखों में खुजली होना
  • आँखों में खून के धब्बे दिखयी देना
  • आँखों से द्रव बहना

नेत्र दर्द के प्रकार

आँखों में दर्द मुख्यतः दो प्रकार का होता है

ओकुलर – आँख दर्द का यह प्रकार आँख के बहरी सतह पर होने बाला दर्द है | आँख का दर्द निम्न कारणों से हो सकता है….

  • आँख के आ जाने से
  • ब्लेफेराइटिस की समस्या से
  • गुहेरी की समस्या होने पर
  • आँखों का केमिकल के संपर्क में आने से
  • कार्निया में खरोंच आने से

ऑर्बिटल – आँख दर्द के इस प्रकार में आँख के अंदर पीछे की तरफ तेज दर्द महसूस होता है | आँख में इस प्रकार के दर्द के लिए निम्न कारण जिम्मेदार होते है…

  • ग्लूकोमा की समस्या होने से
  • आँख में चोट लगने से
  • ऑप्टिक न्यूराइटिस की समस्या होने पर
  • आईरिटिस की समस्या होने पर

आई का परीक्षण और जांच

आँख में दर्द का परीक्षण करने से पहले डॉक्टर आपसे दर्द से जुडी कुछ बाते जैसे दर्द कब से हो रहा है, किस कारण दर्द हो रहा है, दर्द के साथ क्या महसूस होता है क्या आप कांटेक्ट लेंस का प्रयोग करते है, आँख में कोई चोट या सर्जरी करवाई है क्या आदि | इन सब बातो के जबाब मिल जाने पर आपका शारीरक और आँखों का परीक्षण किया जाता है जिसके आधार पर आपका उपचार किया जाता है | तो आइये जानते हो आँख में दर्द होने पर होने बाले परीक्षण…

ऑप्थेल्मोस्कोप परीक्षण – आँखों के इस परीक्षण द्वारा आँखों के पीछे जांच की जाती है | इस परीक्षण में ऑप्टिक डिस्क और आँखों की रक्त वाहिकाओ की जांच की जाती है |

टोनोपेन परीक्षण – आँख के परीक्षण में टोनोपेन नामक उपकरण पर टोनोमीटर लागाकर आँखों में दबाब का परीक्षण किया जाता है |

स्लिट लैम्प परीक्षण – स्लिट लैम्प एक सूक्ष्मदर्शी होती है जिसकी मदद से आँख की सतह का परीक्षण किया जाता है की कार्निया पर घर्षण या अल्सर यानी की घाव तो नहीं है |

फ्लोरेसिन जांच – आँखों की जांच में आँखों में फ्लोरेसिन नाम का एक रंजक पदार्थ को डालकर कार्निया में होने बाले घर्षण, खरोंच, घाव आदि तकलीफों का पता लगाया जाता है |

दर्द निवारक परीक्षण – आँखों में दर्द निवारक दवा की एक बूँद को डालकर परीक्षण किया जाता है जिससे अगर दर्द आँख की सतह के उपर है तो ठीक हो जायेगा और अगर दर्द अन्दर हो तो इसका उपचार किया जाएगा |

इसका का इलाज

आँखों में कुछ फसा होना महसूस होने पर अपनी आँख को स्टेराइल सेलाइन सोलूशन से धो कर साफ़ कर लेना चाहिए | आँख में कुछ फसा होना महसूस होने पर इसे रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपकी आँख ख़राब भी हो सकती है | अगर आँख का दर्द हल्का है तो मेडिकल स्टोर से आई ड्रॉप्स को लेकर आँख के दर्द को दूर कर सकते है | आँख में दर्द होने पर उसका इलाज परीक्षण करके दर्द के कारण और तीव्रता के आधार पर किया जाता है | तो आइये जानते आँख दर्द में इलाज के उपाय…

आंख आ जाने की समस्या का इलाज

आँख आने की समस्या वैसे तो आमतौर पर एंटी-बैक्टीरियल आईड्रॉप्स द्वारा ठीक हो जाती है | अगर आँख आ जाने की समस्या एलर्जी की वजह से होती है तो आईड्रॉप्स, टेबलेट और पीने की दवाओं द्वारा इलाज किया जाता है |

कॉर्निया में खरोंच आ जाने पर इलाज

आँखों में कार्निया में खरोंच आ जाने पर यह समस्या कई बार अपने आप ठीक हो जाती है | इसके बाद भी अगर आराम नहीं मिलता है तो डॉक्टर द्वारा कुछ एंटी-बायोटिक मरहम और आई ड्रॉप्स के द्वारा इलाज किया जाता है |

आंख में केमिकल चले जाने पर इलाज

आँखों में केमिकल चले जाने पर अनेस्थेटिक आइड्रॉप्स की सहायता से इमरजेंसी में उपचार किया जाता है | आँख में केमिकल चले जाने पर आँख को बहुत सारे पानी से बार बार धोना चाहिए | इसके बाद नेत्र विशेषज्ञ से जांच करबलेना चाहिए तब डॉक्टर केमिकल की मात्रा के आधार पर आपका उपचार करता है |

ग्लूकोमा की समस्या होने पर इलाज

आँखों में ग्लूकोमा की समस्या होने पर आँखों में दबाब बढ़ जाता है जिसे दूर करने के लिए आईड्रॉप्स और टेबलेट का प्रयोग किया जाता है | अगर आपको इन दवाओं से आराम नहीं मिलता है तो फिर सर्जरी भी करनी पड़ती है |

कॉर्निया में संक्रमण होने पर इलाज

आँखों में कार्निया में संक्रमण होने पर डॉक्टर मरीज का इलाज एंटी-बैक्टीरियल आई ड्रॉप्स का प्रयोग करके करता है |

आइरिटिस की समस्या का इलाज

आँखों में आईरिटिस की समस्या होने डॉक्टर द्वारा मरीज का इलाज स्टेरॉयड, एंटी-बायोटिक और एंटी-वायरल ड्रॉप्स द्वारा किया जाता है |

ऑप्टिक न्यूराइटिस का इलाज

ऑप्टिक न्यूराइटिस की समस्या को कोर्टिकोस्टेरोयड दवाओ को प्रयोग करके ठीक किया जाता है |

आँख में गुहेरी का इलाज

आँख में बिलनी या गुहेरी की समस्या का इलाज घर पर ही आँखों को गर्म चीजो से सेंक करके ठीक किया जा सकता है |

आंख में चोट का इलाज

आँख में किसी भी चीज से चोट लग जाने पर इसका परिक्षण और इलाज नेत्र विशेषज्ञ से ही करवाना चाहिए | आँखों में छोटी से छोटी चोट लगने पर भी तुरंत इमरजेंसी वार्ड में जाकर आँखों का परीक्षण और इलाज करवाना चाहिए |

“आँखों में दर्द और जलन होने पर इसका उपचार करने का सबसे सही तरीका होता है की तुरंत डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिये” |

 

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HEALTH BLOGGER AND DIGITAL MARKETER AT SOFT PROMOTION TECHNOLOGIES PVT LTD

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