मधुमेह रोग या शुगर की जाँच, दवा व डॉक्टर

0
170
Diabetes LAB Test And Medicine In Hindi

मधुमेह रोग में शरीर में ग्लूकोज़ व शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है | हमारे शरीर में ग्लूकोज़ हमारे द्वारा किये गए भोजन से बनता है | जिसको इन्सुलिन नामक हॉर्मोन हमारे शरीर की कोशिकाओं में भेजता है | जिसके द्वारा हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है | यदि शरीर में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाये |

मधुमेह रोग या शुगर क्या है ?

तो शरीर को मधुमेह यानि शुगर की समस्या आने लगती है | यह तीन प्रकार का होता है, यह रोग किसी भी बैक्टीरिया या वायरस के द्वारा नही होता है | इस समस्या में व्यक्ति को बार बार पेशाब की परेशानी होने लगती है | यह परेशानी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है | इस समस्या के कारण व्यक्ति को

  • तेज प्यास व भूख लगना
  • एकाएक वजन बढ़ना |
  • तेजी से वजन का कम हो जाना |
  • घाव या चोट ठीक ना होना |
  • जल्दी थकान व दर्द होना |

आदि की समस्या शुरू हो जाती है | यदि सही समय पर इसका उपचार ना करवाने से शरीर को कई परेशानी का सामना करना पड़ता है | इसीलिए आज आपको हम इसके पूर्ण उपचार के बारे में बताने जा रहे है | दोस्तो आइये जानते है इन्सुलिन के महत्व के बारे में |

मधुमेह रोग में इन्सुलिन का महत्व

मधुमेह की समस्या शरीर में इन्सुलिन की कमी के कारण ही जन्म लेती है | आइये जानते है किस प्रकार इन्सुलिन हमारे शरीर में काम करता है |जब कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन का सेवन करते है, तो वह हमारे पेट में जाकर ऊर्जा में बदल जाता है | जिसको ग्लूकोज़ के नाम से जाना जाता है | अब इस ग्लूकोज़ को इन्सुलिन हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं के अन्दर पहुँचाती है | जिससे हमारे शरीर की कोशिका ग्लूकोज़ को जलाकर शरीर को ऊर्जा प्रदान कर सके | यह प्रक्रिया तभी संभव है जब अग्न्याशय से सही मात्रा में इंसुलिन उत्पन्न हो रहा हो |

इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन होता है | जो हमारे शरीर में जमा कार्बोहाइड्रेट और वसा को पचाने का कार्य करता है | यदि शरीर में इन्सुलिन की कमी हो जाये, तो ग्लूकोज़ हमारी कोशिकाओ में प्रवेश नही कर सकता है | ऐसा होने से हमारे शरीर की रक्त वाहिकाओं में ग्लूकोज़ जमा होने लगता है | जिससे व्यक्ति शुगर जैसी समस्या से ग्रस्त हो जाता है | दोस्तो आइये जानते मधुमेह रोग होने पर होने वाली जाँच के बारे में |

डायबिटीज की जाँच

इस बीमारी का पता लगाने के लिए कई प्रकार की जाँच की जाती है | जिससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर का पता लगाया जाता है | आइये जानते है, इसको विस्तार से |

ग्लाइकोहेमोग्लोबिन या हीमोग्लोबिन ए1सी टेस्ट

हीमोग्लोबिन ए1सी को ग्लाइकोहेमोग्लोबिन टेस्ट भी कहा जाता है | यह हमारे रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं में जमा ग्लूकोज की मात्रा का पता लगता है | अगर इस जाँच में क्त शर्करा का स्तर 6.5% या उससे अधिक पाई जाती है | तो मधुमेह होने की आशंका बहुत अधिक होती है | इस जाँच के द्वारा भी हम इस समस्या का पूर्ण इलाज भी करवा सकते है

दो प्रकार से की जाती है हीमोग्लोबिन ए1 सी जाँच

खाली पेट हीमोग्लोबिन ए1सी जाँच

हीमोग्लोबिन ए1सी जाँच आपको खाली पेट करवानी चाहिये | जिससे हमारे शरीर में मौजूदग्लूकोज क जानकारी मिल पाती है | अगर खाली पेट शरीर में रक्त शर्करा का स्तर 126 मिलीग्राम / डीएल है या इससे अधिक है | तो आपको डायबिटीज होने का खतरा अधिक होता है |

भोजन के बाद हीमोग्लोबिन ए1सी जाँच

हीमोग्लोबिन ए1सी क जाँच भोजन के दो घंटे बाद की जाती है, जिससे रक्त शर्करा के स्तर का पता लगाया जाता है | यह जाँच के द्वारा यह पता चलता है, मधुमेह से ग्रस्त व्यक्ति सही प्रकार से इंसुलिन की मात्रा ले रहा है या नही | अगर खाना खाने के बाद रक्त शर्करा का स्तर 200 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर या अधिक आता है | तो व्यक्ति को सही रूप से इन्सुलिन लेने की सलाह व दवा दी जाती है |

ग्लूकोज टिलरेंस टेस्ट

ग्लूकोज टिलरेंस टेस्ट को मौखिक ग्लूकोज सहिष्णुता टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है | यह टेस्ट गर्भावस्था के दौरान किया जाता है, इस टेस्ट में ग्लूकोज युक्त मीठा पेय पीने को दिया जाता है | जिससे शरीर में मधुमेह के स्तर का पता चलता है | गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त शर्करा के स्तर वाली महिलाओं में गर्भावस्था के बाद ग्लूकोज टिलरेंस टेस्ट किये जाते है |

किस प्रकार होता है ग्लूकोज टिलरेंस टेस्ट

ग्लूकोज टिलरेंस टेस्ट के लिए महिला को खली पेट ग्लूकोज युक्त मीठा पेय पीने को दिया जाता है | फिर टेस्ट करके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा का पता लगाया जाता है | यदि 100 मिलीग्राम / डीएल और 125 मिलीग्राम / डीएल के बीच है | तो महिला को मधुमेह का खतरा बहुत अधिक नही है | लेकिन 140 से 199 मिलीग्राम / डीएल होने पर या फिर हीमोग्लोबिन ए1सी 5.7% से 6.4% के बीच होने पर महिला को प्री-डायबिटीज का खतरा होता है |

जाने डायबिटीज की दवा के बारे में

डायबिटीज रोगियों के लिए कई प्रकार की दवा आती है | दोस्तो आज हम आपको मधुमेह रोग को कम व खत्म करने के लिये दी जाने वाली दवा के बारे में बताने जा रहे है, लेकिन ध्यान रहे की बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवा का सेवन ना करे | आइये जानते है, उन दवा के बारे में |

दवा पॉवर                  (MG)                           मूल्य
Actrapid –             100Mg                          1200
Adglim –                500 Mg                        40.0
Adizone –              15Mg                             17.0
Adride –                 1Mg                               23.0
Advog M –            500Mg                           71.0
Afdiex –                 2.5 Mg                           2.66
Agivog M –          500 Mg                           55.0
Alphavog M –     0.2 Mg                             54.0
Bioglide M –      40 Mg                               50.0
Claformin –        80 Mg                              96.0
Clamet –             60 Mg                               85.0

इसकी आयुर्वेदिक दवा

  • हिमालया केरल कैप्सूल
  • बैद्यनाथ सोमनाथ रास
  • बैद्यनाथ सारिवादि वटी
  • डाबर मधु रक्षक
  • पतंजलि बेल कैंडी
  • दिव्य मधुनाशिनी वटी
  • दिव्य ा मधुकलप वटी
  • हिमालय मेषांशृंगी
  • बैद्यनाथ Chandanadi Vati

मधुमेह रोग के डॉक्टर

शुगर रोग से ग्रस्त होने पर सबसे जरुरी होता है सही डॉक्टर का चुनाव करना | यदि आप किसी भी डॉक्टर द्वारा मधुमेह का इलाज करवाते है, तो इससे आपको कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है | इसीलिए आज आपको मधुमेह से जुड़े डॉक्टर के बारे में जानकारी देने जा रहे है |

एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस से जुड़े डॉक्टर – एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस से जुड़े डॉक्टर ही आपको सही सलाह व मधुमेह का पूर्ण इलाज कर सकते है | क्यूकि यह हॉर्मोन से जुडी बीमारी है | इसीलिए एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस से जुड़े डॉक्टर को ही अपनी समस्या के बारे में बताये |

और पढ़े – मधुमेह रोगयों के लिए आहार चार्ट – Diet Plan For Diabetes Patient In Hindi

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.