प्रलाप समस्या एवं समाधान – delirium Treatment In Hindi

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delirium Treatment In Hindi

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि धूम्रपान और शराब जानलेवा है, इसके बाद भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं। कई लोग होते हैं जो शराब को छोड़ ही नहीं पाते हैं और पूरी तरह से शराब के आदि हो जाते हैं और कई लोग ऐसे होते हैं जो शराब पीना छोड़ देते हैं पर ऐसा तो है नहीं कि शराब छोड़ देने से शराब भी व्यक्ति को छोड़ दे। कभी कभी ऐसा होता है की शराब छोड़ देने की वजह से व्यक्ति को कमज़ोरी महसूस होने  लगती है या फिर मानसिक रोग हो जाता है या फिर व्यक्तियोंका खून ज़हरीला हो जाता है। इसी तरह की बीमारी को प्रलाप कहते हैं। आज हम आपको प्रलाप के बारे में जानकारी देंगे।

जाने क्या है प्रलाप

प्रलाप एक मानसिक रोग है। जिसे डलिरियम भी कहते हैं। प्रलाप में व्यक्ति अपने आसपास के वातावरण की स्तिथि को समझ पाने में असक्षम होता है और अजीब तरह की मानसिक उलझन को महसूस करता है। इसकी शुरुआत अचानक से ही होती है। ये ज्यादातर कुछ घण्टे पहले या फिर कुछ दिनों पहले ही शुरू हुआ होता है।

प्रलाप तब होता है जब दिमाग की सिग्नल भेजने और प्राप्त करने की जो क्षमता होती है उसमें रुकावट पैदा हो जाती है। दिमाग में रुकावट पैदा होने के बहुत से कारण हो सकते हैं।

जैसा कि हमने बताया कि प्रलाप के बहुत से कारण हो सकते हैं तो उसके कारणों में कुछ चीज़ें जो शामिल हैं वो हैं दवाएं, गम्भीर चिकित्सीय समस्या, संक्रमण, सर्जरी या फिर ड्रग या शराब का सेवन करना।

प्रलाप के जो लक्षण होते हैं वो ज्यादातर मनोभ्रंश के लक्षणों की तरह ही होते हैं। इसीलिए अगर व्यक्ति को इसके लक्षण दिखाई देते हैं तो ज़रूरी है कि व्यक्ति डॉक्टर से मिले और इसकी जांच करवा लें।

जाने प्रलाप के कारणों के बारे में

जैसा कि हम शुरुआत में ही आप सबको बता चुके हैं कि प्रलाप का जो मुख्य कारण होता है वो है शराब। इसके अलावा भी कुछ कारण हैं जिनकी वजह से प्रलाप की समस्या हो जाती है और वो कारण निम्न हैं-

  • दर्द की दवाएं।
  • नींद की दवाएं।
  • एलर्जी की दवाएं।
  • अवसाद की दवाएं।
  • दमा की दवाएं।
  • ऐंठन की दवाएं।
  • पार्किंसन की दवाएं।

उपरोक्त दवाओं के सेवन से प्रलाप के होने की जो सम्भावना होती है वो बढ़ जाती है।

  • मनोभ्रंश।
  • बुढापा।
  • मामूली सा संक्रमण या फिर बुखार।
  • ड्रग या फिर शराब के सेवन।
  • पहले कभी प्रलाप की समस्या का होना।
  • सुनने या फिर बोलने में परेशानी का होना।
  • पानी की कमी होना या फिर असंतुलित पोषण।
  • क्रोनिक या फिर बीच बीच में किसी बीमारी का होना।
  • ड्रग्स की मदद से उपचार का होना।

जाने प्रलाप के लक्षण के बारे में

प्रलाप के जो लक्षण होते हैं वो कभी भी एक समान नहीं होते हैं। दिनभर में लक्षण बदलते रहते हैं। जिसकी वजह से लक्षण का पता लगा पाना बेहद मुश्किल होता है। फिर भी प्रलाप के जो मुख्य लक्षण हैं वो हैं-

  • व्यक्ति का किसी भी गतिविधि पर कोई भी जवाब नहीं देना।
  • व्यक्ति की एकाग्रता में कमी होना।
  • किसी भी विषय में ध्यान देने की जो क्षमता है उसमें कमी का होना।
  • किसी एक ही विषय पर अटक जाना और किसी भी प्रश्न का जवाब न दे पाना।
  • बेमतलब की चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करना।
  • बोलने में और पुराने शब्दों को याद करने में परेशानी होना।
  • याददास्त में कमी होना।
  • बड़बड़ाना या फिर उल्टा सीधा बोलना।
  • लिखने पढ़ने में परेशानी होना।
  • बातों को समझने में परेशानी होना।
  • नींद आने में परेशानी होना।
  • बेचैनी और गुस्सा आना।

जाने प्रलाप के परीक्षण के बारे में

प्रलाप के परीक्षण के लिए डॉक्टर मरीज़ से बात करेंगे और बातचीत में डॉक्टर मरीज़ से पूछेंगे की पहले कभी उसे इसकी समस्या तो नहीं थी। इसके बाद मरीज़ की मानसिक स्तिथि को जानने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करेंगे और प्रलाप सम्बंधित कुछ जांचें भी करेंगे। प्रलाप के परीक्षण में निम्न चीज़ें शामिल हैं-

  • शारीरिक परीक्षण- डॉक्टर मरीज़ का शारीरीक परीक्षण करते हैं जिसकी मदद से मरीज़ के संक्रमण, पानी की कमी, शराब छोड़ने के बाद उतपन्न होने वाली समस्याओं के बारे में पता करते हैं।
  • मानसिक परीक्षण- डॉक्टर के लिए सबसे ज़रूरी होता है कि वो मरीज़ की मानसिक स्तिथि को जांचे। डॉक्टर मरीज़ की जागरूकता, ध्यान देने और सुनने की क्षमता को परखने के लिए मानसिक परीक्षण करते हैं। ऐसी जांच के लिए डॉक्टर ऐसे टेस्ट्स का उपयोग करते हैं जिनकी वजह से व्यक्ति की मानसिक स्थिति, उलझन और याददाश्त को जांचा जा सके।

जाने प्रलाप के इलाज के बारे में

प्रलाप के इलाज में जो शामिल हैं वो निम्न हैं-

  • दवाइयां- ऐसी दवाओं को बिलकुल बंद कर दें जिसकी वजह से प्रलाप की होने की जो सम्भावनाएं होती हैं वो बढ़ती हैं।
  • व्यक्ति के आसपास हमेशा घर जैसा माहौल बना होना चाहिए।
  • देखने के लिए चश्मे और सुनने के लिए मशीन का प्रयोग करें।
  • मरीज को चलने फिरने को कहें।
  • मरीज़ को पूरी नींद लेने दें और आसपास के वातावरण को शांत रखें।

कैसे करे प्रलाप से बचाव

जिन वजहों से प्रलाप होता है जरूरी है कि उन वजहों को व्यक्ति खुद से दूर ही रखे। प्रलाप से बचने के लिए व्यक्ति निम्न चीज़ों को अपना सकता है-

  • मरीज को ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  • मरीज के आसपास शोर को कम करें।
  • मरीज़ को ऐसी चीज़ें दिखाएं जिन्हें वो पहले इस्तेमाल करते रहे हों।
  • मरीज़ को चलने फिरने और आराम करने को कहें।
  • दर्द को कम करने के लिए सही उपचार करें। ऐसी दवाएं न दें जिससे समस्या और बढ़ जाए।
  • व्यक्ति को पर्याप्त नींद लेने दें।

इसीलिए ज़रूरी है कि प्रलाप या फिर किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण नजर आने पर उसका फौरन इलाज कराएं।

आज हमने आप सबको एक गम्भीर बीमारी की पूरी जानकारी दी है इसीलिए इसको लाइक करें, शेयर करें और अंततः कमेंट करना न भूलें।

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