कांटेक्ट लेंस क्या है कीमत और प्रयोग का तरीका – Contact lenses uses in hindi

रोग व इलाज

कांटेक्ट लेंस यानी की आँखों के लेंस एक बहुत ही हल्का कॉस्मेटिक है जिसका प्रयोग आँखों के अन्दर कोर्निया के ऊपर पहना जाता है | जैसे चश्मे को दूर द्रष्टि और निकट द्रष्टि दोष को दूर करने के लिए किया जाता है उसी प्रकार लेंस को प्रयोग किया जाता है | लेंस को पहनना बहुत ही लाभदायक होता है चश्मे की अपेक्षा लेंस से ज्यादा साफ़ दिखता है और यह अधिक व्यहारिक होता है|


बहुत से लोग लेंस पहनना पसंद करते है क्योकि इसे पहने के बाद खेल खेलते समय चश्मे की तरह इसके गिरने का डर नहीं होता है | आइये विस्तार से जानते है की कांटेक्ट लेंस क्या है, कांटेक्ट लेंस कितने प्रकार के होते है, इसे किस तरह प्रयोग किया जाता है, और लेंस लगाने से होने वाले लाभ क्या है |

कांटेक्ट लेंस क्या है ?

आँखों के अन्दर कोर्निया के ऊपर पहने जाने बाले कांटेक्ट लेंस कटोरी जैसे बहुत ही पतले और पारदर्शी होते है | इनका रंग हल्का सा रंगीन होता है जिससे इन्हें प्रयोग करने बाले को इन्हें संभाल कर रखने में परेशानी नहीं होती है | आज के समय में प्रमुखता दो प्रकार के लेंस को ही प्रयोग किया जाता है मुलायम और कठोर मगर अधिकांश लोग मुलायम लेंस का ही प्रयोग करते है |

कांटेक्ट लेंस ने आँखों के इलाज में एक अहम् योगदान दिया है किन्तु इनका इतिहास बहुत ही पुराना है | कहा जाता है की प्रसिद्ध विद्वान लियोनार्डो देवेंची और रेने देकार्त ने पहली बार कांटेक्ट लेंस की जानकारी दी थी | कांटेक्ट लेंस की असली शुरुआत 19वीं शताव्दी मे जर्मन में कांच का काम करने वाले एक व्यक्ति को माना जाता है | एक दुसरे जर्मन वैज्ञानिक ने पहला कांटेक्ट लेंस बनाया था परन्तु इसे सिर्फ कुछ समय तक ही पहना जा सकता था |

आँखों को आराम और साफ़ द्रष्टि के साथ साथ कॉस्मेटिक और नयापन दिखाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है | रंगीन कांटेक्ट लेंस आपकी आँखों के रंग को बदल देते है जिससे इसे एक अच्छा कॉस्मेटिक माना जाता है |

कांटेक्ट लेंस कितने प्रकार का होता है ?

कांटेक्ट लेंस को मुख्यता तीन भागो में बाटा जाता है जो निम्न है –

  • नर्म या मुलायम – आज के समय में सबसे ज्यादा मुलायम लेंस का ही प्रयोग किया जात है | ये आधुनिक तकनिकी का प्रयोग करके बनाये जाते है | जिससे ये अधिक आराम दायक, लचीले और लम्बे समय तक प्रयोग किये जा सकते है | इनका प्रयोग बहुत ही आरामदायक होता है |
  • गैस परमेयबल लेंस – गैस परमेयबल लेंस को कठोर लेंस के नाम से भी जाना जाता है | इन लेंस में पानी नहीं पाया जाता है मगर फिर भी यह बहुत ही आरामदायक होते है | सॉफ्ट लेंस की अपेक्षा इन्हें लम्बे समय तक पहना जा सकता है क्युकी इन्हें लम्बे समय तक प्रयोग किया जा सकता है |
  • रंगीन लेंस – जब लेंस का प्रयोग सिर्फ फैशन के लिए किया जाता है तो सिर्फ रंगीन कांटेक्ट लेंस का ही प्रयोग किया जाता है | रंगीन लेंस को सॉफ्ट लेंस भी कहा जाता है | इन्हें रोज और महीने में बदला जाता है | ये लेंस आपकी आँखों का रंग पूरी तरह से बदल देते है |

कांटेक्ट लेंस प्रयोग करने का तरीका व सावधानी 

कांटेक्ट लेंस को लगाने और हटाने के लिए अलग अलग तरीके होते है तो आइये जानते है कांटेक्ट लेंस को कैसे लगाये और कैसे हटाये

लगाने का सही तरीका – कांटेक्ट लेंस को लगाने के लिए सबसे पहले अपने हाथो को साबुन से धो कर साफ़ करकर तौलिये से पौंछ कर साफ़ करले | फिर लेंस को साफ़ करने के लिए उसे सोल्यूशन से धो कर साफ़ कर ले अगर नए लेंस का प्रयोग कर रहे है तो भी इसे सोल्यूशन से साफ़ कर ले | लेंस आपस में मिक्स ना हो जाए इस लिए अपने सीध हाथ की ऊँगली से सीधी आँख में ही लेंस पहने | लेंस पहनते समय दुसरे हाथ से आँख को पकड़कर रखे जिससे आँख खुली रहे | अब धीरे धीरे अपने हाथ को पलकों से हटा कर आँखों को बंद कर ले और फिर आँख को आराम से झपकाये जिससे लेंस अपनी जगह पर फिक्स हो जाये |

हटाने का तरीका – कांटेक्ट लेंस को हटाने से पहले भी अपने हाथो को साबुन से धो कर तौलिये से अच्छे से साफ़ कर ले | और फिर अपनी आँखों को ऊपर की ओर करके अपनी ऊँगली से लेंस के निचले हिस्से से छुए और आँख की पुतली के नीचे सफ़ेद भाग में खिसकाएँ | उसके बाद अंगूठे और ऊँगली से पकड़कर लेंस को बहार निकाल ले यही प्रक्रिया दुसरे लेंस को निकालते समय करें |

 प्रयोग करने के फायदे  

कांटेक्ट लेंस को आँखों में समस्या होने पर प्रयोग करने के साथ साथ एक अच्छे लुक के लिए भी लेंस का प्रयोग किया जाता है | इन सबके साथ ही लेंस लगाने के कुछ और फायदे भी होते है तो आइये जानते है बो फायदे –

  • कम प्रकाश होने पर भी लेंस की मदद से साफ़ देखा जा सकता है
  • आँखों के अन्दर होने से किसी भी मौसम में लेंस के द्वारा साफ़ देखने में मदद मिलती है |
  • जब आप किसी गर्म जगह पर जाते है तो चश्मे की तरह इस पर भाप नहीं बनती है |
  • लेंस वजन में हल्के और पहनने में आरामदायक होते है |
  • खेल खेलते समय लेंस के गिरने का डर नहीं होता है |
  • लेंस का प्रयोग करने पर ना तो नाक पर निशान पड़ते है और ना ही कान पर रगड पड़ती है |
  • चश्मे की तरह लेंस को रखकर खो जाने का डर नहीं होता है |
  • ये आँखों के फैशन को चश्मे की तरह नहीं छुपाते है |

 प्रयोग करने के नुकसान

ऑक्सीजन स्वस्थ आँखों के लिए बहुत जरुरी है मगर कांटेक्ट लेंस को लम्बे समय तक पहने रहने के कारण हमारी आँखों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है | जिसकी वजह से हमारी आँखों में और भी कई समस्यायें हो सकती है जो निम्न है –

  • आँखों में दर्द होने लग जाना
  • धुंधला दिखाई देने लगना
  • आँखों में लालपन छा जाना
  • आंसू आना शुरू हो जाना
  • आँखों के आसपास सुजन हो जाना
  • आँखों में अल्सर हो जाना

 कीमत

बाजार में कई कंपनी और ब्रांड्स के कांटेक्ट लेंस मिलते है और इनकी कीमत इनके क्वालिटी पर निर्भर करती है | इनकी कीमत 250 रुपए से शुरू होकर 30000 रुपए तक होती है | अपने डॉक्टर से परामर्श करकर और अपने बजट के हिसाब से ही कांटेक्ट लेंस ख़रीदे |

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