जाने दीर्घकालिक बीमारियों के बारे में – Chronic Disease In Hindi

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दीर्घकालिक व पुरानी बीमारियों

दीर्घकालिक बीमारी ऐसी बीमारी है | जो हमारे शरीर में लंबे समय तक बनी रहती है | दीर्घकालिक बीमारी विकलांग लोगों के स्वास्थ्य में अत्यधिक बाधा डाल सकती है | क्योंकि इससे अतिरिक्त गतिविधि सीमाएं पैदा हो सकती हैं | दीर्घकालिक की बीमारियाँ अक्सर लगता है की वह पूरी तरह खत्म हो चुकी है | क्यूकि शरीर पर इनके लक्षण दिखाना भी बंद हो जाते है | इसीलिए हमें ऐसा महसूस होता है | लेकिन इस प्रकार की बीमारी कभी भी हमारे शरीर को अपनी चपेट में ले सकती है | जिससे आपका स्वास्थ खराब हो सकता है | इसीलिए आपको हम दीर्घकालिक बीमारी या पुरानी  बीमारी के बारे में जानकारी देने जा रहे है | तो आइये जानते है | इसको विस्तार से |

दीर्घकालिक बीमारी या पुरानी बीमारी कौन सी है ?

वैसे तो कई ईएसआई बीमारियाँ है | जो हमारे शरीर को कभी भी अपनी चपेट में ले लेती है | और जिनका उपचार भी बहुत कठिन व लम्बे समय तक चलता है | तो आइये जानते है | इन बीमारियों के बारे में

टीबी होती है

अगर आपको टीबी जैसी समस्या का सामना कर चुके है | तो यह समस्या आपको दोबारा कभी भी अपनी चपेट में ले सकती है | क्यूकि टीबी एक संक्रामक बीमारी होती है | जो माइक्रोबैक्टीरिया की वजह से आपके शरीर में जन्म लेती है | यह बीमारी हमारे फेफड़ों को अत्यधिक नुकसान पहुचाती है | अगर इस बीमारी का सही उपचार ना कराया जाये | तो कभी भी हमें इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है | इसीलिए टीबी को भी पुरानी बीमारी के साथ रखा गया है |

मधुमेह या शुगर भी होती है

मधुमेह की समस्या केवल शरीर में इन्सुलित की कमी के कारण होती है | जिससे हमारे शरीर में बार बार पेशाब का आना, अधिक प्यास का लगना या फिर अधिक भूख का लगना आदि की समस्या का सामना करना पड़ता है | शुगर की समस्या व्यक्ति को पूरे जीवन भर परेशान करती है | अगर मधुमेह का उपचार सही समय पर नही कराया जाये | तो इससे नॉनकेटोटिक हाइपरोस्मोलर कोमा व मौत भी हो सकती है | इस समस्या को कम किया जा सकता है | या फिर सही खानपान व उपचार के साथ इसको पूरी तरह खत्म भी किया जा सकता है |

कैंसर भी आता है

कैंसर को दीर्घकालिक बीमारी इस लिए कहा जाता है | क्यूकि कई बार इसके पूर्ण उपचार के बाद भी यह व्यक्ति के शरीर में दोबारा जन्म ले लेता है | जिससे व्यक्ति को की प्रकार की समस्या व अपनी जीवन से हांथ भी धोना पड़ सकता है | कैंसर की समस्या की शुरुआत हमारे गलत खानपान व आदतों की वजह से होती है | कैंसर कई प्रकार का होता है | कई कैंसर का इलाज संभव है लेकिन कुछ कैंसर ऐसे होते है | जिनका इलाज आज तक संभव नही हो पाया है | इसीलिए इसके उपचार के बाद भी हमें अपने शरीर की नियमित जाँच करवाते रहना चाहिये |अब आइये जानते है |

 जुड़े आपके सवाल

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी में डीएनए नार्मल होने पर हेपेटाइटिस बी में कमी आती है क्या ?

बिलकुल यदि आपका डीएनए नार्मल हो रहा है | तो हेपेटाइटिस बी की समस्या धीरे धीरे बिलकुल खत्म होने लगती है |

क्रोनिक PID की समस्या होने पर कौन सी मेडिसन का सेवन करे ?

क्रोनिक PID की समस्या होने पर कई मेडिसन का सेवन कर सकते है जैसे

  • ofloxacin
  • metronidazole
  • ceftriaxone
  • doxycycline
  • moxifloxacin

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी में मेरा ब्लड रिपोर्ट नार्मल है ? क्या मे पूरी तरह ठीक हो सकता हूँ ?

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी में यदि आपका ब्लड रिपोर्ट बिलकुल नार्मल है | तो आपको सही दिनचर्या व संतुलित भोजन का सेवन करने से आपकी क्रोनिक हेपेटाइटिस बी की समस्या को जड़ से खत्म कर सकते है |

क्रोनिक हेपेटाइटिस बी में लीवर कोई खतरा रहता है क्या ?

यदि आपका ब्लड रिपोर्ट नार्मल है | तो आपकी हेपेटाइटिस बी की समस्या धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी | लेकिन आपको इसके लिए सही भोजन व डॉक्टर की सलाह की जरूरत रहेगी |

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