चिकनगुनिया के लक्षण – Chikungunya Ke Lakshan

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चिकनगुनिया के लक्षण : चिकनगुनिया (Chikungunya) मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है यह एक वायरल (Viral ) बुखार है जिसमें मरीज के जोड़ो में तेज दर्द (Dard) होता है | यह वायरस (Virus) मरीज के शरीर में ठीक उसी तरह हमला करता है जिस प्रकार डेंगू (Dengue) के विषाणु मरीज के शरीर में अपना असर छोड़ते है चिकनगुनिया (Chikungunya) फ़ैलाने वाला यह मच्छर जब किसी संक्रमित बंदर या व्यक्ति को काटता है तो उसकी लार में यह वायरस (Virus) फ़ैल जाता है फिर यह सग्राहक मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो वह व्यक्ति भी इस रोग का शिकार बन जाता है |

चिकनगुनिया के लक्षण-  (Chikungunya Ke Lakshan)

मच्छर काटने के 2 से 7 दिनों के बाद चिकनगुनिया (Chikungunya) के लक्षण (Lakshan) नजर आते है, चिकनगुनिया (Chikungunya) के लक्षण (Lakshan) इस प्रकार है –

  • ठण्ड लगकर तेज बुखार आना |
  • सिरदर्द (Sirdard) होना |
  • मासपेशियों में दर्द (Dard) होना |
  • जोड़ो में तेज दर्द (Dard) का होना |
  • जी का मचलना |
  • भूख का कम लगना |
  • कमजोरी आना |
  • प्रकाश सहन न होना |
  • शरीर पर चकते निकलना |

ज्यादातर मरीजो में शरीर में दर्द (Dard) और जोड़ो में सुजन, दर्द (Dard) की तकलीफ 7 से 10 दिनों तक बनी रहती है, वृद्ध आयु के मरीजो में यह लक्षण (Lakshan) महीने भर तक रह सकते है |

चिकनगुनिया का उपचार- (Chikungunya Treatment )

  • अगर इन लक्षणों में कोई लक्षण (Lakshan) दिखाई दे तो तुरंत डाकटर के पास जाये हालांकि चिकनगुनिया (Chikungunya) के लिये कोई बैक्सीन या टिका उपलब्ध नही है लेकिन दवाओ के जरिये इसके लक्षणों को खत्म किया जा सकता है |
  • आर.टी.पी.सी.आर टेस्ट, वायरस (Virus) आएसोलेसन टेस्ट और सीरोलाजिकल डाइगोनोसिस टेस्ट के जरिये पता किया जाता है |
  • साथ ही मरीज को अस्प्रिन (Aspirin) या डिसपिन (Disprin) की गीली सावधानीपूर्वक लेनी चाहिये |
  • जितना हो सके तरल पदार्थ ले |

चिकनगुनिया के घरेलु  उपाय-  (Home Remedies for Chikungunya)

जैसा की आप जानते है की चिकनगुनिया (Chikungunya) मच्छरों द्वारा फेलने वाला रोग है तो हमे इसमें रोगथाम भी मच्छरों से ही करना चाहिये |

  • बारिश के मौसम में यह बीमारी (Bimari) तेजी से पनपती है क्योकि बारिश के जमे हुये पानी में मच्छर तेजी से पैदा होते है इसलिये लापरवाही न बरते अपने घर के आस – पास जैसे छत , पार्को में पानी न जमा होने दे |
  • कूड़ेदान में ज्यादा दिनो तक कूड़ा जमा न होने दे कूड़ेदान को हमेशा ढक कर रखे |
  • बाल्टी, घडो, कूलरो में और स्वीमिंग पुल में रोजाना पानी साफ करे |
  • खुद डॉक्टरन बने अगर दिक्कत ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टरके पास जाये |
  • इस मौसम में सावधानी के तौर पर घर की खिड़कीयो को हमेशा बंद रखे |

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