Brahmi Benefits

ब्राह्मी क्या है और इसके सेवन से होने बाले फायदे – Brahmi Benefits

जड़ी बूटी

आयुर्वेद में कई ऐसी औषधि पाई जाती है जिनसे कोई भी बड़ी से बड़ी बीमारी को आसानी से ठीक किया जा सकता है ऐसी ही एक औषधि होती है ब्राह्मी | ब्राह्मी लगभग पूरे भारत देश  में पायी जाने वाली जडीबुटी है यह ज्यादातर पानी के किनारे गीली मिटटी में पाई जाने बाली औषधि है | इसमें सफ़ेद या फिर पर्पल रंग के फूल खिलते  है और हर फूल  मे लगभग 4 या 5 पंखुड़ियां पायी जाती है | इस औषधि के प्रत्येक भाग जैसे  पत्ती लकड़ी  और फूल को अलग अलग बिमारियों में प्रयोग किया जाता है |


ब्राह्मी को आयुर्वेद चिकित्सा की सबसे बड़ी  खोज माना जाता है यह कई तरह  की बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद साबित होती है | ब्राह्मी दवा तनाव से छुटकारा, कैंसर को रोकने, यौन संबंध को सुधारने, शरीर से विषैले पदार्थो को बहार निकालने में, श्वास से जुडी समस्याओं को दूर करने में, मानसिक परेशानियों को दूर करने में, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने के अलवा शारीर मे सूजन को खत्म या कम करने में लाभकारी होती है | इसके साथ ही ब्राह्मी मानव शरीर से जुडी और भी कई बिमारियों और परेशानियों के लिए लाभकारी और फायदेमंद होती है तो आइये जानते है ब्राह्मी और उससे जुड़े कुछ और फायदे –

ब्राह्मी क्या है ?

ब्राह्मी जिसका वैज्ञानिक नाम बाकोपा मोननियरी होता है मगर इसे वाटर हाइसोप और हर्ब ऑफ़ ग्रेस के नाम से भी जाना जाता है | आज के भागदौड़ के समय में लगभग पूरी दुनिया में आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने के लिए इस जड़ी बूटी का प्रयोग किया जाता है | ब्राह्मी में एल्कोलाइड और ट्राईटरपेन जैसे तत्व होते है जो शरीर को मजबूत बनाने का काम करते है | वैसे तो ब्राह्मी को सामान्यतः सलाद के रूप में ही प्रयोग किया जाता है लेकिन कई बार इसे सूखी जड़ी बूटी और पाउडर के रूप में दूसरी औषधियों के साथ मिलाकर भी प्रयोग किया जाता है |

यह पौधा कैसा होता है ?

ब्राह्मी जिसका वैज्ञानिक नाम बाकोपा मोननियरी होता है और यह पानी के किनारे गीली मिटटी में पाया जाता है | भारत में यह पौधा आसानी से मिल जाता है क्योंकि भारत को ही इसकी उपज भूमि मानी जाती है | ब्राह्मी के पूरे पौधे को प्रयोग किया जाता है इसका तना और पत्तियां दोनों ही मुलायम और गूदेदार होती है | इसमें सफ़ेद और पर्पल रंग के फूल पाए जाते है जिनका उपयोग विभिन्न प्रकार की बिमारियों के लिए विभिन्न प्रकार से किया जाता है | तो आइये जानते है ब्राह्मी के रोगों  से जुड़े कुछ लाभकारी फायदे –

पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है 

ब्राह्मी में अच्छी मात्रा में एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते है जो पेट से जुडी बिमारियों को दूर करने के लिए फायदेमंद होते है | ब्राह्मी को सुखदायक जड़ी बूटी माना जाता है यह पेट की गर्मी को शांत करने में बहुत ही लाभदायक होता है | अगर आप पाचन से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या से परेशान है तो तुरंत ब्राह्मी का नियमित प्रयोग करना शुरू करदे जल्द फायदा मिलेगा |

मधुमेह को नियंत्रित करता है

एक रिसर्च से पता चला है की ब्राह्मी में रक्त में शर्करा की कमी को पूरे करने बाले तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते है | ब्राह्मी हाइपोग्लाइसेमिया को बेहतर बनाने में भी मदद करता है और आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है | अगर आपके शरीर में शुगर का स्तर कम है तो आप ब्राह्मी का प्रयोग करकर इसे पूरा कर सकते है | लेकिन इसका प्रयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना बहुत ही जरुरी होता है |

ब्राह्मी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है

अगर आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है और आप अक्सर बीमार रहते है तो ब्राह्मी आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होता है | ब्राह्मी में अच्छी मात्रा में एंटी-ओक्सिडेंट पाए जाते है जो जीवाणु और संक्रमण से होने बाली बीमारियों से शरीर को लड़ने में मदद करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है | रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आप ब्राह्मी को चाय के रूप में सेवन करना लाभकारी होता है |

श्वास से जुडी बिमारियों से बचाती है

श्वशन से जुडी समस्याओं को दूर करने के लिए ब्राह्मी को चाय या चबाकर खाना बहुत ही फायदेमंद होता है | ब्राह्मी ब्रोंकाइटिस, congestion, छाती का दर्द जैसी समस्याओं को दूर करने में बहुत ही लाभकारी होता है | ब्राह्मी श्वसन नाली में होने बाली सूजन को भी कम करने और जमा कफ को दूर करने में मदद करता है |

ब्राह्मी मिर्गी को ठीक करता है

ब्राह्मी को वाचा के साथ मिलाकर प्रयोग करने से यह न्यूरोलॉजिकल परेशानी यानी की मिर्गी को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है | ब्राह्मी में पाया जाने बाला रसायन बाइकोसाइड्स ए और बी मस्तिष्क कोशिकाओ के बीच में न्यूरो-ट्रांसमिशन में सुधर लाने का काम करता है और न्यूरॉन में होने बाली क्षति को दूर करने में मदद करता है | जिसकी बजह से ब्राह्मी मिर्गी कि समस्या में बहुत ही लाभकारी होता है |

 याददास्त को तेज़ करता है

हमारी याददास्त यानी की किसी चीज़ को याद रखने की क्षमता का सीधा सम्बन्ध हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से सम्बंधित होता है | ब्राह्मी का नियमित सेवन करने से यह दिमाग यानी मस्तिष्क के हिप्पोकैंपस हिस्से पर प्रभाव डालता है जो याददास्त और चतुराई से सम्बंधित होता है | जिससे यह याददास्त को तेज़ करने में लाभकारी होता है |

इसका तेल बालो को झड़ने से रोकता है

अगर आप झड़ते हुए बालो की समस्या से परेशान है तो ब्राह्मी का तेल आपके लिए बहुत ही लाभकारी होता है | ब्राह्मी के तेल को बालो की जडो तक मालिश करने से यह बालो की जडो को मजबूत बनाता है, रूसी और बालो में खुजली की समस्या को दूर करने में फायदेमंद होता है |

त्वचा को स्वस्थ बनाता है 

ब्राह्मी में अच्छी मात्रा में एंटी-ओक्सिडेंट पाए जाते है जिससे यह शरीर से विषैले पदार्थो को दूर करने में मदद करता है | जिसकी वजह से यह त्वचा की उपरी परत में होने वाली समस्याओं को दूर करने में लाभदायक होता है | जिससे ब्राह्मी त्वचा को स्वस्थ बनाता है और त्वचा में चमक और ग्लो को बढाता है | ब्राह्मी त्वचा में मर चुकी कोशिकाओ को जिन्दा करने में मदद करता है | जिससे यह सोरायसिस और एक्जीमा, फोड़ा आदि में ब्राह्मी लाभदायक होता है |

 इसकी तासीर और खाने का तरीका

ब्राह्मी एक सुखदायक जड़ी बूटी होती है और शरीर को ठंडक पहुचाती है जिससे इसकी तासीर ठंडी होती है | ब्राह्मी को दिन में 3 बार सुबह दोपहर और रात को खाना खाने के बाद ही प्रयोग किया जाए तो लाभदायक होता है |

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MANVENDRA
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