बोन फ्रैक्चर या हड्डी टूटने के कारण लक्षण व बचाव – Bones Fractured In Hindi

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Bones Fractured In Hindi

बोन फ्रैक्चर या हड्डी टूटने की परेशानी की समस्या को बोन फ्रैक्चर भी कहा जाता है | जिससे कारण हमारे शरीर को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | यह भी एक प्रकार की मेडिकल स्थिति होती है | बोन फ्रैक्चर कई प्रकार के होते है | यह समस्या व्यक्ति के शरीर की कमजोरी को भी वयक्त करती है | कमजोर हड्डियों की वजह से व्यक्ति को ऑस्टियोपोरोसिस यानि कैंसर की समस्या हो सकती है | बार बार हड्डी में दरार, कट या टूटने की समस्या को भंगुर हड्डी रोग के नाम से जाना जाता है | अब आइये जानते है बोन फ्रैक्चर या हड्डी टूटने के प्रकार के बारे में

जाने बोन फ्रैक्चर के प्रकार के बारे में

बोन फ्रैक्चर कई प्रकार का होता है तो आइये जानते है |

नार्मल फ्रैक्चर – नार्मल फ्रैक्चर जैसी समस्या का सामना व्यक्ति को जब करना पड़ता है | जब व्यक्ति की हड्डी दो टुकडो में विभाजित हो जाती है |

कंपाउंड फ्रैक्चर – कंपाउंड फ्रैक्चर की समस्या में हड्डी का भाग व्यक्ति की त्वचा से बहार निकल आ जाने के कारण आती है |

बंद फ्रैक्चर की समस्या – बंद फ्रैक्चर जैसी परेशानी में हड्डी टूट जाने पर भी उस जगह पर कोई बदलाव नही आता है |

संपीड़न फ्रैक्चर – संपीड़न फ्रैक्चर के कारण व्यक्ति की हड्डी पूरी तरह से खत्म हो जाती है |

स्पायरल फ्रैक्चर – स्पायरल फ्रैक्चर की समस्या तब आती है | जब व्यक्ति की हड्डी किसी मशीन व वस्तु के सम्पर्क में आकर घूम जाती है |

ग्रीनस्टिक फ्रैक्चर – ग्रीनस्टिक फ्रैक्चर की समस्या अधिकतर बच्चों में देखी जाती है | ग्रीनस्टिक फ्रैक्चर के कारण बच्चों की हड्डी मुड जाती है |

कॉमिन्यूटेड फ्रैक्चर – कॉमिन्यूटेड फ्रैक्चर के कारण व्यक्ति की हड्डी कई भागों में विभाजित हो जाती है |

एवल्शन फ्रैक्चर – एवल्शन फ्रैक्चर की वजह से हड्डी से जुड़े टेंडन्स और लिगामेंट्स हड्डी से अलग हो जाते है |

इंपेक्टेड फ्रैक्चर – इंपेक्टेड फ्रैक्चर की समस्या किसी भी अंग पर अधिक दवाव के कारण उत्पन्न होती है |

तनाव फ्रैक्चर – तनाव फ्रैक्चर की समस्या तब आती है | जब कोई व्यक्ति अपने शरीर की किसी हड्डी का प्रयोग अधिक बार करता है |

हड्डी टूटना या बोन फ्रैक्चर के कारण

हड्डी टूटना या बोन फ्रैक्चर की समस्या कई कारणों की वजह से शरीर को परेशान कर सकती है | जैसे

  • किसी चोट की वजह से |
  • गलत तरीके से खेलने की वजह से जैसे दौड़ना कूदना आदि |
  • ऊंचाई से गिरने के कारण |
  • गलत तरीके से चलने की वजह से |
  • फर्श व बर्फ व फिसलने की वजह से |
  • किसी दुर्घटना के कारण |
  • अंग पर अधिक दवाव पड़ने की वजह से |

हड्डी टूटना या बोन फ्रैक्चर के लक्षण क्या है ?

अगर किसी व्यक्ति के अंग में गंभीर चोट लगी है | तो हड्डी टूटना या बोन फ्रैक्चर के संकेत बहुत आसनी से पता कर सकते है | जब भी किसी व्यक्ति ही हड्डी में फ्रैक्चर की समस्या होती है | अब उस जगह पर तुरंत सुजन व तेज दर्द की अनुभूति होती है | जब भी हड्डी में इस प्रकार की कोई समस्या आती है | तब व्यक्ति के उस अंग से तेज ध्वनि आती है | हड्डी टूटने पर उस जगह की त्वचा नीली व नीली पड़ जाती है | व कभी कभी उस अंग से रक्त का बहाव भी हो सकता है | हड्डी टूटने पर व्यक्ति का वह अंग काम नही कर पाता है | इस प्रकार की समस्या होने पर कभी भी उस अंग को हिलाने की कोशिश ना करे | उस जगह को किसी पट्टी से बांध दे | जिससे वह अंग हिलडुल ना सके |

हड्डी टूटने या बोन फ्रैक्चर से बचने के लिए अपनाये इन उपायों को

बोन फ्रैक्चर की समस्या से बचने के लिए व्यक्ति को कई प्रकार का बचाव करना चाहिये | जैसे

धूप का सहारा ले हड्डियों की मजबूती के लिए

अधिक धुप व्यक्ति के शरीर को प्रभावित कर सकती है | लेकिन शरीर पर धुप ना पड़ने की वजह से हमारे शरीर को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | क्यूकि धुप हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है | सूर्य की किरणों से निकालने वाला विटामिन डी हमारी हड्डियों के लिए बहुत लाभकारी होता है |

कैल्शियम युक्त भोजन का सेवन करे

कैल्शियम युक्त भोजन हमारी हड्डियों को पोषण प्रदान करते है | जिससे हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान होती है | इस लिये हम सब को नियमित रूप से अपने भोजन में अंडे और तेलयुक्त मछली का सेवन करना चाहिये | जिससे हमारी हड्डियों को मजबूती मिल सके |

सही पोषण भी मजबूत बनाता है हड्डियों को

हम सभी को अपने शरीर के साथ साथ अपनी हड्डियों की भी देखभाल करनी चाहिये | जिससे हमारा शरीर पूरी तरह स्वस्थ बन सके | शरीर के साथ साथ हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए हमें नियमित स्वस्थ भोजन का सेवन करना चाहिये | जैसे आपको अपने नियमित के भोजन में हरी सब्जी के साथ साथ दूध से बनी सभी चीजों का सेवन करना चाहिये | जिससे हमारी हड्डियों को मजबूती मिल सके |

शारीरिक गतिविधि पर अधिक ध्यान दे

यदि आप अपने रोजाना के जीवन में अधिक वयायाम करते है | तो इससे हमारी हड्डियों को मजबूती मिलती है | यदि आप अधिक वयायाम व कसरत करते है | तो इससे आपकी हड्डियों की कमजोरी खत्म होने लगती है | और आपकी हड्डियों को मजबूती मिलती है | इसीलिए आपको खानपान के साथ साथ वयायाम पर भी ध्यान देना चाहिये | यदि आप मेडिटेशन करते है | तो इससे भी हमारी हड्डियों पर अच्छा असर पड़ता है |

हड्डी टूटने या बोन फ्रैक्चर से होने वाली परेशानी

  • गलत जगह पर जुड़ने की समस्या |
  • हड्डी के विकाश में परेशानी आना |
  • हड्डी के साथ अस्थि मज्जा में संक्रमण का खतरा |
  • एवास्क्यूलर नेक्रोसिस की समस्या का आना |

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