खून का थक्का जमने का विकार – Blood Clotting Disorders In Hindi

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Blood Clotting Disorders In Hindi

मनुष्य के शरीर में करीब पाँच लीटर खून हमेशा रहता है। मनुष्य में खून ही सबसे आसानी से प्रत्यारोपित किया जा सकता है। खून एक शारीरिक तरल होता है जो रक्त वाहिनियों के अंदर अलगअलग अंगों में लगातार बहता रहता है। खून का जो काम होता है वो होता है ऊतकों को ऑक्सीजन पहुंचाना, मनुष्य के शरीर के पीएच को नियंत्रित रखना, मनुष्य के शरीर के ताप को नियंत्रित करना आदि।

अब हम आपको बता दें कि जब किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो उसके शरीर से रक्त बाहर आता है और उसी बहाव को रोकने के लिए व्यक्ति का जो शरीर है वो खून के थक्के बनाने लगता है।

आज हम उन्हीं खून के थक्कों के बारे में आप सबको बताएंगे।

खून का थक्का जमना क्या होता है?

खून के थक्के कोब्लड क्लोटिंगके नाम से भी जाना जाता है। व्यक्ति के शरीर में खून का थक्का बनने और घुलने की जो प्रक्रिया होती है वो बिना रुके हरदम चलती रहती है। असल में जो खून का थक्का होता है वो जब किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो उसके बहाव को कम करने के लिए ही व्यक्ति की शरीर में बनता है।

व्यक्तियों के शरीर में जो प्लाजा होता है उसमें मौजूद प्लेटलेट्स और प्रोटीन ही चोट लगने पर रक्त के बहाव को कम करने के लिए खून के थक्कों का निर्माण करते हैं। ये सब होना एक नॉर्मल ह्यूमन बॉडी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है और अगर ऐसा नहीं हो तो चोट लगने पर खून के बहाव को रोकना बहुत मुश्किल हो जाए।

दरअसल जब व्यक्ति को चोट लगती है तब खून के थक्के बनते हैं जिससे बहाव को रोका जा सके। चोट ठीक होने के बाद थक्के अपने आप घुल जाते हैं। ऐसा होना बहुत ही ज़रूरी होता है पर अगर ऐसा नहीं हो पाता है खून का थक्का घुल नहीं पाता है तो वो थक्का सदा के लिए बना ही रह जाता है।

एक चीज़ और हम आपको बता दें कि जो थक्के बने रह जाते हैं उनका इलाज जल्दी ही करवाना बेहद आवश्यक होता है और अगर इलाज नहीं कराया गया तो वो खून के थक्के व्यक्ति की धमनियों में चले जाते हैं और शरीर के किसी भी हिस्से में जाकर उसके काम में बाधा डाल सकते हैं।

खून का थक्का जमने के कारण

जो लोग लगातार बिना रुके काम करते रहते हैं उनमें खून का थक्का बनने का जो खतरा होता है वो कम काम करने वालों के मुकाबले अधिक होता है। खून का थक्का जमने के जो कारण होते हैं वो नीचे दिए गए हैं

  • उम्र बढ़ने की वजह से खून का थक्का जमने लगता है।
  • खून का थक्का जमने के लिए मोटापा भी जिम्मेदार होता है।
  • धूम्रपान की वजह से भी खून का थक्का जमता है।
  • वेरिकोज वेन्स की वज़ह से भी कभीकभी इसकी शिकायत हो जाती है।
  • लम्बे समय तक बेड रेस्ट की वजह से।
  • हार्मोन का संतुलन बिगड़ने के कारण भी खून के थक्के जमते हैं।

खून का थक्का जमने के लक्षण

खून का थक्का जमने के जो शुरुआती लक्षण होते हैं उनका पता कर पाना संभव नहीं होता है। असल में शुरुआत में जो प्रभावित हिस्सा होता है वो लाल पड़ जाता है और पैरों में हल्का दर्द होता है जिसे लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं पर उन लक्षणों को अनदेखा करने से ही व्यक्ति को आगे  चलकर बहुत बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। खून के थक्के जमने के और भी कई लक्षण हैं जो निम्न हैं

  • पसीना आना और इसके साथ ही हरदम घबराहट होना।
  • अचानक से कमज़ोरी महसूस करना।
  • चेहरे या हाथोंपैरों का अचानक से सुन्न हो जाना।
  • चलने में समस्या आना।
  • मस्तिष्क पर प्रभावी पड़ना जैसे कि सुनने समझने में दिक्कत महसूस करना।
  • संतुलन बनाने में दिक्कत होना।
  • जो प्रभावित हिस्सा होता है उसमें सूजन, दर्द और गरमाई महसूस करना।
  • बारबार सिर चकराना।
  • गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से भी इसकी समस्या हो जाती है।
  • मोटापे की वजह से खून के थक्के जम जाते हैं।
  • मोनोपॉज़ यानी कि जिनकी मासिक धर्म की क्रिया समाप्त हो जाती है उन्हें भी इस समस्या से जूझना पड़ सकता है।

खून का थक्का जमने का उपचार

खून के थक्के के उपचार में निम्नलिखित चीज़ें शामिल हैं

  • इसके उपचार के लिए डॉक्टर मरीज़ को ऐसी दवाइयां देता है जिससे थक्के को रोका जा सके या फिर थक्के को घुलाया जा सके।
  • सर्जरी करके भी सर्जन खून के थक्कों को हटाते हैं।
  • कैथेटर नाम की एक लंबी सी ट्यूब होती है जिसे खून के थक्कों को पास ले जाया जाता है फिर रक्त के थक्कों के पास ये ऐसी दवा छोड़ती है जिससे थक्कों को घुलाया जा सके।

खून के थक्के जमने के कुछ घरेलू उपाय

खून का थक्का जमने के जो घरेलू उपाय हैं वो निम्न हैं

वयायाम

रोज कुछ समय वयायाम या खेलने कूदने को ज़रूर देना चाहिए क्यूंकि ऐसा करने से शरीर में फैली सभी रक्त नलिकाओं में जो रक्त का संचारण होता है वो ठीक प्रकार से होता है और खून का थक्का जमने की जो सम्भावना होती है वो भी बहुत कम हो जाती है। इसके साथ ही वयायाम वगेरह से व्यक्ति का जो मोटापा होता है उसपे भी नियंत्रण रहता है और हम आप सबको पहले भी बता चुके हैं कि मोटापा खून के थक्के को जमाने में काफी मददगार होता है और खून का थक्का यदि जम जाए तो व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ सकता है और ब्रेन हैमरेज जैसी बड़ीबड़ी बीमारियां हो सकती हैं।

तेल से मालिश

व्यक्तियों के स्वस्थ जीवन के लिए तेल की मालिश बहुत ज़रूरी होती है। अगर नियमित रूप से व्यक्ति ऐसा करते हैं तो रक्त की जो नलिकाएं होती हैं वो कभी ब्लॉक नहीं होती है और शरीर मे रक्त का प्रवाह ठीक प्रकार से चलता है।

खून के थक्कों को रोकने के उपाय;-

खून के थक्कों का जमना कोई बड़ी समस्या नहीं है अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो इस समस्या से इंसान बच सकता है।

  • धूम्रपान को बिलकुल ही त्याग दें।
  • मोटापे पर नियंत्रण रखें। मोटापा बढ़ाने की जगह कम करने की कोशिश करे।
  • वयायाम को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
  • ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करवाएं।
  • जितना हो समय नमक से परहेज करें और फल और हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें।
  • काम करते समय बीचबीच में विराम अवश्य ही लें।

 

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