राजवैद्य रसायन वटी दवा के यौन रोग में लाभ – Benefits Of Rajvaidya Rasayan Vati In Hindi

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राजवैद्य रसायन वटी

राजवैद्य रसायन वटी केवल यौन समस्या के उपचार के लिए बनाई गई एक आयुर्वेदिक दवा है | यौन समस्या केवल अधिक धुम्रपान व नशीली दवाओं के सेवन ही आपके शरीर में जन्म लेती है | who की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग तीस प्रतिशत लोग यौन समस्या से पीड़ित है | यौन रोग महिला व पुरुष किसी को भी अपनी गिरफ्त में ले सकता है |

यदि इस बीमारी का सही समय पर उपचार न कार्य जाये तो यह रोग आगे चलकर आपके जीवन में कई प्रकार की परेशानी की वजह भी बन सकता है | यदि आप भी कुछ इसी प्रकार के रोग से ग्रस्त और डर व शर्म के कारण अपनी इस समस्या को डॉक्टर से बताने में आपको हिचकिचाहट महसूस कर रहे है | तो आप राजवैद्य रसायन वटी के द्वारा अपनी इस परेशानी का इलाज घर बैठे आसानी से कर सकते है | तो आइये जानते है इस दवा के सेवन से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से…

इस दवा में मिलाई जाने वाली जड़ी बूटीयां :

  • स्वर्ण माणिक भस्म
  • अभ्रक भस्म
  • लोह भस्म
  • यशद भस्म
  • मुक्ता पिष्टी
  • प्रवाल पिष्टी
  • अनंत मूल
  • ब्राह्मी
  • मुसली
  • मंजीत
  • शतावर
  • स्वर्ण बंग
  • केसर
  • पिपली
  • आंवला
  • मिर्च
  • शिलाजीत
  • कौच बीज
  • गोखरू
  • दालचीनी
  • जावित्री
  • बंग भस्म
  • असगंधा
  • जयफल

जैसी लाभकारी जड़ी-बूटियों को मिलाया जाता है जिसमे भरी मात्रा में एंटी-ऑक्सिडेंट, रोगाणुरोधी, एंटी-इंफ्लेमेटरी, संक्रामक विरोधी, व एंटी-क्लोटिंग गुण मौजूद होते है | जो आपके शरीर से गुप्त रोग को हमेशा के लिए ख़त्म करने में लाभकारी सिद्ध होते है | इस दवा में प्रयोग की जाने वाली सभी जड़ी बूटियां पूरी तरह शुद्ध व ताज़ी होती है | दोस्तों आइये जानते है इस दवा के सेवन से होने वाले लाभ के बारे में…

राजवैद्य रसायन वटी के फायदे :

यौन कमजोरी को ख़त्म करती है यह दवा –

यौन दुर्बलता की समस्या अधिकतर गलत खानपान व अधिक शराब पीने के कारण ही जन्म लेती है | तनाव व अवसाद को भी इस समस्या की एक वजह माना गया है | यौन कमजोरी के कारण महिला व पुरुष दोनों को यौन संबंद में शर्म व निराशा का सामना करना पड़ता है | यदि आप भी कुछ इसी प्रकार के रोग से ग्रस्त है और अपने साथी पार्टनर से नजर नही मिलाने में आपको शर्म महसूस होती है | तो आपको राजवैद्य द्वारा निर्मित इस दवा का सेवन करना चाहिये | इस दवाई में पाए जाने वाले तत्व आपके गुप्तांग में मौजूद कमी को जल्द से जल्द ख़त्म करने में मदद करते है | जिससे आपकी यौन दुर्बलता कुछ ही समय में समाप्त हो जाती है |

शीघ्रपतन की समस्या ख़त्म करती है यह दवा –

शीघ्रपतन जैसे रोग में पुरुष महिला की तुलना में जल्दी स्खलित हो जाता है | जिसके कारण पुरुष को महिला के साथ शर्म महसूस होने लगती है | इस बीमारी के कारण आप अन्य कई रोग से भी ग्रस्त हो सकते है जैसे कि तनाव, चिंता, अवसाद व हाई ब्लड प्रेसर जैसी समस्या का सामना आपको करना पड़ सकता है |

यदि आप भी कुछ इसी प्रकार के रोग से ग्रस्त है तो आपको चिंता करने की जरुरत नही है | आप राजवैद्य रसायन वटी के द्वारा शीघ्रपतन जैसी समस्या को आसानी से ख़त्म कर सकते है | यह दवाई यौन संबंद के समय आपके शरीर में रक्त संचार को व आपके हार्मोन्स को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करती है | जिससे आपकी शीघ्रपतन जैसी बीमारी आसानी से ख़त्म हो जाती है |

वीर्य क्षमता व शुक्राणु की संख्या बेहतर करती है यह दवाई –

गर्भधारण करने के लिए सबसे जरुरी होता है महिला व पुरुष दोनों के शुक्राणु का स्वस्थ होना यदि किसी एक के भी शरीर में शुक्राणुओं की संख्या कम पाई जाती है | तो इससे दंपत्ति को गर्भधारण करने में कठनाई का सामना करना पड़ता है क्योंकि एक स्वस्थ पुरुष व महिला में शुक्राणुओं की संख्या डेढ़ करोड़ से अधिक मानी जाती है |

अगर आपको भी कम शुक्राणु की वजह कुछ इसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है | तो आप राजवैद्य रसायन वटी के द्वारा अपनी इस समस्या को आसानी से ख़त्म कर सकते है इस दवा में पाए जाने वाले तत्व आपके शरीर में शुक्राणुओं की संख्या के साथ साथ आपकी वीर्य क्षमता को भी बढ़ाते है |

गुप्तांग के अंगो को स्वस्थ बनाती है यह दवा –

अक्सर शरीरिक कमजोरी के कारण आपके परिवार में कलेश होने लगता है | यह परेशानी की मुख्य वजह नशे की आदत व यौनवर्धक दवाइयों के अधिक सेवन से आपके गुप्तांग में दिक्कत आने लगती है | अगर इस समस्या का सही समय पर इलाज न कराया जाये तो यह बीमारी आगे चलकर एक गंभीर रूप धारण कर लेती है |

जिसके इलाज में बहुत खर्च व अन्य दिक्कत आ सकती है | इसीलिए यदि आप भी अपने गुप्तांग को पहले की तरह स्वस्थ व गुप्तांग में विकास चाहते है | तो आपको राजवैद्य रसायन वटी का सेवन नियमित रूप से करना चाहिये | यह दवा आपके गुप्तांग में हो रही परेशानी को दूर करके आपके अंगों को स्वस्थ बनाने का कार्य करती है |

इस दवा को सेवन करने का तरीका –

इस दवा का सेवन आपको नियमित मात्रा में दिन में दो बार यानि सुबह शाम भोजन के बाद करना चाहिये आप चाहे तो इस दवाई को दूध व गुनगुने पानी के साथ ले सकते है | छोटे बच्चों को इस दवा से दूर रखे व ह्रदय रोगी व शुगर रोगियों को इस दवा के सेवन से पहले डॉक्टर से जरुर सलाह लेनी चाहिये |

इस तेल से शरीर पर होने वाले नुकसान

यदि इस दवा का सेवन नियमित मात्रा में किया जाये तो इस दवा से आपको किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होगा | लेकिन यदि अपने अपनी बीमारी को जल्दी ठीक करने के चक्कर में इस दवा का अधिक मात्रा में सेवन किया तो आपको इस दवा के उल्टे परिणाम देखने को मिल सकते है | इस दवा का सेवन प्रसव के तुंरत बाद व स्तनपान करवाने वाली महिला को बिलकुल नही करना चाहिये |

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