मूली के पत्तो के स्वास्थवर्धक फायदे – Benefits of Radish Leaves In Hindi

मूली के पत्तो के फायदे - Benefits of Radish Leaves In Hindi

स्वास्थ से जुड़े मूली के पत्तो के फायदे जानना बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि मूली का नाम सुनते ही हमें सलाद और मूली के पत्तो की सब्जी को याद करके मुंह में पानी आ जाता है | मगर क्या आप जानते है की स्वादिष्ट व्यंजन के रूप में प्रयोग किये जाने वाले मूली के पत्तो के स्वास्थ से जुड़े भी कई लाभकारी फायदे होते है | मूली के पत्तो में मूली की तुलना में कई गुना अधिक पोषक तत्व और खनिज तत्व पाए जाते है जिससे मूली के पत्तो का सेवन करने से यह मानव शरीर की बिमारियों से सुरक्षा करता है |

मूली के पत्तो के स्वास्थ से जुड़े फायदे :

मूली की पत्तियों में आयरन, कैल्शियम, फोस्फोरस, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और थियामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते है, जो स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होते है | मूली के पत्ते अपने गुणों के कारण कब्ज, बबासीर, कैंसर, खून को साफ़ करने और पीलिया के साथ साथ और भी कई बीमारियों को दूर करने में लाभकारी होते है | तो आइये जानते है स्वास्थ से जुड़े मूली के पत्तो के फायदे –

प्रतिरोधक क्षमता बढाता है –

मूली की पत्तियों में आयरन, फास्फोरस, विटामिन सी, विटामिन ए और थियामिन जैसे खनिज पदार्थ और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते है जिससे मूली के पत्तो का सेवन करने से यह थकावट को दूर करने में लाभकारी होता है | मूली के पत्तो में पाए जाने वाले अन्य खनिज पदार्थो के साथ आयरन और फास्फोरस की अधिकता होने से यह मानव शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढाकर प्रतिरोधक क्षमता प्रणाली को मजबूत बनाने का काम करता है | आयरन की अधिकता के कारण मूली के पत्तो का सेवन करने से यह एनीमिया की बीमारी में लाभदायक होने के साथ हीमोग्लोबिन के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है |

कब्ज में लाभकारी –

मूली में फाइबर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है मगर आप ये नहीं जानते है की मूली की पत्तियों में मूली की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है | मूली के पत्तो का सेवन करने से इसमें पाया जाने बाला फाइबर पाचन तंत्र को सुधारकर पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाता है जिससे कब्ज और पेट दर्द की समस्या से आराम मिल जाता है |

मूत्रवर्धक के रूप में फायदेमंद –

मूली के पत्ते मानव शरीर के लिए प्राक्रतिक रूप से मूत्रवर्धक की तरह काम करता है | मूली के पत्ते में रेचक गुण पाए जाते है जिससे ब्लोटिंग की समस्या को दूर करता है | मूली के पत्तो का सेवन करने से यह मूत्राशय से पथरी को घोलने का काम करके मूत्राशय से पथरी और जहरीले पदार्थो बहार निकालने का काम करता है | ( और पढ़े – पथरी की समस्या में खानपान )

ब्लड प्यूरिफिकेशन में लाभकारी –

मूली में आयरन बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है मगर मूली के पत्तो में मूली की अपेक्षा में कई गुना अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है | आयरन की अधिकता के कारण मूली के पत्ते रक्तशोधक की तरह काम करके स्कर्वी की समस्या में लाभदायक होता है | ( और पढ़े – खून बढ़ाने के घरेलु उपाय )

बवासीर में  फायदेमंद –

मूली के पत्तो में सूजन को नष्ट करने वाले और जीवाणु के कारण होने वाली समस्याओ को समाप्त करने वाले गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है | जिसके कारण मूली के पत्तो का सेवन करने से बवासीरजैसी पीड़ादायक बिमारी की समस्या में आराम पहुंचता है |

बवासीरकी समस्या होने पर मूली के पत्तो को सुखाकर फिर इन्हें अच्छे से बारीक पीसकर पाउडर बना ले | इस पाउडर की मात्रा के बराबर मात्रा में पानी और चीनी मिलाकर एक मिश्रण बना ले | इस पेस्ट का नियमित रूप से सेवन करने से यह बवासीरकी समस्या और सूजन से प्रभावित हिस्से पर इस मिश्रण को लगाने से सूजन में आराम मिलता है |

पीलिया में फायदेमंद –

हाइपरबिलीरुबिनमिया नाम के विषाणु की वजह से होने वाले पीलिया के रोग की रोकथाम करने वाले गुण मूली के पत्तो में भरपूर मात्रा में पाए जाते है | पीलिया की समस्या होने पर मूली की ताजी पत्तियों को अच्छे से पीसकर रस बना ले अब इस रस को एक छिद्र्पूर्ण कपडे की सहायता से छानकर इसका रस निकाल ले | पीलिया में इस रस को नियम से दस दिनों तक रोजाना आधा लीटर की मात्रा में सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है | अगर आप मूली की पत्तियों का रस नहीं निकाल पाते है या निकालने का समय नहीं मिल पाता है तो बाजार में कई कम्पनियों द्वारा मूली की पत्तियों का रस उपलब्ध रहता है वंहा से आप इसे प्राप्त कर सकते है |

गठिया रोग में लाभकारी –

गठिया रोग में होने बाला जोड़ो का दर्द बहुत ही असहनीय और पीड़ादायक होता है | गठिया रोग के कारण आपके जोड़ो में असहनीय दर्द और सूजन उत्पन्न हो जाती है | मूली की पत्तियों में पीड़ानाशक और सूजन को नष्ट करने वाले गुण बहुत ही अच्छी मात्रा में पाये जाते है जिससे गठिया रोग में मूली का सेवन बहुत ही लाभदायक होता है |

गठिया रोग में मूली के पत्तो के रस को बराबर मात्रा में पानी और चीनी के साथ मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर ले | अब इस मिश्रण को जोड़ो के उपर नियम से लगाये जल्द ही दर्द और सूजन की समस्या से आराम मिल जायेगा |

शुगर (मधुमेह) से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद –

मूली की पत्तियों में रक्त में शर्करा और ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने वाले गुण बहुत ही अच्छी मात्रा में पाए जाते है | जिसकी वजह से मूली का नियमित सेवन करने से यह रक्त में शर्करा के स्तर को संतुलित करके शुगर की बीमारी में लाभ पहुँचाता है| मूली के इन्हीं गुणों के कारण मूली को शुगर रोगी के खानपान में डॉक्टर्स के द्वारा शामिल करवाया जाता है |

शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने में फायदेमंद –

मूली की पत्तियों में पाए जाने वाले पोषक तत्व और खनिज मानव शरीर में रोगाणु और जीवाणु रोधी की तरह काम करते है जिसकी वजह से मूली की पत्तियों का सेवन शरीर में जहरीले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद करता है |

कैंसर के उपचार में लाभकारी –

मूली की पत्तियों में विटामिन सी बहुत ही अच्छी मात्रा में पाया जाता है जिससे मूली मानव शरीर में एंटी – ओक्सिडेंट की तरह काम करता है | मूली की पत्तियों को सेवन करने से यह मानव शरीर में डीएनए की कोशिकाओं को कैंसर के मुक्त कणों के प्रभाव से सुरक्षा प्रदान करती है | मूली की पत्तियों में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स और एन्थोसायनिन गुण कैंसर के साथ साथ आपको पेट, लीवर और आंतो जैसे कैंसरों से बचाता है |