पतंजलि यौवन चूर्ण के लाभ – Benefits of Patanjali Youvan Churna In Hindi

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Patanjali Youvan Churna
Patanjali Youvan Churna

पतंजलि यौवन चूर्ण एक आयुर्वेदिक चूर्ण है | इसका प्रयोग खासतौर पर पुरुषो के यौन स्वास्थ से सम्बंधित समस्याओं के उपचार के लिए इसका प्रयोग किया जाता है | इसके सेवन से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है | जिससे हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान होती है | इसके नियमित सेवन से हमारी कई समस्याओं का हल बहुत आसानी से हो जाता है | क्यूकि पतंजलि यौवन चूर्ण कई आयुर्वेदिक जडी-बुटियों को मिलाकर बनाया जाता है | जिससे हम अपने शरीर को कई परेशानियों से दूर रख सकते है | अब आइये जानते है | इसमें मिलायी जाने वाली जडी बुटीयों के बारे में |

  • अश्वगंधा
  • पयासया (क्षिराककोली)
  • सफेद मूसली
  • ग्लूकोज़
  • बबूल
  • ज़हरमोहरा
  • सफ़ेद बहमान
  • पलाश
  • वांग
   जरुर पढ़े - पुरुषो में यौन शक्ति बढ़ाने के तरीके >>>

आदि जडीबुटी मिलाकर इसको बनाया जाता है | इसीलिए हमारे शरीर इसका कोई दुष्प्रभाव नही पड़ता है | अब जानते है इससे जुडी कुछ जरुरी बातों को

पतंजलि यौवन चूर्ण के लाभ

  • वजन बढ़ाने में फायदेमंद होता है पतंजलि यौवन चूर्ण |
  • पतंजलि यौवन चूर्ण शरीर से कमजोरी को दूर करके मजबूत व सुड़ोल बनता है |
  • पतंजलि यौवन चूर्ण हमारी कामइच्छा को भी बढाता है |
  • यौवन चूर्ण हमारी नसों और मांसपेशियों को ताकत प्रदान करता है |
  • हमारे रक्त संचार को ठीक बनाकर रक्त में आक्सीज़न की मात्रा को भी ठीक करता है |
  • हमारे पाचन क्रिया को मजबूत बनाने में सहायक होता है |
  • हमारी नींद व थकान से जुदी समस्या को भी जड़ से खत्म करता है |
  • महिलाओं की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मददगार होता है |
  • शरीर को यौवन प्रदान करके लम्बे समय तक जीवत रखता है |

पतंजलि यौवन चूर्ण से सम्बंधित कुछ जरुरी बातें

कमजोरी में इसका सेवन – अगर कोई वयक्ती कमजोरी से ग्रस्त है | तो उसको इसका सेवन कम से कम 6 महीनों तक इसका सेवन करना चाहिये |

भोजन के बाद ही करे सेवन – आपको इसका सेवन भोजन के बाद ही करना चाहिये | जिससे ये आपके पाचन प्रक्रिया को ठीक बना सके |

गर्भवती महिलागर्भावस्था के शुरूआती समय में आप इसका सेवन कर सकती है | लेकिन गर्भावस्था के तीन महीने बाद आपको इसका सेवन पूर्णरूप से बंद कर देना चाहिये |

प्रसव के बाद जरुर करे महिलाये इसका सेवन – कुछ महिलायों प्रसव के बाद कमजोर या मोटी हो जाती है | इसके लिए आप प्रसव के 15 या 20 दिन के बाद से इसका सेवन करके अपने शरीर को स्वस्थ बना सकती है |

पतंजलि यौवन चूर्ण की कोई लत नही पड़ती है – अधिकतर देखा जाता है | की अगर हम किसी शरीरवर्धक दवा का सेवन करने जा रहे होते है | तो हमारे मन में कुछ सवाल उतने लगते है जैसे की

  1. हमें इस दवा की लत तो नही पड़ेगी |
  2. इस दवा का कोई नुकसान तो नही होगा हमारे शरीर पर

वैसे तो किसी भी जडीबुटी का सेवन करने से हमारे शरीर को उसकी लत नही पड़ती है | लेकिन अगर उस दवा को सही व नियम अनुशार ना लेने से आपके शरीर को इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है | इसीलिए जब भी पतंजलि यौवन चूर्ण का सेवन करे तो नियमानुषर ही इसका सेवन करे |

पतंजलि यौवन चूर्ण का प्रयोग

आपको इसका सेवन भोजन के बाद दूध के साथ ही करना चाहिये | लेकिन आपको कम से कम 18 वर्ष की आयु के बाद ही इसका सेवन करना चाहिये | और हमेशा नियमित मात्रा का ही सेवन करे | हर्दय रोगीयों को इसका सेवन ना करने की सलाह दी जाती है |

पतंजलि यौवन चूर्ण के हानिकरक प्रभाव

पतंजलि यौवन चूर्ण के सेवन से केवल हर्दय रोगियों, बच्चों व अधिक वजन वाले व्यक्तिओं को ही इसके हानिकारक प्रभाव देखने को मिल सकते है | बाकी आप किसी अन्य समस्या के लिए इसका सेवन करके अपने शारीर को स्वास्थ बना सकते है | ये चूर्ण आसानी से किसी भी पतंजलि की दुकान पर मिल जाता है |

अगर आप भी ऊपर दी हुई किसी समस्या से परेशान है | तो आपको पतंजलि यौवन चूर्ण का सेवन नियमानुसार जरुर करना चाहिये |

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