पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा के लाभ व सेवन विधि – Patanjali Spirulina In Hindi

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पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा कैप्सूल
पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा कैप्सूल

पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा कैप्सूल पतंजलि द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक दवा है | इस दवा के सेवन से आपके शरीर को बहुत लाभ मिलता है | इस दवा को स्पिरुलिना नामक जलीय वनस्पति व अस्वगंधा के मिश्रण को मिलाकर बनाया जाता है | स्पिरुलिना ताजे पानी की झीलों, प्राकृतिक झरनों और खारे पानी में प्राप्त होती है | इस जड़ी-बूटी में पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और ज़िंक जैसे तत्व मौजूद होते है | इसी कारण यह दवा हमारे शरीर की कई बिमारियों को जड़ से खत्म करने में सहायक होती है | दोस्तों यदि आप लिवर रोग, संक्रमण, यौन कमजोरी, कमजोर दिमाग, शुगर व कैंसर जैसी समस्या से ग्रस्त है | तो यह लेख पूरी तह आपके लिए ही है | तो आइये जानते है – पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा कैप्सूल के बारे में विस्तार से

पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा कैप्सूल क्या है ?

स्पिरुलिना अश्वगंधा कैप्सूल को आपके आहार पूरक के रूप में प्रयोग किया जाता है | इस दवा में प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की आपार क्षमता होती है | इस दवा में कई एंटीलर्जिक,​​ एंटीवायरल, एंटीट्यूमर, एंटीऑक्सीडेंट व एंटीडाइबेटिक गुण मौजूद होते है | जो आपको कई प्रकार कई परेशानियों में बहुत राहत पहुचाने का कार्य करती है | तो आइये दोस्तों जानते है – पतंजलि स्पिरुलिना अश्वगंधा के लाभ के बारे में विस्तार से

त्वचा के लिये फायदेमंद है

यदि आपकी त्वचा एक उम्र से पहले ही शुष्क व कमजोर होने लगी है | जिसकी वजह से आपको समाज में कई तरह की परेशानी व शर्म का सामना करना पड़ रहा है | तो यह दवा पूर्ण रूप से आपके लिए ही है | इस दवा में पाए जाने वाले एंटीडाइबेटिक व जीवाणुरोधी गुण आपकी त्वचा को कोमल व सुंदर बनाने का कार्य करती है | इस दवा के सेवन से आपके रक्त संचार में काफी सुधार आता है | जो आपकी त्वचा को सुन्दर व को कोमल बनाने में मदद करते है |

लिवर को स्वस्थ बनाने का कार्य करती है

यदि आप लिवर से जुडी समस्या से ग्रस्त है, और अपनी इस परेशानी को जड़ से खत्म करके स्वस्थ बनाना चाहते है | तो इस दवा केर सेवन से आप लिवर के साथ साथ अपने शरीर को भी स्वस्थ बना सकते है | इस दवा में उच्च फाइबर की मात्रा मौजूद होती है | जो आपके लिवर को स्वस्थ बनाने का कार्य करती है | आप इस दवा का सेवन सभी प्रकार के हेपेटाइटिस व सिरोसिस जैसे रोगों में भी कर सकते है | ( और पढ़े – लिवर रोग के बारे में )

यौन कमजोरी को दूर करती है

आज के इस युग में अधिकतर व्यक्ति को यौन समस्या से जुडी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है | यह समस्या अधिकतर धुम्रपान व गलत खानपान के कारण आपके शरीर में जन्म लेती है | जिसकी वजह से आपके पारिवारिक जीवन में कई प्रकार की समस्या आने लगती है | यदि आप भी कुछ इसी प्रकार की परेशानी से ग्रस्त है | तो आपको पतंजलि स्पिरुलिना अस्वगंधा कैप्सूल का सेवन करना चाहिये | इस दवा में मौजूद अस्वगंधा आपकी सभी प्रकार की यौन कमजोरी को दूर करके सम्भोग क्षमता में बढ़ोतरी लाती है |

शुक्राणु क्षमता को मजबूत बनाती है

शरीर में शुक्राणु की कमी के कारण आपको गर्भधारण न कर पाना व बांझपन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है | जो कि किसी भी महिला व पुरुष के लिए एक गंभीर परेशानी होती है | यदि आपको भी गर्भधारण करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है | तो आपको पतंजलि स्पिरुलिना अस्वगंधा कैप्सूल के द्वारा आप अपनी शुक्राणु क्षमता को बेहतर बनाने का कार्य करती है | इस दवा के सेवन से गुप्त अंग में हार्मोन्स क्षमता को बेहतर बनाने का कार्य करती है | जो आपके शुक्राणु की क्षमता को मजबूत बनाती है |

वायरल संक्रमण को खत्म करती है

वायरल संक्रमण की परेशानी अधिकतर मौसम के परिवर्तन व खराब खानपान के कारण अधिक जन्म लेती है | इस परेशानी में आपको उल्टी, दस्त बुखार व कमजोरी की समस्या आने लगती है | यदि संक्रमण का सही समय पर उपचार न कराया जाये | तो यह आगे चलकर गंभीर रूप भी धारण कर लेता है | यदि आप भी कुछ इसी प्रकार की समस्या से परेशान है | तो आपको पतंजलि द्वारा निर्मित इस दवा का सेवन करना चाहिये | इस दवा में पाए जाने वाले एंटीलर्जिक​​ व एंटीवायरल गुण आपकी वायरल समस्या को जड़ से खत्म करने में आपकी मदद करते है |

सेवन विधि

आपको इस पतंजलि दवा का सेवन दिन में दो बार दूध के साथ लेना चाहिये | आप चाहे तो इस दवा का सेवन गुनगुने पानी के साथ भी कर सकते है | आप इस दवा का सेवन खाली पेट व भोजन के बाद भी कर सकते है | मधुमेह गर्भावस्था व स्तनपान करवाने वाली महिला को इस दवा के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से जरुर सलाह ले लेनी चाहिये |

हानिकारक प्रभाव

स्पिरुलिना अश्वगंधा के सेवन से आपके शरीर को किसी भी प्रकार कि कोई हानि नही पहुंचती है | यदि इस दवा का सेवन अधिक मात्रा व कम उम्र के बच्चे यानी 18 साल से कम बच्चे को करवाया जाये तो इससे उच्च रक्तचाप, उल्टी, दस्त व चक्कर जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है | इसीलिए इस दवा का सेवन दिन में केवन दो बार ही करे |

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