दिव्या मधुकलप वटी

दिव्य मधुकल्प वटी के लाभ व सेवन तरीका – Benefits Of Divya Madhukalp Vati In Hindi

आयुर्वेद

दिव्य मधुकल्प वटी पंतजलि द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो शुगर रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होती है | इस दवा को पंतजलि के द्वारा कई शुगररोधी जड़ी बूटी को मिलाकर बनाया जाता है | जैसे करेला, चिरायता, कुटकी, नीम, जामुन आदि, इसी वजह से यह शुगर रोगी को बहुत ही आराम पहुचाने का कार्य करती है | कई डॉक्टर भी शुगर की समस्या होने पर इस दवा का सेवन करने की सलाह देते है |


दिव्य मधुकल्प वटी क्या है ?

यह दवा शुगर के साथ साथ व्यक्ति की और भी कई समस्या का जड़ से इलाज करने में फायदेमंद साबित होती है | यदि कोई व्यक्ति इस दवा का सेवन नियमित रूप से करे तो व्यक्ति को कभी भी शुगर मोटापे व रक्तचाप से जुडी समस्या का सामना नही करना पड़ेगा | पंतजलि द्वारा निर्मित इस दवा को लोगों के द्वारा अच्छा रिस्पोंस दिया गया है | क्युकि इस दवा के द्वारा कई मरीजों को सुगर की समस्या से छुटकारा मिला है | दोस्तों आइये जानते है, दिव्य मधुकल्प के लाभ के बारे में |

 महत्वपूर्ण घटक

दिव्य मधुकल्प वटी को निर्मित करने के लिए इसमें कई जडीबुटी को मिलाया जाता है, जो शरीर की कई समस्या का इलाज बहुत ही आसानी से कर देती है | दोस्तों आइये जानते है, इस आयुर्वेदिक दवा में मिलाई जाने वाली औषधि के बारे में |

करेला, चिरायता, नीम, कटुकी, जामुन, मेथी, अश्वगंधा, शिलाजीत, अतीस, जैसी कई गुणकारी जडीबुटी मिलाई जाती है | इसी कारण यह हमारे शरीर में  परेशानी को जड़ से खत्म करने में लाभदायक साबित होती है | दोस्तों आइये जानते है, दिव्य मधुकल्प वटी के सेवन से होने वाले स्वास्थ लाभ के बारे में |

  स्वास्थ लाभ

शुगर की समस्या में लाभकारी हैं

शुगर की परेसानी आज के इस युग में बहुत ही आम होती जा रही है, लोगों के बीच बढता फ़ास्ट फ़ूड की लोकप्रियता व धुम्रपान इस बीमारी को अधिक प्रभवित कर रहा है | इसी बात को ध्यान में रखकर पंतजलि द्वारा करेला, चिरायता, कुटकी, नीम व जामुन जैसी जडीबुटी को मिलकर एक दवा बनाई गयी है दिव्य मधुकल्प वटी जो शुगर की समस्या को जड़ से मिटाने में बहुत लाभकारी सिद्ध साबित हुई है | यह दवा के सेवन से शरीर में जमा ग्लूकोज की मात्रा को ठीक करने के लिए इन्सुलिन का निर्माण करता है | जिससे मरीज को शुगर की परेसानी में राहत मिलती है | इस दवा के द्वारा अत्यधिक प्यास व पेशाब वृद्धि क समस्या भी ठीक हो जाती है |

पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है

गलत खानपान के कारण व्यक्ति को पाचन से जुडी समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को लीवर से जुडी समस्या का सामना भी करना पड़ता है | अगर आप भी पाचन से जुडी किसी समस्या का सामना कर रहे है, तो पंतजलि मधुकल्प वटी के द्वारा अपनी इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकते है | इस दवा में करेला, चिरायता, मेथी व कटुकी जैसी कई गुणकारी जड़ी बूटी हमारे लीवर में जमा गंदगी को साफ़ करके लीवर को स्वस्थ बनाती है | जिससे हमारे पाचन को मजबूती प्रदान होती है |

रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है

यदि आप नियमित किसी न किसी बीमारी के शिकार होते रहते है, या फिर मौसम के बदलाव के कारण आपको परेसानी का सामना करना पड़ता है | तो आपको जरुर दिव्य मधुकल्प वटी का सेवन करना चाहिये, क्युकी दवा के सेवन से शरीर को एंटीऑक्सीडेंट और एंटीडायबिटिक के गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते है | जिससे शरीर संक्रमण व बीमारी से जल्दी ग्रस्त नही होता है |

मोटापे की परेशानी हल करती है

गलत खानपान के कारण व अधिक सोने की वजह से व्यक्ति मोटापे का शिकार हो जाता है | यदि रोजाना सुबह शाम दिव्य मधुकल्प वटी का सेवन किया जाये, तो शरीर में जमा वसा व चर्बी को कम करके उसको उर्जा में बदलने का कार्य करता है | दिव्य मधुकल्प वटी आपको मोटापे की समस्या को ख़तम करने के लिए इस दवा का सेवन खाली पेट व गुनगुने पानी के साथ ही करना चाहिये |

दिव्य मधुकल्प वटी के अन्य स्वास्थ लाभ

  • शारीरिक कमजोरी दूर करता है |
  • रक्त चाप को नियंत्रित बनाता है |
  • जोड़ो के दर्द में लाभकारी है मधुकल्प वटी
  • आँखों की रोशनी को ठीक करता है |
  • सीने की जलन व दर्द में लाभकारी है |
  • शुक्राणु की क्षमता को बेहतर करता है |

इस दवाई के सेवन का तरीका

दिव्य मधुकल्प वटी का सेवन हम बहुत ही आसानी से कर सकते है, यदि आप शुगर व मोटापे की समस्या के लिये आपको स दवा का सेवन गुनगुने पानी के साथ खाली पेट करना चाहिये | वही यदि आप नियमित की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इस दवा को दूध के साथ भी सेवन कर सकते है | आपको नियमित एक या दो गोली का सेवन सुबह शाम करना चाहिये, बच्चों को इस दवा का सेवन न कराये |

इससे होने वाली हानि

यदि इस दवा का सेवन अधिक मात्रा में किया जाये तो इसकी वजह से शरीर को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है | जैसे उल्टी, चक्कर आना, सिर दर्द, ब्लडप्रेशर का लो हो जाना व त्वचा पर लाल चकते पड़ना जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है | गर्भवती महिला को इस दवा का सेवन गर्भ के पांच महीने के उपरांत नही करना चाहिये | अन्यथा इस दवा के कारण महिला व बच्चे को परेसानी का सामना करना पड़ता है | और पढ़े – क्रोनिक किडनी डिजीज जाँच दवा व परहेज – Chronic Kidney Disease In Hindi

इसका ऑनलाइन मूल्य जाने या ख़रीदे 

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