Benefits Of Amritdhara In Hindi

अमृतधारा के लाभ गुण व बनाने की विधि – Benefits Of Amrit dhara In Hindi

आयुर्वेद दवाइयाँ

अमृतधारा एक आयुर्वेदिक औषधि है | जो कुछ जडीबुटी के सम्मिलन के द्वारा तैयार कि जाती है | इस आयुर्वेदिक दवा का प्रयोग कई वर्षों से किया जा रहा है | इस दवा का अधिकतर प्रयोग गर्मी के मौसम में होने वाली बिमारियों में किया जाता है | क्योंकि गर्मी के मौसम में तपिश, लू, धूल भरी हवायें के द्वारा आप कई प्रकार की बिमारियों से ग्रस्त हो जाते है | इस औषधि का मुख्य सेवन हैजा, दस्त, बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, मुंह के छाले व एसिडिटी जैसी समस्या को जड़ से खत्म करने में किया जाता रहा है |


यह दवा आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी आपकी बहुत मदद करती है | यदि आप भी गर्मी के मौसम में अनेक प्रकार की बिमारियों व समस्याओं से ग्रस्त हो जाते है | तो यह लेख पूरी तरह आपके लिये ही है | दोस्तों आइये जानते है – अमृतधारा आयुर्वेदिक औषधि के बारे में विस्तार से |

अमृतधारा क्या है ?

अमृत धारा आयुर्वेद की एक बहुत प्रचीन आयुर्वेदिक औषधि है | जो गर्मी के मौसम में होने वाली कई बिमारियों को बहुत ही आसानी से मिटाने में असरदायक साबित होती है | अमृतधारा औषधि में कई प्रकार के गुणकारी तत्व जैसे एंटीसेप्टिक गुण, एंटीबायोटिक, एनेस्थेटिक, गामा-टेरपीन, विटामिन बी व एंटी बैक्टीरियल जैसे कई गुण मोजूद होते है | जो कि शरीर में मोजूद बेक्टीरिया को जड़ से खत्म करने में आपकी बहुत मदद करते है | इस दवा की खास बात यह है कि इस दवा के सेवन से आपको कुछ ही समय में आराम मिल जाता है | इसी कारण इस दवा को कई वर्षों से प्रयोग में लाया जाता है | दोस्तों आइये जानते है इस दवा को बनाने की विधि के बारे में |

अमृतधारा बनाने की विधि

इस आयुर्वेदिक औषधि बनाने के लिए सबसे पहले आपको पुदीना, इलाइची, लौंग का तेल, दालचीनी का तेल, पिपरमेंट, अजवाइन व कपूर जैसी गुणकारी जड़ी बूटी को मिलाकर एक कांच की बोतल में रखे | इस बोतल को हमेशा बंद करके व ठण्डे स्थान पर ही रखे | और जरुरत पड़ने पर इस दवा की दो से तीन बूदों का ही इस्तेमाल करे |

अमृतधारा के लाभ

बदहजमी में लाभदायक है

बदहज़मी को अपच के नाम से भी जाना जाता है | इस समस्या में आपको पेट के ऊपरी हिस्से में होने वाला दर्द या बेचैनी जैसी समस्या होने लगती है | यदि आपको पेट का भरा हुआ या फूला लगता है | तो यह भी बदहज़मी के लक्षण माना जाता है | यह समस्या पेट में उत्पन्न अम्ल के कारण आती है | आपको इस प्रकार की परेशानी होने पर अमृतधारा की दो से तीन बूंदों को गुनगुने पानी में डालकर पीने से पेट में मोजूद अम्ल को खत्म करने में मदद मिलती है |

हैजा होने पर प्रयोग करे

हैजा यानी ( कॉलरा ) की समस्या संक्रमण के कारण शरीर को प्रभावित करती है | यदि इस समस्या का सही समय पर इलाज न कराया जाये तो इस बीमारी के कारण आपकी जान भी जा सकती है | यदि आप भी हैजा जैसी बीमारी से ग्रस्त है | तो आप इस बीमारी का इलाज घर बैठे कर सकते है | अमृतधारा के द्वारा आपको कॉलरा की परेशानी में अमृतधारा को प्याज के रस में सेवन करने से आपके पेट में मोजूद संक्रमण को खत्म करने में मदद मिलती है |

सिर दर्द की समस्या को जड़ से खत्म करता है

सर दर्द की समस्या आज के जीवन में आम समस्या मानी जाती है | सर दर्द की समस्या अधिकतर अधिक तनाव लेने के कारण ही जन्म लेती है | यदि आप भी सर दर्द जैसी परेशानी के शिकार है तो आपको अमृतधारा के तेल की कुछ बूंदों को अपने कान के आस पास मलने से कुछ ही समय में आराम मिलने लगता है |

जुकाम व नाक बंद होने पर करे इलाज अमृतधारा से

जुकाम होने पर नाक बंद होने जैसी समस्या आम होती है | इस समस्या के कारण आपको कई प्रकार की परेशानी की दिक्कत का सामना भी करना पड़ता है | यदि आप जुकाम के कारण नाक बंद की समस्या से परेशान है तो आपको अमृतधारा के तेल की खुशबू लेने से बंद नाक की समस्या में बहुत आराम मिलता है |

दाँत दर्द का मंत्र है अमृतधारा

दांत में दर्द की समस्या खानपान के कारण अधिक देखी जाती है | क्योंकि गलत खानपान से शरीर के साथ साथ हमारे दांतों पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है | दांत में दर्द की समस्या सभी वर्ग के व्यक्ति में होने वाली परेशानी होती है | यदि आप भी आये दिन दांत में दर्द की समस्या से परेसान रहते है | तो आपको इस समस्या के उपचार के अमृतधारा का प्रयोग करना चाहिये | आपको एक रुई में अमृतधारा की कुछ बूंदों को मिलाकर दांत के प्रभावित हिस्से में रखने से दर्द की समस्या में राहत मिलती है |

अमृतधारा के द्वारा होने वाले अन्य लाभ

  • मुंह के छाले में लाभकारी होती है |
  • पेट दर्द, पैरों के दर्द में असरदार है |
  • कमजोरी की समस्या को दूर करती है |
  • खुजली व जलन की समस्या को जड़ से खत्म करती है |
  • हृदय रोग की परेशानी में लाभकारी है |

अमृतधारा का सेवन का तरीका

अमृतधारा को आप कई प्रकार की बीमारी को ठीक करने के लिए प्रयोग में ले सकते है | जैसे  सर दर्द, पैर दर्द व खुजली जैसी परेशानी में मालिश के द्वारा जुखाम बुखार व नाक बंद की समस्या में पीने व सूघने से और  वहीं हैजा जैसी समस्या में भी आपको अमृतधारा के सेवन से आपको लाभ मिलता है | आपको इस दवा का सेवन केवल नियमित रूप  यानि केवल दो से चार बूंदों का ही सेवन करना चाहिये | इस दवा का सेवन किसी भी वर्ग व किसी भी उम्र के व्यक्ति कर सकते  है |

अमृतधारा के कुछ बहतरीन ब्रांड

  • हर्बल अमृतधारा |
  • दिव्यधारा |
  • बैद्यनाथ अमृतधारा |
  • अमृतधारा |

अमृतधारा के दुष्प्रभाव

जैसे की आपको पहले ही बताया गया है | इस दवा का सेवन केवल नियमित मात्रा में ही करना चाहिये | अधिक मात्रा में सेवन करने से आपको दस्त, उल्टी व चक्कर जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है | गर्भवती महिला को इस दवा का सेवन कराने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह जरुर लेना चाहिये | यदि आप इस लेख से जुड़े किसी सवाल को पूछना व कुछ परामर्श लेना चाहते है | तो हमारे कमेन्ट बॉक्स में हमे जरुर बताये |

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