एलोवेरा के प्रयोग से फायदे – Benefits Of Alovera In Hindi

एलोवेरा के फायदे और नुकसान - Benefits And Loss Of Alovera In Hindi

एलोवेरा जिसे घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है, एक बहुत ही लाभकारी और चमत्कारी औषधि होती है | आयुर्वेद के विशेषज्ञों द्वारा इसे प्रक्रति की सबसे प्रभावशाली और चमत्कारी औषधि माना गया है | एलोवेरा को आंतरिक और बाह्य दोनों ही रूपों में प्रयोग करना फायदेमंद होता है | एलोवेरा में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, बी1, बी2, बी3, बी6, बी12, विटामिन सी, विटामिन इ, और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते है | इसके पत्तो के जैल में कई खनिज जैसे तांबा, आयरन, सोडियम, कैल्शियम, जिंक, पोटेशियम, क्रोमियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं |

एलोवेरा को आसानी से घरों में गमलो में लगाकर उगाया जा सकता है इसके अलावा इसे बिभिन्न रूपों जैसे जैल, पाउडर, फेस वाश आदि के रूप में आसानी से बाजार से ख़रीदा जा सकता है | कई कंपनी इससे जुड़े कई प्रोडक्ट्स का उत्पादन करती है जो की सही मूल्य में सही चीज आसानी से उपलब्ध कराती है | आप बाजार से अपनी जरुरत के आधार पर एलोवेरा को खरीद सकते है |

एलोवेरा के स्वास्थवर्धक फायदे :

एलोवेरा में पाए जाने वाले सभी खनिज और पोषक तत्व मानव शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होते है जिससे एलोवेरा बहुत ही लाभकारी साबित होता है | एलोवेरा सामान्य सी बिमारियों को खत्म करने के साथ साथ बहुत सी घातक बिमारियों में भी एलोवेरा बहुत लाभदायक होता है | तो आइये जानते है चमत्कारी एलोवेरा के स्वास्थ से जुड़े लाभकारी फायदे –

त्वचा के लिए लाभकारी –

एलोवेरा में पाए जाने वाले खनिज तत्व और पोषक तत्व मानव शरीर की त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है | चेहरे पर एलोवेरा के जैल को लगाने से यह त्वचा में नई कोशिकाओं को उत्पन्न करने में मदद करता है और पुरानी कोशिकाओं को मजबूत करता है | जिससे यह त्वचा को हाइड्रेट करके पोषित रखता है और चेहरे पर चमक और ग्लो को बढ़ाता है | इस सबके साथ एलोवेरा त्वचा में होने बाली जलन, संक्रमण, एलर्जी और धुप से होने बाली समस्यायों को ख़त्म करने में लाभकारी होता है |

मुहांसों में फायदेमंद –

एलोवेरा त्वचा में पुरानी कोशिकाओ में जान डालने और नई कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है जिससे त्वचा में वसामय ग्रंथियां और तेज काम करना शुरू कर देती है जिससे अधिक तेल का उत्पादन होने लगता है जिससे मुहांसे की समस्या खत्म हो जाती है |

मुहांसे की समस्या होने पर दिन में दो बार चेहरे पर एलोवेरा का जैल लगाना बहुत ही फायदेमंद होता है यह मुहांसों को समाप्त करके त्वचा को साफ़ और चमकदार बनाता है |

बालों के लिए फायदेमंद –

एलोवेरा एक बहुत ही अच्छा प्राक्रतिक मोइस्चराइजर होता है जिससे यह सर की त्वचा के पी.एच. स्तर को संतुलित रखता है | एलोवेरा में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की वजह से यह बालो के पोषण में लाभकारी होता है | एलोवेरा बालो को काला रखकर उन्हें घना और झड़ने से रोकने का काम करता है | रुसी की समस्या होने पर भी एलोवेरा का प्रयोग करना लाभकारी होता है |

बालो से जुडी समस्या होने पर एलोवेरा की दो पत्तियों के जेल में आधे निम्बू का रस मिलाकर अच्छे से मिश्रण तैयार कर ले | बालो को थोडा सा बिलकुल हल्का सा गीला करके इस मिश्रण को हाथो से बालो में जड़ो तक लगाये जब यह मिश्रण अच्छे से बालों में लग जाये तब अपने बालों को तौलिये से लपेट कर पंद्रह से बीस मिनट के लिए छोड़ दे | अब बीस मिनट बाद अपने बालो को शैम्पु से धो ले | एक हफ्ते में तीन बार इस प्रक्रिया का उपयोग करे जल्द ही लाभ मिलेगा |

मसूड़ों को स्वस्थ बनाये –

एलोवेरा में एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी – बैक्टेरियल गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है जिससे यह मुंह में होने वाले संक्रमण को दूर करने और दांतों और मसुडो को मजबूत बनाने में बहुत ही लाभकारी होता है | एलोवेरा में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते है जिससे यह कोशिकाओं को पोषित करके कोशिकाओं के विकाश को बढाता है और दांतों और मसूड़ों से आने वाले खून, साँसों की दुर्गन्ध और मुंह में होने वाले अल्सर की समस्या से दूर रखता है |

मसूड़ों और दांतों से जुडी समस्या होने पर एलोवेरा के जैल से मसूड़ों की मालिश करने पर तुरंत ही आराम मिल जाता है इसके साथ ही आप प्रतिदिन ब्रश करते समय अपने ब्रश पर लगे पेस्ट पर थोडा सा एलोवेरा पाउडर को छिड़ककर इसका उपयोग कर सकते है | एलोवेरा के एक गिलास जूस का प्रतिदिन सेवन करने से यह दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाता है |

कब्ज से राहत दिलाये –

एलोवेरा में सभी खनिज तत्वों के साथ फाइबर बहुत ही अच्छी मात्रा में पाया जाता है और फाइबर पाचन तंत्र को सुधारकर कब्ज की समस्या को ख़त्म करने में बहुत ही लाभकारी होता है | इसके रस का नियमित रूप से सेवन करने से यह कब्ज के समस्या को ख़त्म करने में लाभकारी होता है | कब्ज की समस्या होने पर दो औंस एलोवेरा के जूस का सेवन करने से लगभग दस से बारह घंटे में ही आश्चर्यजनक फायदे देखने को मिलते है |

वजन घटाने में  फायदेमंद –

एलोवेरा में पाए जाने वाले खनिज तत्व पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते है | जिससे शरीर एक्स्ट्रा जमा फैट से एनर्जी लेना शुरू कर देता है इससे वजन कम करने में लाभ मिलता है | वजन अधिक होने पर सुबह शाम इसके जूस का प्रतिदिन सेवन करना लाभकारी होता है |

सूजन और दर्द से राहत  –

एलोवेरा में दर्दनाशक गुण अच्छी मात्रा में पाए जाते है जिससे यह जोड़ो पर होने बाली सूजन और दर्द में लाभकारी होता है | जोड़ो में दर्द और सूजन की समस्या होने पर इसके एक गिलास जूस का नियम से सुबह शाम सेवन करने से दो हफ्तों में लाभकारी परिणाम आ जाते है | अपने इन्ही गुणों के कारण यह अल्सरेटिव कोलाइटिस और गठिया के उपचार में भी लाभकारी साबित होता है |

मधुमेह में लाभकारी –

एलोवेरा जड़ी मधुमेह की समस्या से ग्रसित लोगो के लिए चमत्कारी औषधि के रूप में काम करता है | यह मानव शरीर के रक्त में शर्करा ( शुगर ) के स्तर को संतुलित रखने के साथ साथ इन्सुलिन के उत्पादन को भी संतुलित रखने का काम करता है | मधुमेह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए तीन महीने तक लगातार इसके एक गिलास जूस का प्रतिदिन नियम से सुबह के समय सेवन करना बहुत ही लाभकारी साबित होता है |

कोलेस्ट्रॉल कम करने में लाभकारी –

एक रिसर्च में यह पता चला की एलोवेरा में पाए जाने वाले तत्व और खनिज पदार्थ मानव शरीर के पोषण के लिए बहुत ही जरुरी होते है | इससे कोलेस्ट्रोल के मात्रा अधिक हो जाने पर इसका उपयोग करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है | यह हानिकारक कोलेस्ट्रोल को ख़त्म करके अच्छे कोलेस्ट्रोल के उत्पादन में मदद करता है जिससे यह कोलेस्ट्रोल के स्तर को संतुलित रखने में लाभकारी होता है |

नोट : कोलेस्ट्रोल की समस्या होने पर एलोवेरा का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से इसकी सही मात्रा और प्रयोग करने का तरीके के बारे में परामर्श जरुर कर ले |

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए –

एलोवेरा में एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी – बैक्टेरियल गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है जिससे यह मानव शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में लाभकारी होता है | इसके एक गिलास जूस को नियमित रूप से सुबह के समय पीने से यह बैक्टीरिया और संक्रमण से होने बाली बीमारियों से शरीर की सुरक्षा करता है |

इसके प्रयोग से होने वाले नकारात्मक प्रभाव :

  • स्तनपान कराने बाली महिलाओं को एलोवेरा के जूस का सेवन नुकसानदायक होता है |
  • गर्भवती महिलाओं को एलोवेरा के सेवन से बचना चाहिए |
  • बारह साल से कम उम्र के बच्चो को इसका सेवन नहीं करना चाहिये |
  • अगर आप पहले से किसी भी बिमारी की दवाइयों का सेवन कर र्राहे है तो साथ में इसका सेवन नहीं करना चाहिए |
  • हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों को एलोवेरा का सेवन डॉक्टर से परामर्श करके ही करना चाहिए |
  • अत्यधिक मात्रा में एलोवेरा का सेवन कई तरीकों से नुकसान दायक साबित होता है इसीलिए इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए डॉक्टर की बताई मात्रा में ही एलोवेरा का सेवन करना चाहिए |
  • ज्यादा मात्रा में इसका सेवन गुर्दे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है |
  • एलोवेरा को किसी भी बीमारी में उपयोग करने से पहले इसकी सही मात्रा और तरीके के बार में अपने डॉक्टर से परामर्श जरुर कर लें |