दांत टेड़े होने से रोकने के उपाय -Theeth Treatment In Hindi

टेढ़े दांत का इलाज व कारण

स्वास्थ्य सुझाव

आज के युग के खान-पान के कारण कई नई बीमारियाँ पैदा हो रही है । हम यह नहीं कह रहे कि आप यह खाना बंद कर दे परन्तु एक उचित मात्रा और खाने को साफ तरीके से खाएं । इस प्रकार के सेवन के बाद यदि आप अपने दांतों की देखभाल अच्छे तरीके से नहीं करते है, तो आपको दन्त से संबधित कई प्रकार की परेशानी हो सकती है । अधिकतर छोटे बच्चे अपने टीथ की सफाई सही से नहीं करते है, जिसके कारण कभी-कभी इसके दुष्प्रभाव के कारण उनके दन्त टेढ़ हो जाते है ।


अगर आपके शिशु के दांत सीधे न होकर टेढ़े तो इसका प्रभाव उसके शारीरीक रूप पर तो पड़ता ही है, साथ ही उसका नकारात्मक प्रभाव उसके व्यक्तिव पर पूर्ण रूप से होता है । इस कारण कई बच्चे तो संकोची हो जाते है । इनके चेहरे की प्राकतिक सुदंरता समाप्त हो जाती है, दांत टेढ़े हो जाने के कारण कई बार आपके शिशु उनके दोस्तो के बीच हसीं का पात्र बन जाते है | इससे उनके दिमाग पर गहरा असर हो सकता है । कई शोधकर्ताओं नें दन्त टेढ़े हो जाने की सही वजह का पता नहीं लगा पाया है । अधिकतर यह समस्या बच्चों में ही होती है, बच्चों के टीथ की उचित देखभाल करना चाहिए जिससे आप के शिशु को इस समस्या का सामना न करना पड़े।

टीथ टेढ़े होने के कुछ कारण

दांतों की सही प्रकार से देखभाल न करना,उनकी सफाई पर ध्यान न देने से भी यह समस्या हो सकती है।

  • अगूठां चूसना बच्चों की एक आम आदत है, इससे उन्हें मानसिक शांति व सुरक्षा की भावना प्राप्त होती है । यह केवल छोटे बच्चों के लिए सही आदत मानी जाती है, चार साल का होने के बाद आपको यह प्रत्यन्न करना चाहिए कि आपके बच्चे की यह आदत समाप्त हो जाए । परन्तु यदि आपका शिशु चार साल होने के बाद भी अंगूठा चूसता है, तो इसके कारण उसके दांत जबड़े को बाहर की तरफ निकाल देते है। जिससे जबड़े अपने निर्धारित स्थान से हट जाते है और अपने नए स्थान पर विकसित होने लगते है । इस कारण आपके बच्चे के टीथ टेढ़े हो जाते है।
  • कई बार हमारे शिशु द्वारा उनके दांत की सफाई सही तरीके से नही कि जाती है । यह उनके दन्त खराब होने का दूसरा बड़ा कारण है । हमारे बच्चें थोडे़-थोडे़ समय के अंतराल में कुछ न कुछ खाते रहते है, जिससे उनके टीथ के मध्य में आहार फसा रहता है । इसके कारण उनके दांतों में कीटाणु उत्पन्न हो जाते है । आप अपने बच्चों के टीथ को प्रति आहार के बाद साफ कर नही सकते, परन्तु आप उसको सुबह और शाम को दन्त को अच्छी तरह से साफ करने की आदत डालें । कीटाणुओ के कारण ही बच्चों के टीथ टेड़े हो जाते है ।
  • कई बार बच्चों के दूध के दांत किसी दुर्घटना के कारण समय से पहले ही टूट जाते है । इस स्थिति में टूटे दांतों के आस-पास दन्त को फैलने का मौका मिल जाता है और इसके कारण जबड़े का स्थान परिवर्तित हो जाता है । इस स्थान परिवर्तन के कारण आपके शिशु के टीथ झुक जाते है।
  • बच्चों के दांत कई बार उनके पेट के बल ( उल्टा सोने की आदत ) सोने की वजह से भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। यह आपको बहुत अजीब लगता है,  लेकिन यह सत्य है ।

टेडे़ दन्त से बचने के उपाय

  • हमें अपने बच्चों को, रेग्यूलर दांतों के डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए । अससे उसके दन्त की समस्या बचपन में ही सही हो जाती है ।
  • अधिकतर बच्चों को अपने दन्त से होंठो को काटने व अंगूठा को चूसने की आदत होती है, आप उसकी इस आदत को छुडवाने का प्रयत्न कीजिए ।
  • डॉक्टर के द्वारा आप अपने बच्चों के दांतों में ब्रेसिस लगवा सकते है ।
  • कई बार बच्चों के दूध के दांत टूटने से पहले ही पक्के दांत उसके स्थान पर आने शुरू हो जाते है, ऐसा होने पर आप उसे डॉक्टर के पास ले जांए और उचित परामर्श लें ।

डॉक्टर के द्वारा उपचार

यदि आपके शिशु के दांत टेडे़ हो गये है, तो आप ज्यादा परेशान न हो क्योंकि इसका इलाज संभव है । इस प्रकार की समस्या से आपको खाना खाने, बोलने में काफी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है । यदि इनका उपचार सही समय पर न किया जाए तो शिशु का मानसिक संतुलन भी खराब हो सकता है । इसका उपचार निम्न प्रकार हो सकता है

दबाब डालकर

दांतों पर दवाब डालकर दांतो को सीधा और अन्दर किया जा सकता है इसके लिए चिकित्सक प्लास्टिक या अन्य किसी धातु की तार का प्रयोग करते है, इसे हम ब्रेसेस कहते है । इसे दांत पर बांध कर टीथ पर दवाब डाल कर उन्हें सही किया जाता है । आपको यह तार लगभग 8 से 12 महिनों तक लगाना पड़ता है । इसके द्वारा दांत धीरे-धीरे सीधे होते है, कई बार तो इसे बहुत समय तक लगाना पड़ता है । ब्रेसेस लगने के बाद आपको खाना खाने में काफी परेशानी होती है । इसका कारण यह है खाना के कण इसमें फॅंस जाते है, ब्रेसेस दन्त पर लगने पर यह दिखने पर अच्छे नहीं लगते है। टीथ पर ब्रेसेस दो तरह से लगते है-

स्थायी ब्रेसेस

यह ब्रेसेस लगाने पर दांतों के ठीक ऊपर निरंतर एक दबाव पड़ता रहता है, इस  दबाव पडने के कारण हमारे दन्त अपने निश्चित स्थान पर धीरे – धीरे आ जाते है । इस तरीके से आपके दन्त के बीच होने बाले अंतर को कम किया जा सकता है।

अस्थायी ब्रेसेस

अस्थायी ब्रेसेस में चिकित्सक एक प्लास्टिक टीथ कैप देते है, जिसे आपको अपने दांतों पर लगाना होता है । इसका आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी लगा सकते है, और कभी भी निकाल सकते है । इस तरीके से टीथ को सीधा करने में स्थायी तरीके की तुलना में काफी अधिक समय लगता है । 

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