आर्थराइटिस का इलाज – Arthritis Treatment In Hindi

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जाने आर्थराइटिस के इलाज के बारे में

आर्थराइटिस को गठिया या संधिशोथ के नाम से भी जाना जाता है | यह एक प्रकार की जोड़ो में सूजन होती है | जो एक या अधिक जोड़ो को प्रभावित कर सकती है | आर्थराइटिस की समस्या हमारे समय के साथ विकसित होते रहते है | कभी कभी ये हमारे शरीर पर अचानक भी दिखाई देने लगते है | जिससे हमारे शरीर को कठनाई का सामना करना पड़ता है | वैसे तो ये समस्या केवल 60 वर्ष के व्यक्तिओं में ही देखने को मिलती है |

लेकिन अगर शरीर का सही प्रकार से ध्यान ना दिया जाये | तो ये समस्या किसी भी उम्र में हमारे शरीर को परेशान कर सकती है | वैसे ये समस्या पुरषों की तुलना में महिलायों को अधिक इस समस्या का सामना करना पड़ता है | जो व्यक्ति अधिक मोटापे के शिकार होते है | उनको भी इस प्रकार की समस्या होने लगती है | इसीलिए आज आपको हम आर्थराइटिस के बारे में पूर्ण जानकारी देने जा रहे है |तो आइये जानते है आर्थराइटिस के प्रकार के बारे में |

जाने आर्थराइटिस कितने प्रकार का होता है

आर्थराइटिस मुख्य तौर पर दो प्रकार के होते है

  1. ऑस्टियोआर्थराइटिस
  2. रूमेटाइड आर्थराइटिस

 इस हड्डी रोग के मुख्य कारण

आर्थराइटिस की समस्या हमारे शरीर में कई कारणों से जन्म लेती है | अगर आप अपने शरीर का सही रूप से ध्यान नही देते है | तो इसकी वजह से आपको कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है | तो आइये जानते है आर्थराइटिस के कुछ जरुरी व मुख्य कारणों के बारे में

अधिक मोटापा होती है समस्या आर्थराइटिस की

यदि कोई व्यक्ति का वजन सामान्य से अधिक है | तो उस वयक्ती को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | क्यूकि अधिक मोटापे की वजह से हमारे शरीर की हड्डियों कमजोर होने लगती है जिसकी वजह से हमारे शरीर को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है |

इम्यून सिस्टम कमजोर होने की वजह से होती है आर्थराइटिस की समस्या

इम्यून सिस्टम हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत मदद करता है | अगर किसी कारण हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाये | तो इसकी वजह से हमारे शरीर को कई प्रकार की समस्या होने लगती है | आर्थराइटिस भी इसी समस्या का एक हिस्सा होता है | जिसके कारण हमारे शरीर को परेशानी का सामना करना पड़ता है |

सामान्य चोटें की वजह से भी होती है समस्या

अगर आपके जोड़ो पर किसी भी प्रकार की कोई चोट लगी हुई है | अगर उस चोट को अनदेखा कर दिया जाये या फिर उपचार करवाने में देरी की जाये तो भी हमारे शरीर को आर्थराइटिस की समस्या हो सकती है | क्यूकि आर्थराइटिस जोड़ो में चोट की वजह से अधिक उत्पन्न होता है | इसीलिए अपनी चोट को अनदेखा ना करे |

क्यों होती है आर्थराइटिस की समस्या

कार्टिलेज हमारे जोड़ो का एक नर्म और लचीला उत्तक होता है | जब हम चलते है या फिर अपने जोड़ो पर किसी भी प्रकार का कोई दवाव डालते है | तो यही हमारे जोड़ो में शर और शॉक को अवशोषित करके हमारे जोड़ो को बचाता है | अगर हमारे जोड़ो में कार्टिलेज उत्तक की मात्रा कम होने लगे |

तो इसकी वजह से हमारे जोड़ो में आर्थराइटिस जैसी समस्या होने लगती है | गठिया का एक और आम रूप है रुमेटी आर्थराइटिस भी होता है | यह एक प्रकार का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है | इसकी शुरुआत हमारे शरीर में जब होती है जब हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के ऊतकों पर हमला करने लगती है |

जिससे हमारे सिनोवियम जो हमारे जोड़ो में पाया जाता है | उस पर असर पड़ता है | सिनोवियम एक प्रकार का नर्म टिशु होता है | यही हमारे जोड़ो में एक लिक्विड बनता है | जिससे हमारे जोड़ो के कार्टिलेज को पोषण व चिकनाई मिलती हैं | रुमेटी गठिया सिनोवियम से जुडी समस्या होती है | जो हमारे कार्टिलेज को खत्म करने लगती है |

इसके के लक्षण

  • जोड़ों में दर्द का होना |
  • जोड़ों में जकडन का होना |
  • जोड़ो में सूजन का होना |
  • जोड़ो का लाल हो जाना |
  • भूख में कमी का आना |
  • घुटने, कूल्हे, कंधे, हाथ या पूरे शरीर में दर्द का होना |
  • जोड़ो में गांठ का बनना |
  • जोड़ो में उभार का आना |
  • चलने में दिक्कत मह्सुश होना |

आदि की समस्या शुरू हो जाती है | अगर इसका सही समय पर उपचार ना कराया जाये तो हमारे जोड़ो खराब भी हो सकते है | इसीलिए अब आइये जानते है | लक्षण दिखते ही कैसे करे इसका घर पर ही आसन इलाज |

 घरेलु उपचार

आर्थराइटिस का आसन उपाय है अदरक

अदरक में एंटी-फंगल, एंटी-इन्फ्लैमैट्री, एंटी-सेप्टिक, एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल और एंटी-सिव के साथ साथ ए, सी, ई और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन्स, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सिलिकॉन, सोडियम, लौह, जस्ता, कैल्शियम और बीटा-कैरोटीन जैसे गुणकारी तत्व होते है | जो हमारे शरीर को स्वास्थ बनाने में बहुत मदद करता है | आर्थराइटिस की समस्या के लिए इसका सेवन चाय के रूप में रोजन सुबह व शाम करने से हमारी आर्थराइटिस की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है |

आर्थराइटिस से छुटकारा दिलाता है लहसुन

लहसुन विभिन्न प्रकार के विटामिन और पोषक तत्वों से भी भरपूर है। इसमें विटामिन बी 1, बी 6 और सी के साथ- साथ मैंगनीज कैल्शियम, तांबा, सेलेनियम और कई औषधीय गुणों की वजह से हमारे शरीर की कई समस्या को दूर करने में मदद करता है | आर्थराइटिस की समस्या के लिए आपको इसका सेवन कुछ इस प्रकार करना चाहिये | सबसे पहले सुबह 3-4 कच्चे लहसुन की कलिया को चबाकर खाने से हमारे शरीर की कई समस्या का उपचार बहुत आसानी से हो जाता है |

आर्थराइटिस से बचने का उपाय होता है लाल मिर्च

लाल मिर्च आर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में बहुत प्रभावी मानी जाती है | इसके सक्रिय संघटक में से एक होते है | इसमें पाया जाने वाला कैप्साइसिन जो हमारे दर्द को कम करने में बहुत अच्छा मानाजाता है | ये मलहम या क्रीम कैप्साइसिन से मिलकर बने होते हैं | यह दर्द का इलाज करने में भी प्रभावी होती है | कैप्साइसिन नसों के दर्द को उत्तेजित करता है, इस प्रकार इससे दर्द कम हो जाता है |

आर्थराइटिस ठीक करने का उपाय है हल्दी

हल्दी में कई गुणकारी तत्व होते है | यह प्रोटीन, फाइबर, नियासिन, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, पोटेशियम, कैल्शियम, तांबे, आयरन, मैग्नीशियम और जस्ता जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर है। इन सभी पोषक तत्वों के कारण, हल्दी अक्सर स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए प्रयोग की जाती है।हल्दी सूजन, घाव, त्वचा के स्वास्थ्य और मासिक धर्म जैसी समस्या के लिए बहुत लाभकरी माना जाता है | आर्थराइटिस की समस्या को खत्म करने के लिए इसका प्रयोग कुछ इस प्रकार करे | 4 से 5 ग्राम हल्दी को पानी में डालकर उबाल लें। जब यह ठंडा हो जाएँ तो गठिया दर्द और सूजन से राहत के लिए इसका सेवन करें |

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