अपेंडिक्स का सफल इलाज – Appendicitis Treatment In Hindi

अपेंडिक्स का सफल आसन उपचार

अपेंडिक्स बीमारी का नाम शरीर में स्तिथ अपेन्डिसाइटिस नामक अंग पर रखा गया है | यह अंग हमारे शरीर में स्तिथ बड़ी आंत में होता है | जिसकी लम्बाई दो से तीन इंच तक होती है | इसी अंग में सुजन आ जाने के पर इसको अपेंडिक्स के नाम से जाना जाता है | इस बीमारी के शुरुआत में हमारे पेट में दर्द शुरू हो जाता है | अगर इस दर्द का उपचार न कराया जाये | तो ये दर्द धीरे धीरे एक गंभीर रूप धारण कर लेता है | ये दर्द चलने, छींकने व पेट को दबाने से और भी तेज दर्द होने लगता है | ये बीमारी दो प्रकार की होती है |

  1. एक्यूट – में हमें तेज दर्द का सामना करना पड़ता है | अगर सही समय पर उपचार ना कराया गया तो अपेंडिक्स फट भी सकता है |
  2. क्रोनिक – में दर्द रुक रुक कर होता है | ओर पेट में सूजन रहती है |

इस बीमारी के गंभीर होते ही आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर अपेंडिक्स की सर्जरी करवा लेनी चाहिये | क्युकी अपेंडिक्स जैसी बीमारी के गंभीर होने पर डॉक्टर केवल सर्जरी की ही सलाह देते है |क्युकी अधिक समय तक इसका सही उपचार न करवाने से अपेंडिक्स फट भी सकता है | जिसके कारण मरीज की जान भी जा सकती है | इस सर्जरी का नाम अपेन्डेक्टमी होता है | एक शौध में बताया गया है | की केवल भारत में ही इस बीमारी से लगभग हर साल पांच लाख लोग अपनी जान गवा देते है | अब आइये जानते है | इस बीमारी के कारण के बारे में |

अपेंडिक्स होने का कारण

अपेंडिक्स की मुख्य वजह संकर्मण ही होता है :- कई बार हमारे द्वारा कुछ गलत या बासी भोजन को बिना गर्म किये बिना सेवन करने से हमारे पेट में वैक्टीरिया जन्म ले लेता है | जो हमारे अपेन्डिसाइटिस के छेद को बंद करके वहा बलगम जैसा पर्दाथ को जमा कर देता है | जिससे हमारा मल पूर्णरूप से बहार नही निकल पाता है | और धीरे धीरे वह मल हमारे आंत के छिद्रों में जमा होकर एक कठोर रूप धारण कर लेता है | जिसे फेकलिथ के नाम से जाना जाता है | जो हमारे अपेंडिक्स की मुख्य वजह बनता है |

अपेंडिक्स होने पर शरीर में दिखने वाले लक्षण

  • मल करते समय पेट में दर्द का होना |
  • पीठ में दर्द अधिक होना |
  • भूख में कमी आ जाना |
  • बार बार चक्कर और उल्टी का आना |
  • दस्त या कब्ज का होना |
  • मूत्र विसर्जन में पीड़ा का होना |
  • बहुत अधिक बुखार का आना |
  • नाभि के नीचे दर्द का होना |

ये सभी लक्षण वाइरल गैस्ट्रोएंट्राइटिस व अपेंडिक्स दोनों  के भी लक्षण माने जाते है | लेकिन अपेंडिक्स के लक्षणों को आप कुछ इस प्रकार पहचान सकते है |

पेट दर्द होने पर इस प्रकार पह्चाने अपेंडिक्स को

अगर आपको तेज पेट दर्द या फिर नाभि के नीचे तेज दर्द का सामना करना पड़ रहा है | इस बीमारी का पता लगाने के लिए आपको अपने पेट को हल्का दबा कर देखना चाहिए | अगर दबाने से पेट का दर्द बढ़ जाये या फिर नरमी महसूस हो |तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर अपना उपचार करवाना चाहिए |

पेट में किसी प्रकार के कठोरपन को नज़रअंदाज न करे

जब आप पेट को दबाते हैं | तब आपकी उंगली थोड़ी भी अंदर जाती है | तो यह इस बिमारी का लक्षण नही होता है |लेकिन अगर आपका पेट तना हुआ या फिर कठोर लगे | तो पेट में कठोरपन अपेंडिसाइटिस का एक अन्य लक्षण माना जाता है |

गर्भवती महिला व बच्चे में दिखने वाले लक्षण

गर्भवती महिलाओं के पेट में दर्द नाभि के ऊपर होता है | क्योंकि जब महिलाएं गर्भवती होती हैं | तब अपेंडिक्स थोड़ी ऊंचाई पर होता है | वही बच्चों में पेट का दर्द आमतौर पर नाभि के नीचे होता है | बच्चे को दर्द के साथ उल्टियाँ तथा पेट में सूजन भी होती है | बच्चे में अपेंडिसाइटिस होने पर कभी कभी खाने में समस्या होती है |

अपेंडिक्स का सफल इलाज

नीबू व शहद से करे अपेंडिक्स की समस्या को दूर

अपेंडिक्स हो जाने पर नीबू व शहद की सलाह तो डॉक्टर भी देते है | क्यूकि नीबू व शहद में साइट्रिक अम्ल, -पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैगनेशियम, तांबा, फास्फोरस और क्लोरीन जैसे तत्वों के कारण ही डॉक्टर इसके सेवन की सलाह देते है | इसका सेवन करने से हमारे आंत में जमा बलगम व संकर्मण धीरे धीरे ख़त्म हो जाता है | ओर हमारी अपेंडिक्स जैसी बीमारी की समस्या पूर्णरूप से समाप्त हो जाती है | आपको इसका सेवन कुछ इस प्रकार करना चाहिए | सबसे पहले नीबू के रस को गुनगुने पानी में निकलकर उसमे शहद मिलाकर खाली पेट सेवन करने से हमारे पेट में जमा गंदगी साफ़ हो जाती है | और हमारे शरीर को दर्द व सुजन से जल्दी छुटकारा मिल जाता है |

दूध का सेवन फायदेमंद होता है अपेंडिक्स के लिए

दूध अपेंडिक्स जैसी समस्या का एक आसन व सस्ता घरेलु उपाय होता है | केल्शियम और बिटामिन A, बिटामिन बी6,निसिन और एंटीऑक्सिडेंट के साथ साथ सिलेनियम व फोलिक एसिड भी पाया जाता है | जो हमारे आंत में आई सुजन को ख़त्म करके हमारे पेट को स्वास्थ बनाता है | इस बीमारी के उपचार के लिए आपको बकरी के दूध का सेवन करना चाहिए | क्यूकि बकरी के दूध में वसा की मात्रा बहुत कम होती है | जिससे ये हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है |

गाजर व चुकंदर के जूस से करे अपेंडिक्स की समस्या को जड़ से ख़त्म

गाजर व चुकंदर में बिटा-केरोटिन, सोडियम, पोटोशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, सल्फर, क्लोरिन, विटामिन A, विटामिनB, विटामिनB, विटामिनC, विटामिनG, विटामिनB1, विटामिनB2 जैसे तत्व हमारे अपेंडिक्स की समस्या को पूरी तरह ख़त्म कर देते है | आपको इनके जूस का सेवन खली पेट सुबह व शाम का खाना खाने के दो घंटे पहले करना चाहिए | इसके नियमित सेवन से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को को बढाने में भी मदद मिलती है |

अदरक से करे अपेंडिक्स की समस्या को जड़ से ख़त्म

अदरक की चाय का नियमित सेवन करने से हमारे रोग-प्रतिरोधक क्षमता व रक्त संचार पर अच्छा असर पड़ता है | क्यूकि अदरक में कई एंटीऑक्सिडेंट व विटामिन्स पाए जाते है | जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में हमारी बहुत मदद करते है | अपेंडिक्स की समस्या होने पर आपको अदरक के चूर्ण का सेवन शहद के साथ मिलाकर करना चाहिए | इसके सेवन से आपके आंत में जमा बलगम व फेकलिथ धीरे धीरे साफ़ होने लगता है |

अगर आप भी अपेंडिक्स जैसी समस्या से परेशान है | तो आपको ऊपर दिए हुए सभी उपायों को समय रहते प्रयोग कर लेना चाहिए | ओर अगर आप पेट से जुडी किसी अन्य समस्या से ग्रस्त है | ओर उसका घरेलु उपचार ढूढ़ रहे है | तो हमारे कमेन्ट बॉक्स में हमें जरुर बताये |