चिंता या एनज़ाइटी रोग का इलाज – Anxiety Treatment In Hindi

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चिंता या एनज़ाइटी का सफल इलाज

चिंता की समस्या से आजकल हर व्यक्ति ग्रस्त है | इस समस्या को एनज़ाइटी के नाम से भी जाना जाता है | यह एक प्रकार की मानसिक बीमारी होती है | जिसका सही समय पर उपचार ना करने की वजह से हमारे जीवन में कई प्रकार की दिक्कत की समस्या होने लगती है | इस समस्या का सबसे अधिक असर पीड़ित व्यक्ति से जुड़े लोगो पर पड़ता है | इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति हमेशा किसी ना किसी चिंता और भय से ग्रस्त बना रहता है | यह समस्या केवल एक निश्चित प्रकार के वयवहार के कारण ही आपके शरीर में जन्म लेती है | इसीलिए आज आपको हम चिंता या एनज़ाइटी जैसी गंभीर समस्या के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे है | तो आइये जानते है इसको विस्तार से |

एनज़ाइटी के प्रकार के बारे में

एनज़ाइटी या चिंता कई प्रकार की हो सकती है | तो आइये जानते है इसके प्रकार के बारे में |

सामान्यकृत चिंता – सामान्यकृत चिंता की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति बिना किसी कारण के अत्यधिक चिंता करने लगता है | सामान्यकृत चिंता का उपचार केवल तब किया जा सकता है | अत्यधिक चिंताएं छह महीने या उससे अधिक समय तक ही इसकी समस्या बनी रहती हैं |

सामाजिक चिंता की समस्या – सामाजिक परिस्थितियों का सामना करने में लगने वाला डर और दूसरों के द्वारा अपमानित होने का गंभीर सामाजिक डर को ही सामाजिक चिंता कहते है | इससे पीड़ित व्यक्ति अपने आप को अकेला और शर्मिंदा महसूस करता है |

पोस्ट-ट्रोमैटिक तनाव – यह समस्या हमारे शरीर को तब परेशान करती है | जब आपके साथ कुछ दर्दनाक अनुभव हुआ हो | इस समस्या के लक्षण हमारे शरीर में तुरंत नज़र आने लगते है | ये समस्या केवल युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं या शारीरिक हमले की वजह से होती है |

जुनूनी-बाध्यकारी की समस्या – जुनूनी-बाध्यकारी भी एक प्रकार की एनज़ाइटी की समस्या मानी जाती है | जुनूनी-बाध्यकारी से पीड़ित लोग बार-बार कोई विशेष प्रकार का कार्य करने की इच्छा से जाग्रत होते रहते है | जैसे की बार हांथ का धोना, सफाई करना या फिर किसी चीज को बार बार गिनना आदि |

फोबिया की समस्या – फोबिया भी एक प्रकार की एनज़ाइटी की समस्या होती है | जैसे की ऊंचाइयों से डरना, पानी से डरना, फालतू की हरकत को अंजाम देना | इस समस्या में व्यक्ति को उस स्थिति से बचने की तीवर इच्छा महसूस होती है |

पैनिक समस्या – पैनिक समस्या के कारण आपके शरीर में एक पेनिक अटैक होता है | जो आपके लिए गहरी चिंता व डर का कारण बनता है | इस समस्या के कारण हमारे शरीर की दिल की धड़कनें, घबराहट, छाती में दर्द और सांस लेने में तकलीफ लेने की समस्या होने लगती है | इस प्रकार की परेशानी हमारे शरीर को किसी भी समय हो सकती है | अगर आप किसी भी प्रकार की एनज़ाइटी से ग्रस्त है | तो आपको भी इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है |

अब आइये जानते है एनज़ाइटी या चिंता के लक्षण के बारे में

चिंता के कुछ सामान्य लक्षण पाए जाते है |जैसे

  • घबराहट के साथ साथ भय और बेचैनी का होना |
  • नींद सम्बंधित समस्या का होना |
  • शांत और स्थिर रहने में अक्षमता |
  • हाथ या पैर का ठंडा पड़ना या फिर अधिक पसीना आना |
  • शरीर का सुन्न या झुनझुनाहट होना |
  • सांस लेने में दिक्कत आना
  • जी मिचलाना की समस्या का होना |
  • चक्कर की समस्या का होना |
  • तेजी से साँस का लेना |
  • शरीर में कमजोरी और सुस्ती का आना |
  • पाचन या जठरांत्र संबंधी समस्या का होना |
  • किसी भी चीज के बारे में सोचने में कठनाई का होना |

अब आइये जानते है एनज़ाइटी या चिंता किसी वजह से हमारे शरीर में जन्म लेती है | वैसे तो अभी तक इसके मुख्य कारण के बारे में पता नही चल पाया है | लेकिन कई शोधकर्ताओं के द्वारा ऐसा माना जाता है कित वयवहार, जैसे आकुलता ही इसका मुख्य कारण होता है | वैसे डरना, शरीर के अस्तित्व तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है | इसीलिए अभी तक इस समस्या के कारणों के बारे में ठीक तरह से पता नही चल पाया है |

चिंता होने की कुछ मुख्य वजह

आघात की समस्या का होना – आघात की समस्या के कारण भी आपके शरीर को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | अगर किसी बच्चों ने आघात या कोई दर्दनाक घटनाओं का सामना किया है | तो उसको अपने पूरे जीवनकाल में इस प्रकार की समस्या से जूझना पड़ सकता है |

लम्बे समय तक बीमारी या फिर तनाव के कारण – यदि कोई वयक्ती लम्बे समय तक किसी बीमारी से ग्रस्त रहता है | तो इस वजह से भी हमारे शरीर को इस प्रकार की समस्या से सामना करना पड़ सकता है | या फिर कोई व्यक्ति अधिक तनाव से ग्रस्त है | तो भी उसको इस प्रकार की समस्या से पीड़ित हो सकता है |

व्यक्तित्व के कारण भी होती है समस्या – कई लोगो का व्यक्तित्व काफी अलग होता है | जैसे की लोगो से दूर रहना, किसी से अधिक बात ना करना, या फिर अधिक समय लोगो से दुरी बनाकर रहने के कारण भी शरीर को इस प्रकार समस्या से जूझना पड़ सकता है | ये समस्या केवल बचपने से ही शुरू होती है |

अधिम मात्रा में ड्रग्स या अल्कोहल के सेवन की वजह से – जो लोग अधिक मात्रा में ड्रग्स या अल्कोहल का सेवन करते है | उनको आगे चलकर इसप्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | क्यूकि उनका शरीर ड्रग्स या अल्कोहल का आदि पड़ जाता है | अगर उस वयक्ती को इनका सेवन ना करने को मिले तो उसके शरीर में बेचेनी या फिर डर व घबराहट की समस्या होने लगती है |

कैसे करे इससे बचाव

  • संतुलित आहार का सेवन करे
  • प्रतिदिन अच्छे से भोजन खाएं |
  • अपने शरीर का हिसाब रखे |
  • अस्वस्थ पदार्थों से दुरी बनाकर रहे |
  • लोगो की बीतच अपनी समस्या को रखे व उनसे बाते करे |
  • धुम्रपान व किसी भी प्रकार के नशे से बचे |
  • तनाव बिलकुल ना ले |
  • सुबह जरुर उठे व योगा करे |
  • नियमित टहलने जरुर जाये |
  • जूस का सेवन करे |

अगर आप भी इस प्रकार की समस्या से ग्रस्त है | तो आपको भी ऊपर दिए हुये सभी उपचारों को ध्यानपूर्वक अपनाना चाहिये | जिससे आप अपनी इस समस्या को जड़ से खत्म कर सके |

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